महिला सशक्तिकरण राष्ट्र की प्रगति का आधार :डॉ. शंकर प्रसाद शर्मा

नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर मित्र मंच मानव कल्याण (भारत) की ओर से नई दिल्ली के आईटीओ स्थित प्यारे लाल भवन के सभागार में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें नेपाल के भारत में राजदूत डॉ. शंकर प्रसाद शर्मा ने संवाद के दौरान कहा कि किसी भी राष्ट्र के सतत विकास और सामाजिक संतुलन के लिए महिलाओं को समान अवसर और सम्मान मिलना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि महिला सशक्तिकरण केवल एक सामाजिक मुद्दा नहीं, बल्कि आर्थिक और राष्ट्रीय प्रगति का भी महत्वपूर्ण आधार है। जब महिलाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और नेतृत्व के अवसर मिलते हैं, तो उसका सकारात्मक प्रभाव पूरे समाज और आने वाली पीढ़ियों पर पड़ता है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत और नेपाल, में महिलाएं शिक्षा, राजनीति, व्यवसाय और सामाजिक नेतृत्व के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रही हैं। यह बदलाव इस बात का संकेत है कि समाज धीरे-धीरे समानता और न्याय की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

महिला दिवस केवल उत्सव का दिन नहीं है, बल्कि यह समाज को यह याद दिलाने का अवसर भी है कि महिलाओं की क्षमता और प्रतिभा को पहचानना और उन्हें आगे बढ़ने का अवसर देना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। संवाद के दौरान सुप्रीम कोर्ट की एडवोकेट रीना एन सिंह ने कहा कि मानव तस्करी सिर्फ एक अपराध नहीं है, बल्कि यह मानव गरिमा, स्वतंत्रता और महिलाओं की सुरक्षा पर सीधा हमला है। भारत और नेपाल जैसे पड़ोसी देशों के बीच सहयोग, जागरूकता और मजबूत कानूनी तंत्र के माध्यम से ही इस समस्या से प्रभावी ढंग से निपटा जा सकता है। इस प्रकार के संवाद और मंच समाज में जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ पीड़ित महिलाओं को सम्मान के साथ पुनः समाज से जोड़ने और उन्हें सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।

महिलाओं के सशक्तिकरण की चर्चा आज केवल नीतियों और योजनाओं तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि यह समाज की सोच और पारिवारिक वातावरण से भी गहराई से जुड़ा हुआ विषय बन चुका है। इसी संदर्भ में वरिष्ठ पत्रकार और डेजल कम्युनिकेशन की डायरेक्टर तबस्सुम हक का यह कथन बेहद महत्वपूर्ण है कि महिलाओं में सबसे पहले आत्मविश्वास जगाना आवश्यक है। उनका मानना है कि यदि महिलाओं के भीतर आत्मविश्वास हो और परिवार का माहौल सकारात्मक व सहयोगपूर्ण हो, तो वे जीवन की हर उस मंजिल को हासिल कर सकती हैं, जिसका सपना उन्होंने देखा है।

अपने वक्तव्य में मित्र मंच मानव कल्याण (भारत) की महिला अध्यक्ष अनीता क्षेत्री ने संस्था के कार्यों का ब्यौरा देते हुए कहा कि किसी भी समाज की प्रगति में महिलाओं की भूमिका केंद्रीय होती है। लेकिन कई बार सामाजिक बंधन, पारंपरिक सोच और अवसरों की कमी उनके आत्मविश्वास को कमजोर कर देती है। ऐसे में जरूरी है कि परिवार, समाज और संस्थाएं मिलकर ऐसा वातावरण तैयार करें, जिसमें महिलाएं अपने विचार खुलकर व्यक्त कर सकें और अपने सपनों को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ सकें।
मित्र मंच मानव कल्याण (भारत) के आयोजन में हजारों लोगों ने नेपाल के सुप्रसिद्ध गायक पशुपति शर्मा के गीतों का आनंद लिया। इस आयोजन में नुक्कड़ नाटक के माध्यम से महिलाओं की स्थिति, बदलते समाज की चुनौतियों और समाधान को दिखाया गया। कई प्रस्तुतियो के माध्यम से हर उम्र की महिलाओं ने सांस्कृतिक गीतों पर नृत्य किया। मित्र मंच मानव कल्याण (भारत) के संरक्षक डॉ अजय बंसल और अध्यक्ष विष्णु खनाल ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर मित्र मंच मानव कल्याण (भारत) की ओर से आयोजित कार्यक्रम में भाग लेने के लिए सभी महिलाओं और लोगों का आभार प्रकट किया।

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