गर्मी में दिल्ली की बिजली की मांग पूरी करने के लिए टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड ने कमर कसी

नई दिल्ली। उत्तरी दिल्ली में लगभग 90 लाख लोगों को बिजली आपूर्ति करने वाली अग्रणी बिजली-प्रदाता कंपनी टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड (Tata Power-DDL) को इस गर्मी में बिजली का पीक लोड 2622 मेगावॉट तक पहुंचने की आशा है। गर्मी में बिजली की मांग में होने वाली संभावित बढ़ोतरी को पूरा करने के लिए कंपनी ने 2900 मेगावॉट तक की बिजली के पर्याप्त इंतजाम किए हैं।

गर्मी के मौसम की तैयारियों की रणनीति के तहत टाटा पावर-डीडीएल ने पीक डिमांड के दौरान बिना किसी रुकावट के बिजली सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए कई व्यापक कदम उठाए हैं। बिजली सप्लाई की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए द्विपक्षीय समझौतों, रिजर्व शटडाउन तंत्र और पावर एक्सचेंजों में भागीदारी के जरिए पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं।

कंपनी की रोहिणी स्थित बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) सुविधाएं भी गर्मी के महीनों के दौरान किसी भी आपात स्थिति में प्रमुख ग्राहकों को लगातार और भरोसेमंद बिजली सप्लाई करने में मदद करेंगी।

विश्वस्त बिजली सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए उन्नत सांख्यिकीय/मशीन लर्निंग पूर्वानुमान मॉडल और इंटीग्रेटेड डिजिटल एनर्जी पोर्टफोलियो मैनेजमेंट एप्लिकेशन आदि जैसी कई उन्नत तकनीकों को टाटा पावर-डीडीएल बड़े पैमाने पर अपने सिस्टम में इस्तेमाल करती है।

टाटा पावर-डीडीएल के क्षेत्र में गर्मी के दौरान पीक डिमांड का ट्रेंड:

2026-27: 2622 MW (अनुमानित)

2025-26: 2410 MW

2024-25: 2481 MW

2023-24: 2218 MW

2022-23: 2028 MW

टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड के प्रवक्ता ने कहा, “टाटा पावर-डीडीएल अपने ग्राहकों को विश्वस्त और निर्बाध बिजली सप्लाई देने के लिए पूरी तरह से तैयार और प्रतिबद्ध है। जैसे-जैसे हम 2026 के गर्मी के मौसम की ओर बढ़ रहे हैं, हमें उम्मीद है कि हमारे डिस्ट्रीब्यूशन एरिया में बिजली की मांग लगभग 2622 मेगावॉट तक पहुंचेगी। हम अपनी व्यवस्था और टेक्नोलॉजी-आधारित लोड मैनेजमेंट सिस्टम की मदद से इस मांग को पूरा करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। हमने लोड मैनेजमेंट को बेहतर बनाया है, अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी लगाई हैं, और अपने नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया है, ताकि काम बिना किसी रुकावट के चलता रहे। हमारी टीम ने कुछ ऐसे कदम उठाए हैं, जिनमें मोबाइल ट्रांसफॉर्मर, ज्यादा मरम्मत, और किसी भी इमरजेंसी को तुरंत संभालने के लिए जरूरी संसाधन और क्यूआरटी की तैनाती शामिल है।”

कंपनी ने अपने ग्राहकों को बिना किसी रुकावट के बिजली सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए निम्नलिखित अतिरिक्त उपाय भी किए हैं:

नेटवर्क को मजबूत करने की गतिविधियां:

• बढ़ते लोड को पूरा करने के लिए नए डिस्ट्रीब्यूशन ट्रासंफार्मर लगाना और मौजूदा ट्रासंफार्मरों की क्षमता बढ़ाना
• सभी आवश्यक इलेक्ट्रिकल इंस्टॉलेशन का बचाव-आधारित और स्थिति-आधारित रखरखाव

ट्रिपिंग में कटौती:

• थर्मो-स्कैनिंग और फिजिकल ऑडिट के जरिए 11 kV फीडर और DTs का अनुमान-आधारित रखरखाव
• पेड़ों की नियमित कटाई-छंटाई और खराब यूनिट को बदलना
• सभी ग्रिड सबस्टेशन उपकरणों की इंफ्रा-रेड और अल्ट्रासाउंड जांच
• ग्रिड स्विचगियर का बचाव-आधारित रखरखाव
• सब-ट्रांसमिशन ओवरहेड लाइनों के आसपास की वनस्पति का रखरखाव

रखरखाव और बैकअप:

आकस्मिक स्थितियों से निपटने के लिए ब्रेकडाउन की स्थिति में इस्तेमाल के लिए मोबाइल डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मर तैनात किए गए हैं और उन्हें पूरे डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क में समान दूरी पर रखा गया है। कॉल सेंटर में अतिरिक्त स्टाफ भर्ती किया गया है। सब-ट्रांसमिशन सिस्टम में ब्रेकडाउन ठीक करने और बिजली की सप्लाई बहाल करने के लिए चौबीसों घंटे काम करने वाली विशेष टीमें भी बनाई गई हैं।

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