नई दिल्ली। केंद्रीय सड़क—परिवहन एवं राजमार्ग तथा नागर विमानन राज्य मंत्री जनरल डा. वी के सिंह ने कहा कि आज हम सभी भारतीय नागरिकों को एकजुट रहने की जरूरत है। हम एकजुट रहकर ही किसी भी चुनौती का मुकाबला कर सकते हैं। वे इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित शहीद नानक सिंह मेमोरियल लेक्चर को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हमें शहीद नानक सिंह के पदचिन्हों पर चलते हुए जाति, धर्म या संप्रदाय आदि में नहीं बंटना चाहिए। भारत की आत्मा इसके सेकुलर और डेमोक्रेटिक ताने-बाने में रहती है, जिसमें सभी समान हैं, चाहे उनकी जाति, रंग या लिंग कुछ भी हो।
कार्यक्रम का आयोजन लार्ड रैमी रैंजर जो कि शहीद नानक सिंह के पुत्र हैं, उनकी अध्यक्षता में किया गया था। कार्यक्रम में अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व चेयरमैन सरदार श्री तरलोचन सिंह, रियल एस्टेट के क्षेत्र में जाना—माना नाम श्री विनीत नंदा और विख्यात लेखक श्री शिव खेड़ा के साथ कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। इस अवसर पर श्री विनीत नंदा ने कहा कि शहीद नानक सिंह साहसी स्वतंत्रता सेनानी और एक जिंदादिल इंसान थे, जिनकी यादें ताज़ा रखने में शहीद नानक सिंह फाउंडेशन ने महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने शहीद के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के लिए फाउंडेशन का आभार जताया और कहा कि अपने महान पिता के पदचिन्हों पर लॉर्ड रैमी रेंजर को चलते देखना बेहद खास अनुभव है। उन्होंने बताया कि, नानक सिंह ने कहा था कि भारत की एकता और विविधिता इंद्रधनुष के रंगों जैसे हैं। इनमें से अगर एक भी कम हो गया तो इसका आकर्षण और सुंदरता दोनों ही कम हो जाएंगे। उनका एकता का सन्देश आज भी उतना ही जरूरी है, जितना उस दिन था जब वो भोली-भाली जिंदगियां बचाते हुए शहीद हो गये थे।

