स्विगी ने सरवम के साथ मिलकर शुरू की भारत की पहली बहुभाषी वॉयस-आधारित कॉमर्स सेवा

नई दिल्ली। भारत के अग्रणी ऑन-डिमांड सुविधा प्लेटफ़ॉर्म स्विगी लिमिटेड ने फुल-स्टैक सॉवरेन AI कंपनी सरवम के साथ रणनीतिक साझेदारी करते हुए देश में पहली बहुभाषी वॉयस-आधारित कॉमर्स सेवा लॉन्च करने की घोषणा की है। यह नई सुविधा स्विगी के फूड डिलीवरी, इंस्टामार्ट और डाइनआउट प्लेटफ़ॉर्म पर उपलब्ध होगी, जिससे उपयोगकर्ता अब अपनी पसंदीदा भाषा में बोलकर ऑर्डर कर सकेंगे।

इस पहल के तहत सरवम की उन्नत AI क्षमताओं का उपयोग करते हुए वॉयस ऑर्डरिंग को सक्षम बनाया गया है। अब ग्राहक केवल बोलकर खाना या किराने का सामान मंगवा सकते हैं, जहां उत्पाद खोजने से लेकर ऑर्डर करने और भुगतान तक की पूरी प्रक्रिया AI द्वारा संचालित होगी।

डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में भी इस सेवा को मजबूती मिली है। रेज़रपे इस अनुभव को और बेहतर बनाते हुए UPI रिज़र्व पे के माध्यम से सुरक्षित और सहज एजेंटिक पेमेंट्स उपलब्ध कराने वाला पहला प्लेटफ़ॉर्म बन गया है।

भारत की भाषाई विविधता को मिलेगा नया डिजिटल समाधान

भारत जैसे बहुभाषी देश में अधिकांश डिजिटल कॉमर्स सेवाएं अभी भी सीमित भाषाओं तक ही सिमटी हुई हैं। स्विगी और सरवम की यह साझेदारी इस अंतर को खत्म करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।

नई दिल्ली में आयोजित India AI Impact Summit में इस तकनीक का लाइव प्रदर्शन भी किया गया, जहां इंस्टामार्ट के लिए फोन कॉल के जरिए ऑर्डर देने की सुविधा दिखाई गई। खास बात यह है कि उपयोगकर्ता बिना ऐप डाउनलोड किए या इंटरनेट के भी कॉल के माध्यम से ऑर्डर कर सकते हैं।

इसके साथ ही, स्विगी सरवम के चैट प्लेटफ़ॉर्म Indus पर लॉन्च होने वाला पहला कॉमर्स प्लेटफ़ॉर्म भी बन गया है, जिससे बहुभाषी उपयोगकर्ताओं को संवाद-आधारित अनुभव मिलेगा।

11 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध होगी सुविधा

सरवम के वॉयस मॉडल भारतीय भाषाओं के व्यापक डेटा पर प्रशिक्षित हैं, जिससे हिंदी, तमिल, तेलुगु, कन्नड़, बंगाली और मराठी सहित 11 भाषाओं में सहज संवाद संभव हो पाएगा। उपयोगकर्ता अब अपनी भाषा में बोलकर खाना ऑर्डर करने, डाइनआउट के लिए टेबल बुक करने और इंस्टामार्ट पर खरीदारी करने में सक्षम होंगे।

अधिकारियों ने जताई उम्मीद

स्विगी के चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर मधुसूदन राव ने कहा कि कंपनी का लक्ष्य हर भारतीय तक उसकी भाषा में सेवाएं पहुंचाना है। उन्होंने बताया कि यह पहल ‘India-first’ डिजिटल अनुभव को मजबूत करेगी, जहां AI के जरिए उपयोगकर्ता आसानी से अपनी जरूरतें पूरी कर सकेंगे।

सरवम के सह-संस्थापक प्रत्युष कुमार ने कहा कि भारत एक “वॉयस-फर्स्ट” देश है और आने वाले समय में करोड़ों नए उपयोगकर्ता अपनी भाषा में AI का उपयोग करेंगे। यह साझेदारी उस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

वहीं, रेज़रपे के चीफ प्रोडक्ट ऑफिसर खिलन हरिया ने कहा कि भविष्य का डिजिटल कॉमर्स अधिक सहज और उपयोगकर्ता-केंद्रित होगा, जहां AI उपयोगकर्ता की जरूरतों को समझकर बिना किसी बाधा के लेन-देन पूरा करेगा।

कॉमर्स के नए युग की शुरुआत

यह साझेदारी भारत में डिजिटल कॉमर्स के नए युग की शुरुआत मानी जा रही है, जहां भाषा अब बाधा नहीं बल्कि सुविधा बनेगी। वॉयस-आधारित और AI-संचालित यह सेवा न केवल तकनीक को सरल बनाएगी, बल्कि देश के करोड़ों नए उपयोगकर्ताओं को डिजिटल अर्थव्यवस्था से जोड़ने में भी अहम भूमिका निभाएगी।

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