नई दिल्ली। 22 सितंबर से बदल रही जीएसटी दरों के चलते कंपनियों को अपनी बिलिंग सिस्टम अपडेट करनी होगी। इस बदलाव को सरल बनाने के लिए टैलीप्राइम ने एक इन-बिल्ट फीचर पेश किया है, जिससे एमएसएमई और रिटेलर्स कुछ ही क्लिक में नई दरें सेट कर सकते हैं। टैलीप्राइम में कंपनियां तीन स्तरों पर दरें अपडेट कर सकती हैं — आइटम ग्रुप, लेज़र, और कंपनी लेवल। इससे हजारों आइटम भी आसानी से अपडेट हो सकते हैं, बिना तकनीकी मदद के। टैली सॉल्यूशंस के एमडी तेजस गोयनका ने कहा, “हमने पहले से ही जीएसटी रेट अपडेट की तैयारी कर ली थी ताकि यूज़र्स पहले दिन से कंप्लायंट रह सकें।”
टैली यह सुनिश्चित कर रहा है कि अनुपालन आसान, तेज और बिज़नेस-फ्रेंडली बने, जिससे कंपनियां रिटर्न फाइलिंग के व्यस्त सीजन में भी अपनी ग्रोथ पर ध्यान दे सकें।

