नई दिल्ली। इटरनल समूह की कंपनियों जोमैटो और ब्लिंकिट ने स्टार्टअप इंडिया और डीपीआईआईटी के सहयोग से नई दिल्ली में ‘पावरिंग इनक्लूसिव ग्रोथ: रोल ऑफ प्लेटफॉर्म्स’ सम्मेलन के तीसरे संस्करण का आयोजन किया। इस सम्मेलन में वरिष्ठ नीति निर्माता, प्रमुख प्लेटफॉर्म कंपनियां, सिविल सोसायटी संगठन, शैक्षणिक संस्थान और नवाचार से जुड़े विशेषज्ञ शामिल हुए। सभी ने पैनल चर्चा में भाग लिया। इन पैनल चर्चाओं का उद्देश्य प्लेटफॉर्म आधारित कार्यबल के कल्याण के लिए लागू करने योग्य सुझाव तैयार करना था।
सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में श्रम एवं रोजगार मंत्रालय और युवा मामले एवं खेल मंत्रालय के माननीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया शामिल हुए। उन्होंने मुख्य भाषण दिया। प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद की सदस्य डॉ. शमिका रवि, दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की अतिरिक्त सचिव सुश्री मनमीत कौर नंदा और पेंशन फंड नियामक एवं विकास प्राधिकरण के पूर्णकालिक सदस्य (कानून) श्री रणदीप सिंह जगपाल विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए और सम्मेलन को संबोधित किया।
मुख्य अतिथि डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा, “यह देखना उत्साहजनक है कि उद्योग जगत के नेता, नवाचार से जुड़े लोग और प्लेटफॉर्म कंपनियां डिलीवरी कर्मियों के कल्याण के लिए एक साथ आ रही हैं। प्लेटफॉर्म आधारित काम ने देश भर में लाखों लोगों के लिए नए अवसर खोले हैं। अब हमारी जिम्मेदारी है कि इस विकास के साथ मजबूत सुरक्षा उपाय और सामाजिक सुरक्षा की पहुंच भी सुनिश्चित की जाए। प्लेटफॉर्म कंपनियां डिलीवरी कर्मियों के कल्याण में निवेश कर रही हैं। नीति समर्थन और रचनात्मक संवाद से इन प्रयासों को और मजबूत किया जा सकता है। हम प्लेटफॉर्म कंपनियों से आग्रह करते हैं कि वे स्वयं और अपने प्लेटफॉर्म कर्मियों का ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण कराएं और उनके कल्याण में सक्रिय रूप से निवेश करें।”
विशिष्ट अतिथि के रूप में बोलते हुए डॉ. शमिका रवि – मेंबर, इकोनॉमिक एडवाइजरी काउंसिल टू द प्राइम मिनिस्टर ने कहा, “भारत की डिजिटल सार्वजनिक संरचना ने नए आर्थिक अवसर पैदा किए हैं। इससे एक मजबूत प्लेटफॉर्म तंत्र विकसित हुआ है, जिसने काम करने, रोजगार पाने और आय सृजित करने के तरीकों को बदल दिया है। जैसे-जैसे गिग और प्लेटफॉर्म अर्थव्यवस्था बढ़ रही है, हमें अपनी वित्तीय प्रणालियों को भी साथ-साथ मजबूत करना होगा। बचत और वित्तीय साधनों तक पहुंच देना प्लेटफॉर्म कर्मियों की आर्थिक मजबूती के लिए जरूरी है। हर काम में सम्मान होता है। जोमैटो और ब्लिंकिट जैसे प्लेटफॉर्म कर्मियों को लंबे समय की आर्थिक सुरक्षा बनाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।”
वहीं विशिष्ट अतिथि सुश्री मनमीत कौर नंदा – एडिशनल सेक्रेटरी, डिपार्टमेंट ऑफ एम्पावरमेंट ऑफ पर्सन्स विथ डिसएबिलिटीज ने कहा, “वास्तविक समावेशन आर्थिक सशक्तिकरण से ही मापा जाता है और सुगमता इसकी बुनियाद होनी चाहिए। इसे सार्वभौमिक डिजाइन का मूल सिद्धांत माना जाना चाहिए, न कि बाद में जोड़ा गया प्रावधान। हम सभी कॉरपोरेट संगठनों से अपील करते हैं कि वे अगले एक से दो वर्षों में दिव्यांगजनों की सार्थक नियुक्ति का लक्ष्य तय करें और अपने विविधता लक्ष्यों में उनका वास्तविक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करें। समावेशन की कमी को पूरे प्लेटफॉर्म तंत्र और कार्यस्थलों पर दूर करना आवश्यक है और इस दिशा में विभाग हर संभव सहयोग देने को तैयार है। हम ज़ोमैटो और ब्लिंकिट की सराहना करते हैं, जिन्होंने कड़े कौशल आकलन, सुलभ इंटरफेस और एकल माताओं (सिंगल मदर्स) को अवसर देकर बेहतरीन मिसाल पेश की है। यह दिखाता है कि कर्मचारी कल्याण और समावेशी विकास के प्रति वास्तविक प्रतिबद्धता कैसी होती है। मिलकर हम अधिक न्यायसंगत अर्थव्यवस्था का निर्माण कर सकते हैं।”
विशिष्ट अतिथि श्री रणदीप सिंह जगपाल – होल टाइम मेंबर (लॉ), पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी ने कहा, “तेजी से बढ़ती गिग वर्कफोर्स के लिए संतुलित नीतियों और साझा प्रयासों की जरूरत है। पीएफआरडीए में हम यह सुनिश्चित करने पर काम कर रहे हैं कि काम के नए रूप सामाजिक सुरक्षा को कमजोर न करें। एनपीएस ई-श्रमिक मॉडल के माध्यम से हम प्लेटफॉर्म कर्मियों को पेंशन लाभ की निरंतरता और स्थानांतरण की सुविधा दे रहे हैं। जोमैटो और ब्लिंकिट से जुड़े गिग कर्मियों की भागीदारी बढ़ रही है। इस कार्यबल के तेजी से विस्तार को देखते हुए सामाजिक सुरक्षा केवल नियामक प्राथमिकता नहीं बल्कि साझा सामाजिक जिम्मेदारी भी है। इस तरह की पहल उद्योग और नियामक संस्थाओं के बीच सहयोग का स्पष्ट उदाहरण है, जो भारत के विकास के अगले चरण को दिशा देगा।”
सम्मेलन में जोमैटो के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आदित्य मंगला ने उद्घाटन भाषण दिया। इटरनल की चीफ सस्टेनेबिलिटी ऑफिसर अंजली रवि कुमार ने भी सम्मेलन को संबोधित किया।
आदित्य मंगला ने कहा, “डिलीवरी पार्टनर प्लेटफॉर्म अर्थव्यवस्था और हमारे व्यवसाय की रीढ़ हैं। उनके कल्याण में निवेश हमारी वृद्धि के लिए जरूरी है। गिग अर्थव्यवस्था ने बड़े स्तर पर लचीले और सार्थक रोजगार दिए हैं। आर्थिक सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवा और लंबे समय के अवसर सुनिश्चित करना इस मॉडल को मजबूत करने के लिए जरूरी है। हम इसी दिशा में काम कर रहे हैं।”
अंजली रवि कुमार ने कहा, “सम्मेलन के हर संस्करण के साथ यह संवाद और अधिक ठोस और परिणाम आधारित होता गया है। तीसरे वर्ष में हमने स्वास्थ्य, सुरक्षा और वित्तीय समावेशन पर ध्यान केंद्रित किया है। ये वे क्षेत्र हैं जो डिलीवरी पार्टनर के रोजमर्रा जीवन को प्रभावित करते हैं। निरंतर प्रगति के लिए नवाचार और सहयोग दोनों जरूरी हैं। यही इस मंच का उद्देश्य है।”
पहले पैनल का विषय था “प्लेटफॉर्म कार्य में विविधता, सुरक्षा और समावेशन को आगे बढ़ाना।” इसमें सुरक्षा उपायों को मजबूत करने, शहरी आवाजाही की स्थिति सुधारने, कौशल प्रशिक्षण बढ़ाने और तकनीक आधारित सुरक्षा उपायों पर चर्चा हुई। उद्देश्य था प्लेटफॉर्म कर्मियों के कल्याण और समावेशन को मजबूत करना।
इस पैनल में इंडिया टेक डॉट ऑर्ग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रमेश कैलासम, उबर के भारत और दक्षिण एशिया के सेफ्टी ऑपरेशंस प्रमुख सूरज नायर, प्रोजेक्ट कंसर्न इंटरनेशनल इंडिया के सीईओ और कंट्री डायरेक्टर इंद्रजीत चौधरी, निकोर एसोसिएट्स की संस्थापक और मुख्य अर्थशास्त्री मिताली निकोर और आईआरएफ की मुख्य परिचालन अधिकारी अरुणा शंकारी शामिल हुए।
दूसरे पैनल का विषय था “प्लेटफॉर्म कर्मियों के लिए वित्तीय समावेशन और सामाजिक सुरक्षा लाभ तक पहुंच बढ़ाना।” इसमें चर्चा हुई कि तकनीक आधारित समाधान और आसान प्रक्रिया के माध्यम से बीमा, पेंशन और सरकारी कल्याण योजनाओं तक पहुंच कैसे बढ़ाई जा सकती है।
इस पैनल में माइकल डियास एंड एसोसिएट्स के अधिवक्ता एवं फिक्की टास्कफोर्स फॉर प्लेटफॉर्म एग्रीगेटर्स के मॉडरेटर मयंक डियास, एचडीएफसी पेंशन फंड मैनेजमेंट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्रीराम अय्यर, वरिष्ठ निदेशक कॉरपोरेट कम्युनिकेशन और ईएसजी- अर्बन कंपनी भव्या शर्मा, हकदर्शक के संस्थापक अनिकेत डोगर और फिक्सेरा के संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी अक्षर शाह शामिल हुए।
सम्मेलन में शहरी लास्ट-माइल लॉजिस्टिक्स में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर एक श्वेत पत्र भी जारी किया गया। इसे निकोर एसोसिएट्स, उदैति फाउंडेशन और सीआईआई के सेंटर फॉर वीमेंस लीडरशिप ने मिलकर तैयार किया। इसमें जोमैटो और ब्लिंकिट का योगदान भी रहा। इस पत्र में बताया गया कि शहरी लास्ट-माइल लॉजिस्टिक्स क्षेत्र भारत के विकसित भारत 2047 के लक्ष्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है, खासकर महिलाओं की कार्यबल भागीदारी को 70 प्रतिशत तक बढ़ाने के लक्ष्य में।

