वर्ल्ड टॉयलेट समिट 2025: स्वच्छता, गरिमा और जलवायु सुरक्षा पर वैश्विक आह्वान

नई दिल्ली। सुलभ इंटरनेशनल सोशल सर्विस ऑर्गेनाइजेशन द्वारा आयोजित वर्ल्ड टॉयलेट समिट 2025 आज डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर, नई दिल्ली में भव्य रूप से शुरू हुआ। इस वैश्विक आयोजन में दुनिया भर के नीति-निर्माताओं, विशेषज्ञों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने भाग लिया। इस वर्ष के समिट का थीम है—
“स्वच्छता: सम्मान और पृथ्वी के लिए हमारी सामूहिक जिम्मेदारी।”
समिट का मुख्य उद्देश्य स्वच्छता, मानव गरिमा और पर्यावरण संरक्षण को एकीकृत वैश्विक एजेंडा के रूप में आगे बढ़ाना है।
कार्यक्रम की शुरुआत में सुलभ इंटरनेशनल के प्रेसिडेंट श्री कुमार दिलीप ने भारत की स्वच्छता क्रांति, सामुदायिक भागीदारी और व्यवहारिक परिवर्तन आधारित मॉडल पर प्रकाश डाला। इस दौरान वर्ल्ड टॉयलेट ऑर्गेनाइजेशन की 25वीं वर्षगांठ स्मारिका भी जारी की गई।
केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी. आर. पाटिल ने जल और स्वच्छता को मानव अधिकार बताते हुए कहा:
“हमारी जिम्मेदारी है कि साफ पानी और सुरक्षित स्वच्छता आखिरी घर तक पहुँचे। सिर्फ ढांचा बनाना काफी नहीं—गुणवत्ता और गरिमा भी उतनी ही महत्वपूर्ण हैं।”
केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर ने स्वच्छता को राष्ट्र की संस्कृति और पर्यावरण सुरक्षा से जोड़ते हुए कहा:
“स्वच्छता सिर्फ सुविधा नहीं, यह हमारी संस्कृति और जिम्मेदारी है। सतत शहरों के लिए जल पुनर्चक्रण, नवाचार और युवाओं की भागीदारी अत्यंत आवश्यक है।”
दक्षिण अफ्रीका के उपमंत्री श्री डेविड माहलोबो ने कहा:
“पानी और स्वच्छता जीवन, न्याय और समानता का प्रश्न है। स्वच्छता के अधिकार में किसी को भी पीछे नहीं छोड़ा जाना चाहिए।”
वर्ल्ड टॉयलेट ऑर्गेनाइजेशन के संस्थापक जैक सिम ने भारत की स्वच्छता उपलब्धियों और वैश्विक नेतृत्व की सराहना की।
इसके अलावा विश्व बैंक और बिल एवं मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन के प्रतिनिधियों ने भी भारत की प्रगति, नवाचार और शहरी चुनौतियों पर अपने विचार साझा किए।
समिट के दौरान सतत स्वच्छता तकनीक, जलवायु-स्मार्ट समाधान और समावेशी नीतियों पर कई सत्र आयोजित किए जाएंगे। यह आयोजन वैश्विक स्वच्छता अभियान को नई दिशा देने की उम्मीद जगाता है।

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