टाटा पॉवर-डीडीएल ने दिल्ली में गर्मी की ‘पीक पॉवर डिमांड’ पूरी करने के लिए कमर कसी

नई दिल्ली। उत्तरी दिल्ली के 90 लाख निवासियों को बिजली की आपूर्ति करने वाली अग्रणी विद्युत वितरण कंपनी टाटा पॉवर दिल्ली डिस्ट्रीब्युशन लिमिटेड (टाटा पॉवर-डीडीएल) को इस गर्मी के मौसम में बिजली की पीक डिमांड 2562 मेगावॉट तक पहुंचने का अनुमान है, जिसके लिए उसने आकस्मिक जरूरत के अलावा 2850 मेगावॉट बिजली की व्यवस्था दीर्घकालीन, मध्यम अवधि और अल्प अवधि के समझौतों के माध्यम से कर ली है।

इस साल गर्मी के मौसम में तापमान ज्यादा रहने की आशंका के चलते जून के अंत या जुलाई की शुरुआत में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में बिजली का पीक लोड 9000 मेगावॉट तक पहुंचने के आसार हैं। भारतीय मौसम विभाग की भविष्यवाणी के अनुसार उत्तर-पूर्व भारत के ज्यादातर हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रहेगा। पिछले साल गर्मी में टाटा पॉवर-डीडीएल के ऑपरेशन वाले क्षेत्र में बिजली की पीक डिमांड ने 2481 मेगावॉट के आंकड़े को छुआ था।

टाटा पॉवर-डीडीएल ‘द्विपक्षीय समझौते’, ‘रिजर्व शटडाउन’ और ‘पावर एक्सचेंज’ जैसी उन्नत तकनीकों और तरीकों का उपयोग करके निर्बाध बिजली आपूर्ति प्रदान करने के लिए पूरी तरह तैयार है। किसी भी अप्रत्याशित आकस्मिकता के लिए कंपनी ने एक्सचेंज से अल्पकालिक नोटिस पर बिजली खरीदने की व्यवस्था की है। इन प्रयासों के अलावा कंपनी उन्नत लोड-पूर्वानुमान सांख्यिकीय और मॉडलिंग तकनीकों का इस्तेमाल कर रही है, जो अधिक सटीकता के साथ बिजली की मांग का पूर्वानुमान लगाने में मदद करते हैं।

रोहिणी और रानी बाग में कंपनी की बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (बीईएसएस) भी गर्मी के महीनों के दौरान किसी भी आपात स्थिति के दौरान खास ग्राहकों को निरंतर और विश्वसनीय बिजली प्रदान करने में सहायता करेगी। यह बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली ऑफ-पीक समय में चार्ज हो जाती हैं, और पीक स्थिति में बिजली को डिस्चार्ज कर देती हैं। साथ ही यह बिजली का संग्रह करने और फिर मिलीसेकंड से सेकंड के भीतर वितरित करने में सक्षम बनाती है, जिससे इलेक्ट्रिक ग्रिड की अस्थिरता कम होती है, और अतिरिक्त ऊर्जा को सहेज कर मांग पर वितरित करने में सक्षम बनाती है।

टाटा पॉवर-डीडीएल विश्वसनीय बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए उन्नत सांख्यिकीय पूर्वानुमान मॉडल, कृत्रिम मेधा (एआई) और मशीन लर्निंग (एमएल) सहित अत्याधुनिक मौसम पूर्वानुमान समाधानों के साथ संयुक्त एडवांस टेक्नोलॉजी को बड़े स्तर पर उपयोग करती है।

टाटा पॉवर-डीडीएल के एरिया में पीक पॉवर डिमांड:

2025-26: 2562 मेगावॉट (अनुमानित)

2024-25: 2481 मेगावॉट

2023-24: 2218 मेगावॉट

2022-23: 2028 मेगावॉट

इस संबंध में कंपनी की तैयारियों का ब्यौरा देते हुए टाटा पॉवर-डीडीएल के सीईओ श्री गजानन एस. काले ने कहा, “टाटा पॉवर-डीडीएल अपने ग्राहकों को बिजली की विश्वसनीय और निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। गर्मी के पीक सीजन में हमें अपने वितरण क्षेत्र में बिजली की पीक डिमांड लगभग 2562 मेगावॉट तक पहुंचने के आसार हैं, और इस चुनौती से निपटने के लिए हम पूरी तरह से तैयार हैं। हमने अपने नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया है, एडवांस टेक्नोलोजियों को काम पर लगाया है, और बेरोकटोक ऑपरेशन सुनिश्चित करने के लिए लोड मैनेजमेंट की व्यवस्था की है। इसके अलावा जो व्यवस्था हमने की है, उसमें बेहतर रखरखाव, अतिरिक्त लोगों की तैनाती, मोबाइल ट्रांसफॉर्मर और किसी भी आकस्मिकता से तुरंत निपटने के लिए त्वरित प्रतिक्रिया दल (QRT) शामिल हैं।”

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