डिलीवरी पार्टनर्स को सरकारी कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने के राष्ट्रव्यापी अभियान के अंतर्गत जोमैटो और ब्लिंकिट ने दिल्ली में एक शिविर का आयोजन किया

दिल्ली। ईटरनल समूह की कंपनियां—जोमैटो, भारत का अग्रणी फूड ऑर्डरिंग एवं डिलीवरी प्लेटफ़ॉर्म, और ब्लिंकिट, एक क्विक कॉमर्स प्लेटफ़ॉर्म—ने हक़दारशक के सहयोग से राष्ट्रव्यापी अभियान के अंतर्गत दिल्ली में तीसरे ‘सरकारी योजना सुविधा शिविर’ का आयोजन किया। इस पहल का उद्देश्य डिलीवरी पार्टनर्स को केंद्र और राज्य सरकार की महत्वपूर्ण कल्याणकारी योजनाओं तक सरल, सुव्यवस्थित और प्रभावी पहुंच उपलब्ध कराना है। कार्यक्रम की शोभा बढ़ाने के लिए श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, भारत सरकार के उप-सचिव, श्री मिनहाज़ अहमद मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

अप्रैल 2025 में पहल की शुरुआत के बाद से पूरे देश में विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के तहत अब तक 6,800 से अधिक डिलीवरी पार्टनर्स का पंजीकरण कराया गया है, जिसके माध्यम से ₹150 करोड़ से अधिक के अधिकार/लाभ सुनिश्चित किए गए हैं। बेंगलुरु और मुंबई में आयोजित शिविरों के बाद, दिल्ली में आयोजित इस ऑन-ग्राउंड शिविर में भी 340 से अधिक डिलीवरी पार्टनर्स को संबंधित केंद्र और राज्य योजनाओं में नामांकन कराने में सहायता मिली।

डिलीवरी पार्टनर्स ने प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (स्वास्थ्य बीमा), राशन कार्ड, ई-श्रम (असंगठित श्रमिकों का केंद्रीकृत डेटाबेस), प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (जीवन बीमा), प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा) और ‘कर्नाटक स्टेट गिग वर्कर्स इंश्योरेंस स्कीम’ जैसी योजनाओं में अधिक रुचि दिखाई है। साथ ही, बड़ी संख्या में पार्टनर्स अब स्वास्थ्य, दुर्घटना और जीवन बीमा को एक साथ शामिल करने वाले बहु-स्तरीय सुरक्षा कवरेज का चुनाव कर रहे हैं, जो समग्र सुरक्षा की बढ़ती आवश्यकता और प्राथमिकता को दर्शाता है।

कार्यक्रम में बोलते हुए, इस पहल पर प्रतिक्रिया देते हुए श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, भारत सरकार के उप-सचिव, श्री मिनहाज़ अहमद ने कहा, “जोमैटो और ब्लिंकिट की यह पहल डिलीवरी पार्टनर्स को प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना जैसी महत्वपूर्ण स्वास्थ्य बीमा योजना तथा ई-श्रम जैसे अहम पोर्टल तक पहुँच उपलब्ध कराने में सक्षम बना रही है, जो उनके लिए अत्यंत आवश्यक हैं। ऐसे शिविर अधिक परिवारों तक वह सामाजिक सुरक्षा पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, जिसके वे वास्तविक रूप से हकदार हैं। मैं उम्मीद करता हूँ कि देशभर में और अधिक डिलीवरी पार्टनर्स इन योजनाओं से जुड़कर पंजीकृत होते रहेंगे।”

कार्यक्रम में बोलते हुए, अंजली रवि कुमार, चीफ सस्टेनेबिलिटी ऑफिसर, ईटरनल ने कहा, “डिलीवरी पार्टनर्स का कल्याण हमेशा से ईटरनल के हर प्रयास का केंद्र रहा है। यह सरकारी योजना सुविधा शिविर डिलीवरी पार्टनर्स और उन सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के बीच की दूरी को कम करने में महत्वपूर्ण साबित हुआ है, जो उनके और उनके परिवारों के भविष्य को सुरक्षित बनाती हैं। हम अपने फैसिलिटेशन पार्टनर हक़दारशक के साथ मिलकर लगातार अपने आउटरीच प्रयासों को सीख रहे हैं और उन्हें बेहतर बना रहे हैं। उदाहरण के तौर पर, हमने पाया है कि महिला और दिव्यांग (PwD) डिलीवरी पार्टनर्स इन लाभों के लिए अधिक उत्साह से पंजीकरण कर रहे हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि इन योजनाओं को सभी के लिए वास्तव में सुलभ बनाने हेतु बहु-माध्यम पहुंच को और मज़बूत करने की आवश्यकता है। हम इस प्रयास को और बढ़ाने तथा देशभर में स्थायी प्रभाव पैदा करने के लिए केंद्र और राज्य मंत्रालयों के साथ निकटता से काम करने के लिए उत्सुक हैं।”

उमावती, जो पिछले तीन वर्षों से जोमैटो की डिलीवरी पार्टनर हैं, ने कहा, “मैं आयुष्मान भारत, पेंशन और ई-श्रम कार्ड जैसे लाभों के लिए आसानी से पंजीकरण कर पाई। ये लाभ मेरे और मेरे परिवार के लिए बेहद उपयोगी साबित होंगे और इन्होंने मुझे सुरक्षा और स्थिरता का भरोसा दिया है। जोमैटो और ब्लिंकिट द्वारा आयोजित सरकारी योजना सुविधा शिविर ने पूरी प्रक्रिया को बहुत सरल और समझने में आसान बना दिया। मैं अन्य डिलीवरी पार्टनर्स को भी ऐसे शिविरों में शामिल होकर लाभ उठाने की सलाह देती हूँ।”

मनोज जोशी, वाइस प्रेसिडेंट (प्रोडक्ट), हक़दारशक ने कहा, “जोमैटो और ब्लिंकिट के साथ हमारा सहयोग कल्याणकारी योजनाओं को बड़े पैमाने पर सुलभ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। हक़दारशक के डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म और पात्रता जांच इंजन के माध्यम से हम तकनीक और मानवीय सहायता को जोड़कर डिलीवरी पार्टनर्स के लिए लाभ प्राप्ति की प्रक्रिया को और अधिक सरल तथा तेज़ बना रहे हैं। हमने पाया है कि डिलीवरी पार्टनर्स ऐसा समग्र सुरक्षा कवरेज चाहते हैं जिसमें स्वास्थ्य, दुर्घटना और जीवन बीमा का संयुक्त लाभ शामिल हो। ये शिविर न केवल योजनाओं के प्रति जागरूकता बढ़ा रहे हैं, बल्कि गिग वर्कफोर्स—जो भारत के तेजी से बढ़ते वर्गों में से एक है—की भलाई को भी सुदृढ़ कर रहे हैं। हम जोमैटो और ब्लिंकिट के साथ मिलकर गिग वर्कर्स के लिए सामाजिक सुरक्षा की सुलभ और स्केलेबल पहुंच को आगे भी विस्तारित करते रहेंगे।”

यह पहल ईटरनल द्वारा डिलीवरी पार्टनर्स के कल्याण सुनिश्चित करने के व्यापक प्रयासों का हिस्सा है। इन प्रयासों में 800 से अधिक शहरों में उपलब्ध 24×7 SOS एम्बुलेंस सेवाएँ, दुर्घटना बीमा, आयकर फाइलिंग में सहायता सहित कई महत्वपूर्ण सुविधाएँ शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, पात्र महिला डिलीवरी पार्टनर्स को मातृत्व लाभ भी प्रदान किए जाते हैं।

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