नई दिल्ली। दूरसंचार क्षेत्र के लिए भारत के प्रमुख कौशल विकास संस्थान टेलीकॉम सेक्टर स्किल काउंसिल (टीएसएससी) ने केरल से लेकर दिल्ली, हैदराबाद और गुवाहाटी तक केंद्रों के साथ अपना विस्तार करने के लिए कौशल आधारित संगठन ब्रिटको एंड ब्रिडको के साथ साझीदारी की है। इन केंद्रों पर टीएसएससी की परीक्षाओं को संपन्न कराने की सुविधा होगी। इस साझीदारी के तहत स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थियों को विदेष दूरसंचार पाठ्यक्रमों की पेशकेशपर जोर दिया जाएगा। ये पाठ्यक्रम नई शिक्षा नीति 2020 के उद्देशयों के अनुरूप हैं और विद्यार्थियों को अपना खुद का व्यवसाय शुरू करने या प्रतिष्ठित संगठनों में नौकरी पाने का अवसर देते हैं। आगामी कैरिकुलम उन्नत प्रौद्योगिकियों में कौशल बढ़ाने के मिशन के साथ है जिससे विद्यार्थियों के लिए विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार की जबरदस्त संभावना बढ़ेगी। पारंपरिक डिग्री या डिप्लोमा के साथ यह स्किल स्कोरिंग सिस्टम उन्हें आधुनिक रोजगार और उद्यमशीलता के अवसरों के लिए आश्वस्त करता है।
टीएसएससी के सीईओ श्री अरविंद बाली ने कहा, युवाओं को इस देश के कार्यबल के लिए सही मायने में एक संपत्ति बनाने के लिए हमें उन्हें ना केवल आवश्यक कौशल उपलब्ध कराना होगा, बल्कि उचित प्रमाणन एवं मान्यता भी देनी होगी। दूरसंचार क्षेत्र में कार्यबल को प्रतिशिक्षित करने का समय आ गया है और टीएसएससी इस क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण संगठन है क्योंकि देश की जीडीपी में अकेले इस क्षेत्र का करीब 8.5 प्रतिशत योगदान है। भारत कुशल प्रतिभाशाली कार्यबल का एक हब है और यह भारतीय एवं वैश्विक आईटी कंपनियों को कार्यबल उपलब्ध करा रहा है। ब्रिटको एंड ब्रिडको के साथ इस साझीदारी से प्रतिशिक्षित हैंडसेट रिपेयरकर्ताओं और इससे जुड़ी सेवाओं का एक जबरदस्त पारितंत्र तैयार होगा।
भारत के लिए डेलॉयट के 2022 टीएमटी अनुमान के मुताबिक, वर्ष 2021 में भारत ने 1.2 अरब मोबाइल उपभोक्ता दर्ज किए जिसमें से करीब 75 लाख स्मार्टफोन यूजर्स रहे। एक सर्विस इंजीनियर सालाना 3000 डिवाइस को सुविधा दे सकता है। इस प्रकार से हमें डिवाइस की मौजूदा संख्या को बनाए रखने के लिए 4 से 5 लाख सर्विस इंजीनियरों की जरूरत पड़ेगी। टीएसएससी के आधिकारिक प्रशिक्षण साझीदारी के तौर पर ब्रिटको एंड ब्रिडको पहले ही कई उम्मीदवारों को प्रतिशिक्षित कर चुकी है जिन्होंने एमईए क्षेत्र में अच्छी खासी नौकरियां हासिल की हैं। एनएसक्यूएफ मानक के मुताबिक प्रशिक्षण पूरा कर चुका एक उम्मीदवार पात्रता परीक्षा पास करने के बाद सर्विस इंजीनियर का प्रमाण पत्र हासिल कर सकता है।
ब्रिटको एंड ब्रिडको के प्रबंध निदेशक श्री मुथू कोझिचेना ने कहा, श्हमारे जीवन का प्रत्येक हिस्सा मोबाइल फोन पर निर्भर है। हासिल किए गए कौशल और आवश्यक कौशल के बीच भारी अंतर है और इस सरकार ने इस पर जोर दिया है। मेरा मानना है कि हम प्रतिभाशाली कार्यबल का एक वैश्विक केंद्र बनने के लिए अगले तीन चार साल में हमारे पड़ोसी देशों के साथ प्रतिस्पर्धा कर सकते हैं। इस मौके पर टीएसएससी के सीईओ अरविंद बाली, ब्रिटको एंड ब्रिडको के प्रबंध निदेशक मुथू कोझिचेना, ब्रिटको एंड ब्रिडको के कार्यकारी निदेशक उन्नीकृष्णन किनानूर, आईएमपीटी नई दिल्ली के प्रबंध निदेशक वीपीए कुट्टी मौजूद थे।

