स्टडी फेयर 2025: ‘टाइम फॉर स्वीडन’ में भारतीय छात्रों की बढ़ती रुचि का शानदार प्रदर्शन

नई दिल्ली। भारत में स्वीडन के दूतावास और स्वीडिश इंस्टिट्यूट ने संयुक्त रूप से शिक्षा एवं आउटरीच कार्यक्रम ‘स्टडी फेयर 2025: टाइम फॉर स्वीडन’ का सफल आयोजन किया। यह फेयर भारतीय छात्रों से जबरदस्त प्रतिक्रिया के साथ संपन्न हुआ, जिसमें 300 से अधिक छात्रों ने मास्टर डिग्री और उच्च शिक्षा के अवसरों की जानकारी के लिए रजिस्ट्रेशन कराया, जबकि 130 से अधिक छात्र व्यक्तिगत रूप से शामिल हुए।
इस फेयर ने अंतिम वर्ष के छात्रों और हाल ही में स्नातक हुए युवाओं को स्वीडन की अग्रणी विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों से सीधे संवाद का अवसर प्रदान किया। छात्रों ने विभिन्न कार्यक्रमों की जानकारी ली और स्वीडन में अध्ययन एवं जीवन से संबंधित महत्वपूर्ण पहलुओं को समझा।
फेयर में शामिल प्रमुख विश्वविद्यालयों में जोनचोपिंग यूनिवर्सिटी, यूनिवर्सिटी ऑफ स्‍कोव्‍दे, मालारडालेन यूनिवर्सिटी, लिंकोपिंग यूनिवर्सिटी, कार्लस्टाड यूनिवर्सिटी, हाल्मस्टाड यूनिवर्सिटी, लिनियस यूनिवर्सिटी और यूनिवर्सिटी ऑफ बोरोस – द स्वीडिश स्कूल ऑफ टेक्सटाइल्स शामिल रहे। छात्रों को शैक्षणिक कार्यक्रमों, छात्रवृत्ति के अवसरों और शोध संभावनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही स्वीडन की अभिनव, रचनात्मक और सतत विकास पर केंद्रित वैश्विक स्तर पर प्रशंसित शिक्षा प्रणाली को भी समझाया गया।
भारत में स्वीडन के राजदूत हे. ई. जेन थेस्लेफ़ ने कार्यक्रम की सफलता पर कहा—
“स्वीडन की शिक्षा प्रणाली openness, equality और innovation पर आधारित है। भारतीय छात्रों का इतना उत्साह देखना खुशी की बात है। ऐसे आयोजन छात्रों को उनके लक्ष्यों और भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप अवसर खोजने में मदद करते हैं।”
छात्रों में उत्साह स्पष्ट रूप से देखा गया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय प्रतिनिधियों और फैकल्टी से सीधे बातचीत करने से आवेदन प्रक्रिया, पाठ्यक्रम विवरण और स्वीडन में सतत प्रौद्योगिकी एवं नवाचार पर आधारित अत्याधुनिक शोध के अवसरों को समझने में बड़ी मदद मिली।
कार्यक्रम ने एक बार फिर सिद्ध किया कि स्वीडन एक अग्रणी वैश्विक शिक्षा गंतव्य के रूप में तेजी से उभर रहा है—जहाँ उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा, जीवंत अकादमिक वातावरण और समावेशी, भविष्य-दृष्टि वाली शोध संस्कृति छात्रों को आकर्षित करती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published.