नई दिल्ली। मॉनसून सीजन के आगमन के साथ टाटा पावर-डीडीएल अपनी उन्नत मॉनसून तैयारी की रणनीति के माध्यम से सार्वजनिक सुरक्षा, विश्वसनीय बिजली आपूर्ति और त्वरित इमरजेंसी रिस्पॉन्स सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि करती है।
सुरक्षा तैयारियों के बारे में चर्चा करते हुए टाटा पावर-डीडीएल के प्रवक्ता ने कहा, ‘‘मॉनसून के दौरान उत्पन्न होने वाले जोखिमों को कम करने के लिए हमने व्यापक प्रिवेंटिव और प्रोएक्टिव उपाय किए हैं। हमारी फील्ड टीम्स पूरी तरह अलर्ट हैं और आम लोगों के साथ-साथ अपने वर्कफोर्स को निर्बाध सेवाएं और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक संसाधन जुटाए गए हैं। हम अपने सभी उपभोक्ताओं से सतर्क रहने और सुरक्षा दिशानिर्देशों का पालन करने का आग्रह करते हैं। साथ मिलकर हम जोखिम-मुक्त और सुरक्षित मॉनसून सीजन सुनिश्चित कर सकते हैं।’”
मुख्य तैयारियों की झलक –
(1) पोल, डिस्ट्रिब्यूशन ट्रांसफार्मर्स और केबल आदि उपकरणों की मॉनसून पूर्व जांच और मेनटेनेंस।
(2) स्पेशल करंट लीकेज टेस्टिंग ड्राइव के हिस्से के रूप में हमने इस साल 30 जून, 2025 तक 50,000 से अधिक इन्स्टॉलेशंस की जांच की है। इसमें हमारे नेटवर्क पोल, स्ट्रीट लाइट पोल, सबस्टेशन फेंसिंग, एमसीडी/पीडब्ल्यूडी पार्कों की ग्रिल फेंसिंग, एटीएम और स्कूलों, अस्पतालों आदि में गेट एवं अन्य इन्स्टॉलेशंस की जांच शामिल है।
(3) इमरजेंसी रिस्पॉन्स के लिए स्पेशल टीम्स की तैनाती, विशेष रूप से बाढ़-संभावित और उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में।
(4) हमने स्कूलों, अस्पतालों, दिल्ली जल बोर्ड के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट्स और बड़े कार्यालय परिसरों आदि में 5,500 से अधिक इन्स्टॉलेशंस का स्पेशल पब्लिक इन्स्टॉलेशन सेफ्टी ऑडिट (पीआईएसए) अभियान भी पूरा किया है।
(5) बाढ़ की स्थिति में प्रभावित होने की आशंका वाले 50 से अधिक सबस्टेशनों की ऊंचाई बढ़ा दी गई है।
(6) पेड़ों की शाखाओं के टूटने या पेड़ों के गिरने के कारण होने वाली बिजली कटौती से बचने के लिए निवारक के तौर पर पेड़-पौधों की छंटाई की गई है।
इसके अलावा, जलभराव, तेज हवाएं और बिजली गिरने जैसी मॉनसून संबंधी समस्याएं पावर इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए गंभीर जोखिम पैदा करती हैं। इन चुनौतियों को देखते हुए टाटा पावर-डीडीएल जोखिमों को कम करने और जीवन की सुरक्षा के लिए इलेक्ट्रिकल सेफ्टी पर सक्रिय उपभोक्ता जागरूकता अभियान भी चला रही है। जहां भी इलेक्ट्रिकल सेफ्टी का उल्लंघन पाया जाता है, वहां नोटिस जारी/चस्पा किए जा रहे हैं तथा बिजली के झटके और अचानक जलने जैसी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में खतरनाक इन्स्टॉलेशंस की आपूर्ति बंद की जा रही है।
टाटा पावर डीडीएल की सभी फील्ड टीम्स को मॉनसून की स्थिति के लिए विशिष्ट इलेक्ट्रिकल सेफ्टी प्रोटोकॉल पर प्रशिक्षित किया गया है, जिसमें पर्सनल सेफ्टी उपकरण (पीपीई) के उपयोग और असुरक्षित प्रैक्टिसेस के लिए जीरो टॉलरेंस पर जोर दिया गया है।
कंपनी के प्रवक्ता ने आगे कहा, ‘‘ऐसे समय में आम लोगों का सहयोग बेहद ज़रूरी है। हम नागरिकों से आग्रह करते हैं कि वे बिजली के उपकरणों, खुले तारों, खुले बस-बार/फीडर खंबों या पैनल्स को छूने से बचें।

