नई दिल्ली। सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविजन के ’मेरे साईं : श्रद्धा और सबुरी’ ने हर एपिसोड में जीवन बदलने वाले कुछ सबसे अनमोल सबक के साथ लोगों के दिलों-दिमाग पर गहरा असर किया है। यह शो उन नैतिक मूल्यों पर आधारित है, जिन्हें साईं बाबा की विचारधाराओं और शिक्षाओं के जरिए हर इंसान को अपने संपूर्ण अस्तित्व के लिए अपनाना चाहिए। भारतीय टेलीविजन में पौराणिक जॉनर पर राज करते हुए ’मेरे साईं’ ने इस साल पांच साल का महत्वपूर्ण पड़ाव पार कर लिया है। अब यह शो “साईं कथा“ के अगले अध्याय में कदम रखने के लिए पूरी तरह तैयार है।
टीम ने शो के पूरे लुक और फील में बदलाव के साथ साईं के जीवन के इस अध्याय को प्रस्तुत करने के लिए वास्तव में कड़ी मेहनत की है। इसमें घरों से लेकर द्वारकामाई जाने वाली सड़कों तक, शिर्डी को एक अर्ध-शहरी रूप में दर्शाया जाएगा। मुझे यकीन है कि दर्शक इस शो को इसी तरह अपना प्यार देते रहेंगे। – साईं बाबा (तुषार दल्वी)
इस शो ने एक लीप लिया है, जहां शिर्डी में एक नए युग की शुरुआत करने वालीं कहानियां दिखाई जाएंगी। उद्योगों और तकनीक के उदय के साथ, शिर्डी एक अर्ध-शहरी जीवन शैली की ओर बढ़ रहा है, जिसने बाहरी लोगों के साथ-साथ बदलाव के लिए रास्ते खोल दिए हैं। जहां उद्योगों का विकास अपरिहार्य है, वहीं इस समृद्धि का आनंद लेने के लिए एक सही संतुलन की जरूरत होती है। जहां समाज में यह बदलाव शिर्डी के नागरिकों के लिए एक सांस्कृतिक आघात है, वहीं साईं बाबा (तुषार दल्वी) उम्मीद की रोशनी बनकर सभी को प्रगति और बदलाव के बीच संतुलन की कला सिखाएंगे। साईं बताएंगे कि कैसे एक बेहतर कल के लिए इन मूल्यों को व्यक्तिगत और सामाजिक स्तर पर शामिल करना चाहिए।
इस शो में अब शिर्डी में उद्योगों के उदय के साथ वहां के लोग उन मुद्दों का सामना करते नजर आएंगे, जो 21वीं सदी का आईना हैं, क्योंकि यह एक बड़ा बदलाव होगा। इन मुद्दों को साईं बाबा के विचारों की मदद से सुलझाया जाएगा, जो आज के आधुनिक युग की समस्याओं से आसानी से जुड़ी हुई हैं, जिनमें तनाव, काम एवं जिंदगी के बीच संतुलन बनाने और नई चीजों को अपनाने से जुड़ीं समस्याएं शामिल हैं।
देखिए ’मेरे साईं : श्रद्धा और सबुरी’, हर सोमवार से शुक्रवार शाम 7 बजे, सिर्फ सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविजन पर।

