… तो धनतेरस पर बरसेगी लक्ष्मी

 

पांच दिवसीय दीपोत्सव का पहला दिन होता है धनतेरस। इस दिन से ही दीपावली का त्योहार प्रारंभ हो जाता है। इस दिन शाम के समय अधिकांश व्यापारी अपने घरों और प्रतिष्ठानों में पूजन करते हैं। यदि दिन दो मायनों में बेहद खास होता है। एक तो यह आयुर्वेद के जनक भगवान धनवंतरि के प्रकट होने का दिन है इसलिए यह दिन आरोग्यता प्राप्त करने के लिहाज से महत्वपूर्ण है और दूसरा यह दिन मां लक्ष्मी का प्रिय दिन है। इसलिए इस दिन धन और कई जगह कलम-दवात की पूजा भी की जाती है। इस दिन धन प्राप्ति के लिए कई उपाय किए जाते हैं। ये सारे टोटके अत्यंत कारगर होते हैं और शीघ्र अपना सकारात्मक प्रभाव दिखाते हैं। यदि आपके काम होते-होते अटक जाते हैं। काफी प्रय‘ों के बाद भी आपको नौकरी में या व्यापार में तरक्की नहीं मिल पा रही है, तो यह प्रयोग तीन दिन करना चाहिए । धनतेरस के दिन से प्रारंभ करके दीपावली तक लगातार तीन दिन शाम के समय हाथ-पैर धोकर साफ कपड़े पहनकर अपने पूजा स्थान में बैठें और गणपति के संकटनाशन स्तोत्र के पांच पाठ करें। इसके बाद गाय को हरा चारा या हरी सब्जी खिलाएं। जल्द ही आपकी उन्नति के रास्ते खुलने लगेंगे।
चांदी की दो ठोस गोली खरीदकर लाएं
धनतेरस के दिन चांदी की दो ठोस गोली खरीदकर लाएं। इन्हें गंगाजल से शुद्ध करने के बाद इन पर केसर का तिलक लगाएं। इन्हें लाल कपड़े में बांधकर अपनी तिजोरी में रखें।
लक्ष्मी माता की तस्वीर
यदि आप पर कर्ज हो गया है और यह बढ़ता जा रहा है तो धनतेरस के दिन चांदी का एक कड़ा बनवाएं। इसे शाम के समय लक्ष्मी माता की तस्वीर या प्रतिमा के चरणों में रखें। दीपावली के दिन इस कड़े को लक्ष्मी पूजा में शामिल करें और उसी दिन इसे अपने हाथ में पहन लें। धन संबंधी समस्या शीघ्र दूर होने लगेगी।
महालक्ष्मी अष्टक का पाठ
धनतेरस की शाम के समय महालक्ष्मी अष्टक का पाठ करना अत्यंत फलदायी कहा गया है। संभव हो तो इसके पांच या 11 पाठ अवश्य करें। धनतेरस को प्रात: ब्रह्ममुहूर्त में उठें घर के बाहर सफाई करके अपने मुख्य दरवाजे के बाहर दाहिनी ओर एक लोटा जल डालेंपर । इस पर थोड़े से अक्षत रखकर उस पर एक दीया लगाएं। महालक्ष्मी माता से अपने घर में आरोग्यता की कामना करें। ऐसा करने से वर्षभर परिवार के सदस्यों पर बीमारी का साया नहीं पड़ता।
सादा सफ़ेद कागज लें
अटूट लक्ष्मी की प्राप्ति के लिए धनतेरस के दिन यह प्रयोग करना अत्यंत फलदायी बताया गया है। एक सादा सफ़ेद कागज लें। इस पर केसर की स्याही से 1०8 बार श्रीं लिखें। इस कागज को दीपावली की पूजा में रखें। इसे कांच की फ्रेम में जड़वाकर घर या दुकान-ऑफिस में लगाएं। धन संपन्नता बरसने लगेगी।
तीव्र वशीकरण
धनतेरस के दिन अनार के पौधे की जड़ लेकर आएं। इसे कच्चे दूध और गंगाजल से धो लें। सिदूर लगाकर चांदी के ताबीज में भरकर अपने गले में पहनें। इससे आपके किसी भी काम में कभी रुकावट नहीं आएंगे। यह प्रयोग एक तीव्र वशीकरण की तरह काम करता है। जब तक यह ताबीज आपके पास रहेगा, आपके आकर्षण प्रभाव में भी वृद्धि होती रहेगी।धनतेरस के दिन पूजा में एक दक्षिणावर्ती शंख में चावल के दाने और गुलाब के फूल की पंखुडिèयां डालकर रखें। धन लाभ होने लगता है।
भूलकर भी न खरीदें ये 5 चीजें, मालामाल की जगह हो जाएंगे कंगाल
ऐसी मान्यता है भगवान धनवंतरि जब समुद्र मंथन से उत्पन्न थे तब उनके हाथ में अमृत से भरा कलश था इसलिए इस दिन बर्तन खरीदने की परंपरा है। इस दिन खरीदारी करने से धन में 13 गुना की बढ़ोत्तरी होती है। लेकिन धनतेरस पर कुछ चीजों को खरीदने से बचना चाहिए। आइए जानते हैं कौन सी वस्तु नहीं खरीदनी चाहिए। धनतेरस के दिन शीशे का सामान नहीं खरीदना चाहिए क्योंकि इसका संबंध राहु से होता है और राहु को नीच ग्रह माना जाता हैं। कांच का सामान धनतेरस पर खरीदने से इस दिन शुभ फल की प्राप्ति नहीं होती है इसलिए भूलकर भी इस दिन कांच का कोई भी सामान नहीं खरीदना चाहिए। धनतेरस पर एल्युमिनियम का बर्तन भी खरीदना वर्जित माना जाता है। इसका संबंध भी राहु से होता है इसलिए इसको शुभ नहीं माना जाता है। यही कारण कि एल्युमिनियम का प्रयोग पूजा-पाठ में नहीं किया जाता है।
धनतेरस के दिन किचेन में काम आने वाली वस्तुएं जैसे नुकीला वस्तु, चाकू और लोहे के बर्तन नहीं खरीदना चाहिए। सोने के आभूषणों की बजाय हीरे और चांदी के आभूषण खरीदना अधिक शुभ रहेगा। सोना खरीदना हो तो बिस्कुट या बॉड खरीदें लाभ होगा।
राशि के अनुसार करें खरीदारी, करें कुबेर को प्रसन्न

दीपावली से पहले धनरेसर के दिन खरीदारी करना शुभ माना जाता है। आज हम आपको वो खास उपाय बताएंगे, जिसकी मदद से आपकी आमदनी, आपकी धन दौलत और आपकी किस्मत भगवान धनवन्तरी, कुबेर देव और मां लक्ष्मी की कृपादृष्टि पाकर चमक उठेगी।
ईशान कोण की सफाई
वास्तु के अनुसार घर का ईशान कोण सबसे महत्वपूर्ण होता है। इसे देवताओं का स्थान कहते हैं। इसलिए हर घर में आमतौर पर मंदिर इसी कोण में बना होता है। घर का ईशान कोण उत्तर-पूर्व कोण को कहते हैं। धनतेरस के दिन इस कोण की सफाई जरूर करनी चाहिए। कहा जाता है कि घर का यह क्षेत्र यदि गंदा है या इस जगह पर ऐसी चीजें रखी हैं, जिनका आप कभी इस्तेमाल ही नहीं करते, तो ऐसे घर में मां लक्ष्मी की कृपा नहीं होती। इसलिए अपने घर के ईशान कोण को हमेशा साफ रखना चाहिए। खासतौर से धनतेरस के दिन इस स्थान की साफ-सफाई करने से घर के वास्तु में सुधार होता है।
पूर्व की ओर:
धनतेरस के दिन सवेरे ही उठकर घर के पूर्व के स्थानों को साफ अवश्य करें। इससे घर में सकारात्मक ऊर्ज़ा का संचार होता है। घर में मां लक्ष्मी का वास होता है।
उत्तर दिशा :
घर के उत्तर दिशा का साफ होना भी महत्वपूर्ण है। कहते हैं इससे मां लक्ष्मी घर में वास करती हैं।

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