बाघ, कदम और कनेक्टिविटी: अलवर से गूंजा संरक्षण-फिटनेस-पर्यटन का वैश्विक संदेश

अलवर। अरावली की पहाड़ियों और सरिस्का के साये में रविवार सुबह जब हजारों कदम एक साथ आगे बढ़े, तो अलवर केवल एक शहर नहीं रहा वह बाघ संरक्षण, स्वस्थ जीवनशैली और जिम्मेदार पर्यटन का राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मंच बन गया। इसी संदेश के साथ अलवर टाइगर इंटरनेशनल हाफ मैराथन–2026 (एटीएम–2026) का भव्य शुभारंभ हुआ, जिसमें देश-विदेश से आए धावकों ने प्रकृति और भविष्य के प्रति साझा संकल्प के साथ दौड़ लगाई।

मैराथन को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी, केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव तथा आयोजन के ब्रांड एंबेसडर अभिनेता रणदीप हुड्डा ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। आयोजन स्थल से लेकर पूरे रूट पर सुरक्षा, यातायात, चिकित्सा और व्यवस्थागत अनुशासन के पुख्ता इंतजाम रहे।

संयोजकों के अनुसार सबसे पहले सुबह करीब 6 बजे 21 किलोमीटर इंटरनेशनल हाफ मैराथन शुरू हुई। इसके बाद 10 किलोमीटर रन, 5 किलोमीटर शक्ति रन और 2 किलोमीटर पैरा रन आयोजित किए गए। सभी श्रेणियों में धावकों को निर्धारित समय पर रवाना किया गया।
मैराथन मार्ग पर हर 600 मीटर पर शहर की संस्थाओं, व्यापारिक संगठनों और सामाजिक समूहों द्वारा बनाए गए 40 उत्साहवर्धन प्वाइंट्स ने संगीत, नारों और तालियों के साथ धावकों का हौसला बढ़ाया।

एटीएम–2026 में केन्या, नीदरलैंड, दक्षिण अफ्रीका सहित 8 देशों के अंतरराष्ट्रीय धावकों ने भाग लिया। कुल प्रतिभागियों की संख्या 18 हजार से अधिक रही, जिसमें बड़ी संख्या में युवा, महिलाएं, वरिष्ठ नागरिक और लगभग 400 दिव्यांगजन शामिल थे। उल्लेखनीय है कि आयोजन ने अपने दूसरे संस्करण में ही राष्ट्रीय के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय पहचान मजबूत की।

विभिन्न श्रेणियों के विजेताओं के लिए कुल 90 लाख 37 हजार 500 रुपये की पुरस्कार राशि निर्धारित की गई। इंटरनेशनल हाफ मैराथन के शीर्ष विजेता को 7,500 अमेरिकी डॉलर (लगभग 6.78 लाख रुपये) का पुरस्कार दिया जाएगा। प्रतियोगिता कुल 8 श्रेणियों में आयोजित की गई।

उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कहा कि यह मैराथन उस सोच को आगे बढ़ाती है, जिसमें स्वस्थ नागरिक, सुरक्षित पर्यावरण और सतत विकास एक-दूसरे के पूरक हैं, और पर्यटन की दृष्टि से भी यह आयोजन अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने इस आयोजन के लिए केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव का आभार देते हुए भरोसा जताया की आने वाले वर्षों मेँ अलवर हाफ टाइगर मैराथन मुंबई और दिल्ली मेँ होने वाली मैराथन जैसे आयोजन मेँ शामिल होंगी, उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कहा की राजस्थान पर्यटन इस मैराथन का अहम हिस्सा है आने वाले दिनों मेँ स्पोर्ट्स टूरिज्म भविष्य के पर्यटन को बढ़ावा देगा.

दिल्ली-एनसीआर के सबसे नजदीकी टाइगर हैबिटैट सरिस्का टाइगर रिज़र्व से जुड़े अलवर में आयोजित यह मैराथन संरक्षण के साथ-साथ पर्यटन संवर्धन का प्रभावी माध्यम बनी। अरावली की पर्वतमालाएं, सरिस्का के जंगल, ऐतिहासिक किले और झीलें—इन सभी को इस आयोजन के जरिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतिभागियों के सामने प्रस्तुत किया गया। आयोजन से होटल उद्योग, परिवहन, स्थानीय व्यापार और गाइड सेवाओं को भी उल्लेखनीय लाभ मिला।

एटीएम–2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फिट इंडिया विज़न और पर्यावरण संरक्षण की राष्ट्रीय सोच से जोड़कर देखा गया। आयोजन को अलवर को इको-टूरिज्म, वाइल्डलाइफ टूरिज्म और स्पोर्ट्स टूरिज्म के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में अहम कदम माना गया।
आयोजकों के अनुसार अलवर टाइगर मैराथन का संदेश स्पष्ट और दूरगामी रहा “बाघ सुरक्षित रहेगा तो जंगल सुरक्षित रहेंगे, और जंगल सुरक्षित रहेंगे तो पर्यावरण, पर्यटन और भविष्य सुरक्षित रहेगा।”
एटीएम–2026 ने सिद्ध किया कि जब खेल, संरक्षण और पर्यटन एक साझा उद्देश्य के साथ आगे बढ़ते हैं, तो उनका प्रभाव स्थानीय सीमाओं से निकलकर वैश्विक स्तर तक पहुंचता है।

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