नई दिल्ली। आज अंतर्राष्ट्ीय योग दिवस है। सौंदर्य विशेषज्ञ शहनाज हुसैन का कहना है कि सुन्दर चमकीली त्वचा, गठीला शरीर, छरहरा बदन,चेहरे पर यौवनता, चमकीले बाल तथा प्राकृतिक रूप से सुन्दर दिखने की चाहत में आज कल पिफटनेस सैन्टरों, जिम, सैलून, स्पा तथा बहु राष्ट्रीय कम्पनियों के मंहगे सौदर्य प्रसाधनों को खरीदने की होड़ आम देखी जा सकती है। आज कल के प्रदूषण,तनाव, लाइफ स्टाइल तथा दिन रात की भागदौड़ भरी जिन्दगी से आप समय से पहले ही बूढ़े दिखने लगते हैं तथा युवा उम्र में ही चेहरे पर झुर्रियां ,कील मुहाँसे ,फुंसियाँ ,काले धब्बे लगातार परेशानी का सबब बन जाते हैं। और तो और, अधिकांश लोग सुंदर दिखने की लालसा क्या क्या नहीं कर देते, लेकिन फिर भी ब्यूटी सैलूनों में घण्टों फेयरनेस ट्रीटमेंट तथा कॉस्मेटिक पर भारी खर्च करने के बाद भी चेहरे का निखार कुछ दिनों बाद ही गायब हो जाता है। ऐसे में लोग उदास होकर दिल तोड़ बैठते हैं तथा उन्हेँ लगता है कि सुंदरता तो विरासत में ही मिलती है ध्
शहनाज हुसैन कहती हैं कि लेकिन कया आप जानते हैं कि अगर आप शारीरिक रूप से सुन्दर हैं, तो आपका सौन्दर्य चेहरे पर स्वाभाविक रूप से झलकेगा। उन्होंने बताया कि कुछ योग आसनों के नियमित अभ्यास से आप प्राकृतिक सुन्दरता , दमकती त्वचा तथा शारीरिक आकर्षण ग्रहण कर सकते हैं। वास्तव में अगर आप योग साधना को अपने जीवन से जोड़ लें, तो शरीर को स्वस्थ्य रखने के साथ ही प्रकृतिक तौर पर स्थाई रूप से सुन्दर तथा प्रभावशाली भी बनाया जा सकता है। महंगे सौन्दर्य प्रसाधनों , ब्यूटी सैलूनों के महँगे उपचार तथा समय को बचाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि भारतीय आर्युवेदिक पद्धति योग के साधारण आसनों के जरिए आप स्थायी आंतरिक तथा बाहरी सौन्दर्य मुफत में आसानी में पा सकते है।
सौंदर्य विशेषज्ञ शहनाज हुसैन का कहना है कि येाग से रक्त संचार के प्रवह में सुधार होता है, जिससे त्वचा के स्तह तक पर्याप्त मात्रा में रक्त संचार होता है। यह रक्त संचार सुन्दर त्वचा के लिए अत्यधिक आवश्यक होता है, क्योंकि इससे त्वचा को आवश्यक पोषक तत्व उपलब्ध होते हैं, जिससे त्वचा सुन्दर तथा निखरी दिखाई देती है। योग के माध्यम से शरीर के विषैले तत्व त्वचा के माध्यम से बाहर आते है तथा रक्त संचित त्वचा के मामले में योग सबसे ज्यादा लाभदायक सिद्ध होते है। इससे त्वचा में रंगत तथा स्फूर्ति आ जाती है। योग से सौंदर्य में व्यापक निखार आता है तथा यह त्वचा को ताजा तथा बीमारियों से पूरी तरह मुक्त रखती है। यह अवधारणा बालों पर भी लागू होती है। योग से सिर की खाल तथा बालों के कोश में रक्त संचार तथा आक्सीजन का व्यापक निरन्तर प्रवाह होता है। इससे बालों के रक्त संचार को पोष्टिक तत्व पहुंचाने में काफी मदद मिलती है जिससे बालो की वृद्धि तथा सिर की खाल को स्वास्थ्य रखने में बहुत मदद मिलती है।

