श्रुति हसन ने #MyPCOSStory मूवमेंट के लिए ओजिवा से हाथ मिलाया

नई दिल्ली। सुपरस्टार श्रुति हसन ने पीसीओएस या पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए #MyPCOSStory मूवमेंट चलाने के लिए भारत के प्रमुख स्वच्छ, प्लांट-आधारित न्यूट्रिशन ब्रांड ओजिवा के साथ हाथ मिलाया है। यह मूवमेंट अपने दूसरे वर्ष में है और इसका उद्देश्य पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (पीसीओएस) से पीड़ित महिलाओं को प्रोत्साहित करना है, ताकि वे इस स्थिति के बारे में खुलकर बात कर सकें और इससे जुड़ी भ्रांतियों को दूर कर सकें। यह प्रयास एक ऐसे प्लेटफार्म को सक्षम करने का है, जहां हर महिला अपने जैसे दूसरों की मदद करने के लिए सशक्त महसूस करती है और अपने अनुभवों और इनसाइट्स को शेयर कर बेहतर बनती है।

हार्मोनल असंतुलन और प्रजनन स्वास्थ्य जैसे मुद्दे अक्सर आम बोलचाल में चर्चा के विषय के रूप में नहीं शामिल किए जाते, क्योंकि अभी भी समाज के विशाल वर्ग में खुले तौर पर इस पर चर्चा नहीं होती। इस वजह से न्यूट्रिशन ब्रांड पीसीओएस के बारे में जागरुकता फैलाने में सक्रियता से रुचि ले रहा है, क्योंकि यह आम विकार है। महिलाओं को अपने स्वास्थ्य की बेहतर देखभाल करने और लक्षणों को मैनेज करने के लिए उठाए जाने वाले निवारक कदमों के बारे में अधिक जानकारी लेनी चाहिए। इस कैम्पेन के पीछे यह विचार इस मुद्दे को दबाने के बजाय धारणा में बदलाव लाने का है, क्योंकि प्रभावित महिलाओं के सामने आने वाली जटिलताएं उनके लिए घातक हो सकती हैं।

 

श्रुति हसन ने कहा, “यह हाई-टाइम है कि हम, महिलाएं खुलकर बात करें और पीसीओएस व इसके साथ जुड़े मुद्दों पर खुलकर बोलें। इसके बारे में जागरूकता की कमी और इससे जुड़ी भ्रांतियों की वजह से महिलाएं इस स्थिति को काबू करने के लिए आवश्यक समर्थन और मार्गदर्शन प्राप्त करने में कठिनाई महसूस करती हैं। ओजिवा  #MyPCOSStory मूवमेंट पीसीओएस से जूझ रही महिलाओं के लिए एक प्लेटफार्म बनाने की दिशा में अद्भुत पहल है। इस पर खुली बातचीत करने से हम इस स्थिति को बेहतर ढंग से मैनेज कर पाएंगे।”

पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (पीसीओएस) एक हार्मोनल विकार है जो प्रजनन आयु की महिलाओं में आम है, और तो और हर पांच भारतीय महिलाओं में से एक पीसीओएस से पीड़ित है। इसकी वजह से अनियमित मासिक धर्म साइकल, गर्भधारण में कठिनाई, शरीर के वजन में बढ़ोतरी, मुंहासे, फुंसियों और/या चेहरे के बालों के साथ-साथ अंडाशय पर अल्सर हो सकता है। इन स्वास्थ्य चिंताओं को ध्यान में रखते हुए ओज़िवा मूवमेंट के 2020 वर्जन में ज्यादा से ज्यादा रुचि बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। यह मूवमेंट बढ़ते सोशल मीडिया यूजर-बेस तक पहुंचने की कोशिश कर रहा है, जहां हर दिन महिलाओं की भागीदारी और बातचीत बढ़ रही है।

ओजिवा की सह-संस्थापक आरती गिल ने इस पहल पर कहा, “भले ही पीसीओएस भारत और दुनियाभर में एक आम सिंड्रोम है, लेकिन इस स्थिति के बारे में जागरूकता की गंभीर कमी है, जो विभिन्न भ्रांतियों को जन्म देती है। सितंबर पीसीओएस अवेयरनेस मंथ होने के साथ, हमने इस विकार से लड़ने के लिए एक मजबूत कम्युनिटी मोबिलाइजेशन कैम्पेन की दिशा में अपनी ऊर्जा का निवेश करने की आवश्यकता महसूस की, जो तेजी से सभी उम्र की महिलाओं को प्रभावित कर रहा है। ओजिवा का मूल सार हमेशा लोगों को स्वस्थ और बेहतर जीवन विकल्प बनाने के लिए सशक्त बनाना रहा है और हम ऐसे उद्देश्य के साथ कामों को समर्थन देने का प्रयास करते हैं।”
इस मूवमेंट ‘टू बी बेटर, हर तरह से’ को शुरू करने से ओजिवा को उम्मीद है कि वह पीसीओएस से पीड़ित और सोशल मीडिया इनफ्लूएंसर्स को आगे लाएगी, जिससे यूजर्स को अपनी कैम्पेन में भाग लेने और कहानियों को ऑनलाइन पोस्ट करने और शेयर करने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके। यह सितंबर के पूरे महीने के लिए एक सतत अभियान होगा।

 

 

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