
नई दिल्ली। रोहिणी सेक्टर-18 में आयोजित विराट हिंदू महासम्मेलन ने राजधानी में आस्था, एकता और सांस्कृतिक चेतना का अद्भुत वातावरण निर्मित कर दिया। इस भव्य आयोजन में समाज के विभिन्न वर्गों, संत-महात्माओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और बड़ी संख्या में नागरिकों की उपस्थिति ने इसे एक ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान किया।
महासम्मेलन का उद्देश्य हिंदू समाज की सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक मूल्यों और सामाजिक समरसता को सशक्त करना रहा। कार्यक्रम स्थल पर भक्ति, उत्साह और राष्ट्रभावना से ओतप्रोत वातावरण देखने को मिला, जहां उपस्थित जनसमूह ने सामाजिक एकजुटता और सांस्कृतिक गौरव का संदेश दिया।
इस अवसर पर समाजसेवी डॉ. अजय बंसल भी सहभागी रहे। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज को अपनी जड़ों से जोड़ते हैं और नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, परंपरा और आस्था के प्रति जागरूक करते हैं। उन्होंने इसे समाज के लिए प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन सामाजिक सद्भाव और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
महासम्मेलन में विभिन्न वक्ताओं ने सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक संरक्षण और समाजहित के विषयों पर अपने विचार रखे। आयोजन में धार्मिक भजनों, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और प्रेरक वक्तव्यों ने उपस्थित लोगों को भावविभोर कर दिया।
