State News : एसजेवीएन ने 200 मेगावाट की एक और सौर परियोजना हासिल की: श्री नन्‍द लाल शर्मा

 

शिमला। श्री नन्‍द लाल शर्मा ने आगे कहा कि इस परियोजना के विकास की अनुमानित लागत लगभग 1200 करोड़ रुपए है। कमीशन  होने पर, परियोजना के प्रथम वर्ष में 455 मिलियन यूनिट और 25 वर्षों की अवधि में 10,480 मिलियन यूनिट उत्पन्न होने की उम्मीद है। परियोजना से लगभग 5,13,560 टन कार्बन उत्सर्जन में कमी आने की उम्मीद है। एसजेवीएन और एमएसईडीसीएल के बीच 25 वर्षों के लिए बिजली खरीद समझौते पर हस्ताक्षर किए जाएंगे।आरएफएस के अनुसार, पीपीए पर हस्ताक्षर की तिथि से 15 माह में परियोजना की कमीशनिंग की जाएगी, यदि परियोजना सौर पार्क के भीतर विकसित की जाती है और यदि परियोजना सौर पार्क के बाहर विकसित की जाती है, तो इसे 18 माह में विकसित किया जाएगा।

 

इस परियोजना के आबंटन के साथ ही कंपनी का सौर पोर्टफोलियो अब 4320.5 मेगावाट हो गया है, जिसमें से 179.5 मेगावाट प्रचालन में है, 1385 मेगावाट निर्माणाधीन है और 2756 मेगावाट कार्यान्वयन के विभिन्न चरणों में है। इसके अलावा, एसजेवीएन ने हाल ही में ओडिशा सरकार के साथ राज्य में 3000 मेगावाट हाइड्रो और सौर परियोजनाओं के विकास के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।

 

एसजेवीएन, एक प्रमुख विद्युत सीपीएसई के रूप में लगभग 45000 मेगावाट के कुल पोर्टफोलियो के साथ भारत के 15 राज्यों तथा विदेशों में 72 जलविद्युत, सौर, पवन और तापीय परियोजनाओं का विकास कर रहा है। कंपनी उल्‍लेखनीय वृद्धि की आकांक्षा रखती है तथा कंपनी ने वर्ष 2023 तक 5000 मेगावाट, 2030 तक 25000 मेगावाट और वर्ष 2040 तक 50000 मेगावाट का अपना साझा विजन निर्धारित किया है।

 

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