इतिहास और भौगोलिक स्थिति से समझें भारत की समृद्धि

नई दिल्ली। कई पुस्तकों के लेखक और जाने माने पत्रकार दीपक कुमार की नई पुस्तक INDIAN HISTO MAP का विमोचन आज(16 फरवरी 2024) दिल्ली के प्रगति मैदान मैं लगने वाले World Book Fair मैं हुआ।पुस्तक का लोकार्पण अखिल भारतीय इतिहास संकलन योजना के राष्ट्रीय संगठन मंत्री श्री बालमुकुंद पांडे के हाथों हुआ। कार्यक्रम का आयोजन पुस्तक के प्रकाशक किताब वाले के आयोजकों की ओर से किया गया था।इस अवसर पर  डा. राकेश मंजुला, सुमेर सिंह सोलंक(राज्य सभा संसदसदस्य एवं इतिहासकार) और डा. अमित राय जैन(इतिहासकार) भी उपस्थित थे।प्रोग्राम मैं लेखक दीपक कुमार के परिवार जनों के अलावा बड़ी संख्या मैं मीडिया कर्मियों,लेखकों, विद्यार्थियों और पुस्तक प्रेमियों ने हिस्सा लिया।इस अवसर पर श्री पब्लिशर ने मंच पर श्री बालमुकुंद पांडे जी का अभिनंदन किया।इस अवसर पर बोलते हुए श्री बालमुकुंद पांडे जी ने कहा पत्रकार दीपक कुमार अपने काम से जुनून की हद तक प्रेम करते हैं पुस्तक लिखने के दौरान छोटी-छोटी बातो को पूछने के लिए भी कई बार मिलने आते  थे।और उनका उत्साह देखने लायक होता था।बोहोत ही गोपनीय ढंग से उन्होंने इस पुस्तक पर काम किया है ।

वरिष्ठ हैं हमारे लिए धरोवर हैं और ईश्वर इनको लंबी आयु दें।उन्होंने इस अवसर पर दीपक कुमार को उनके आने वाले नए प्रोजेक्ट प्रतिरोध का इतिहास के लिए शुभ कामनाएं देते हुए  दीपक कुमार की प्रशंसा की ओर कहा के निस्वार्थ हो कर तन मन धन के साथ देश के विकास के लिए ऐसे लाखों कार्यकर्ता काम कर रहे हैं। उन्होंने  इस पुस्तक को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने की बात करते हुए एक सुझाव भी दिया के एक ऐसी पुस्तक भी छापी जानी चाहिए जिस मैं यह नक्शे रंगीन हों।नक्शे बनते और बिगड़ते हैं लेकिन यह पुस्तक एक पूंजी है भारत के यह ऐसे नक्शे हैं की हर नक्शे पर रिसर्च हो सकती है।उन्होंने कहा के बोहोत कम समय मैं छपने वाली पुस्तक मैं दीपक कुमार ने बड़ा योगदान दिया है।और इन नक्शों को देख कर हम भारत की समृद्धि इतिहास और भौगोलिक स्थिति को भली भांति समझ सकते हैं।उन्होंने कहा के इस पुस्तक के लिए पूरा देश दीपक कुमार का आजीवन ऋणी रहेगा ।

इस अवसर पर अपनी पुस्तक के सन्दर्भ मैं रोशनी डालते हुए लेखक दीपक कुमार ने बताया के 1993 मैं मेरी पुस्तक का विमोचन माननीय श्री अशोक सिंघल जी ने किया था। उस समय वह विश्व हिन्दू परिषद् के महामंत्री थे। उस कार्यक्रम में माननीय ठाकुर राम सिंह भी उपस्थित थे और उन्होंने मुझसे कहा था आज तक के भारत के इतिहास की वर्षा वली तैयार करो।मैंने उनसे कहा था के मैं संस्कृत नही जानता लेकिन मैं इस पर अवश्य काम करूंगा।इस विषय पे मैं धीरे-धीरे काम करता रहा और आज जो वंशावली तैयार हुई है वो ए-4 साइज़ के 2800 पेज की है जिसे मैंने QR Code में दिखाया है| इसके अलावा मेने पुस्तक को 8 भागो मैं विभाजित किया है।इस पुस्तक मैं मैने भारत पर राज्य करने वाले सभी राजाओं के साम्राज्य काल और हर 50-50 साल के अंतराल पर भारत के नक्शे मैं आने वाले बदलाव को दर्शाया है।कैसे-कैसे भारत को यूरोपियन कंपनियों द्वारा लूटने की साजिशें हुई लड़ाइयां हुईं और संधियां हुईं इस सबका विवरण इस पुस्तक मैं मौजूद है।दीपक कुमार ने इस पुस्तक को खरीद कर पढ़ने का आग्रह करते हुए यह भी बताया के रिसर्च करने वाले छात्रों के लिए यह पुस्तक बोहोत लाभकारी साबित होगी।

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