देवास (मध्य प्रदेश)। अमलतास विश्वविद्यालय, देवास में आयोजित भव्य स्नातकोत्तर (दीक्षांत) समारोह में तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री श्री गौतम टेटवाल को डॉक्टर ऑफ़ लिटरेचर (D.Litt.) की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें शिक्षा और तकनीकी क्षेत्र में उनके योगदान के लिए दिया गया। उच्च शिक्षा मंत्री श्री इंदर सिंह परमार ने स्वयं उन्हें यह उपाधि प्रदान की।
इस गरिमामय अवसर पर विश्वविद्यालय ने 200 विद्यार्थियों को डॉक्टरेट की उपाधि प्रदान की, जिससे उनके शैक्षिक सफर को एक नई ऊँचाई मिली। विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों के साथ-साथ उनके अभिभावक, शिक्षाविद, गणमान्य नागरिक और सरकारी अधिकारी भी उपस्थित रहे।
गौतम टेटवाल को D.Litt. उपाधि क्यों?
श्री गौतम टेटवाल ने तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए हैं। उनके प्रयासों से प्रदेश में तकनीकी संस्थानों का विकास, नए कोर्सों की शुरुआत और युवाओं के लिए रोजगारपरक शिक्षा को बढ़ावा मिला है। इसी योगदान को देखते हुए अमलतास विश्वविद्यालय ने उन्हें डॉक्टर ऑफ़ लिटरेचर (D.Litt.) की मानद उपाधि प्रदान की।
मुख्य अतिथियों के विचार
दीक्षांत समारोह में उच्च शिक्षा मंत्री श्री इंदर सिंह परमार ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा,
“शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह नवाचार, समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण का आधार भी है। डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त करने वाले छात्र अब अपने ज्ञान और शोध से समाज में सकारात्मक बदलाव लाएँगे।”
श्री गौतम टेटवाल ने भी इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा, “मुझे यह उपाधि प्राप्त कर गर्व महसूस हो रहा है। यह न केवल मेरा सम्मान है बल्कि उन सभी युवाओं और शिक्षकों का भी सम्मान है जो शिक्षा और तकनीकी क्षेत्र में बदलाव लाने के लिए कार्य कर रहे हैं। शिक्षा के माध्यम से ही हम देश को आत्मनिर्भर और विकसित बना सकते हैं।”
दीक्षांत समारोह की भव्यता
दीक्षांत समारोह में विश्वविद्यालय के कुलपति, प्रोफेसर, फैकल्टी मेंबर्स, शोधकर्ता और अभिभावक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान मेधावी छात्रों को विशेष पुरस्कार भी दिए गए। समारोह में छात्रों ने अपने अनुभव साझा किए और अपने उज्जवल भविष्य के सपनों को साकार करने के लिए संकल्प लिया।
शिक्षा के नए आयाम
यह समारोह न केवल विद्यार्थियों के लिए बल्कि संपूर्ण शिक्षाजगत के लिए एक प्रेरणादायक क्षण था। विश्वविद्यालय प्रशासन और अतिथियों ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएँ दीं और उन्हें अपने ज्ञान का उपयोग समाज और राष्ट्र के विकास में करने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर कई गणमान्य अतिथि, शिक्षाविद् और समाजसेवी उपस्थित रहे, जिन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे नवाचारों और छात्रों की उपलब्धियों की सराहना की।

