नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने विद्युत (उपभोक्ता अधिकार) नियम, 2020 में संशोधन के माध्यम से प्रचलित बिजली टैरिफ प्रणाली में दो बदलाव पेश किए हैं। ये बदलाव हैं: दिन के समय (टीओडी) टैरिफ की शुरूआत, और स्मार्ट मीटरिंग प्रावधानों का युक्तिकरण। अधिकांश राज्य विद्युत नियामक आयोग (एसईआरसी) ने देश में बड़े वाणिज्यिक और औद्योगिक (सी एंड आई) श्रेणी के उपभोक्ताओं के लिए पहले ही टीओडी टैरिफ लागू कर दिया है। स्मार्ट मीटर की स्थापना के साथ, टैरिफ नीति के अनुसार घरेलू उपभोक्ता स्तर पर टीओडी मीटरिंग शुरू की जाएगी।
केंद्रीय विद्युत और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री आर.के. सिंह ने कहा कि टीओडी तंत्र नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों का बेहतर ग्रिड एकीकरण भी सुनिश्चित करेगा जिससे भारत के लिए तेजी से ऊर्जा परिवर्तन की सुविधा मिलेगी। श्री आर.के. सिंह ने कहा, “टीओडी टैरिफ नवीकरणीय उत्पादन के उतार-चढ़ाव के प्रबंधन में सुधार करेगा, उच्च आरई उत्पादन घंटों की अवधि के दौरान मांग में वृद्धि को प्रोत्साहित करेगा और इस तरह बड़ी मात्रा में नवीकरणीय ऊर्जा के ग्रिड एकीकरण को बढ़ाएगा।”
सरकार ने स्मार्ट मीटरिंग के नियमों को भी आसान कर दिया है। उपभोक्ताओं की असुविधा/उत्पीड़न से बचने के लिए, उपभोक्ता की मांग में अधिकतम स्वीकृत भार/मांग से अधिक वृद्धि पर मौजूदा जुर्माने को कम कर दिया गया है। मीटरिंग प्रावधान में संशोधन के अनुसार, स्मार्ट मीटर की स्थापना के बाद, स्थापना तिथि से पहले की अवधि के लिए स्मार्ट मीटर द्वारा दर्ज की गई अधिकतम मांग के आधार पर उपभोक्ता पर कोई दंडात्मक शुल्क नहीं लगाया जाएगा। लोड संशोधन प्रक्रिया को भी इस तरह से तर्कसंगत बनाया गया है कि अधिकतम मांग को केवल तभी ऊपर की ओर संशोधित किया जाएगा जब स्वीकृत लोड एक वित्तीय वर्ष में कम से कम तीन बार से अधिक हो गया हो। इसके अलावा, स्मार्ट मीटर को दिन में कम से कम एक बार दूर से (रिमोटली) पढ़ा जाएगा और उपभोक्ताओं के साथ डेटा साझा किया जाएगा ताकि वे बिजली की खपत के बारे में सूचित निर्णय ले सकें।
विद्युत (उपभोक्ता अधिकार) नियम, 2020 को सरकार द्वारा 31 दिसंबर, 2020 को अधिसूचित किया गया था, इस विश्वास के आधार पर कि बिजली प्रणालियाँ उपभोक्ताओं की सेवा के लिए मौजूद हैं और उपभोक्ताओं को विश्वसनीय सेवाएँ और गुणवत्तापूर्ण बिजली प्राप्त करने का अधिकार है। नियम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि नए बिजली कनेक्शन, रिफंड और अन्य सेवाएं समयबद्ध तरीके से दी जाएं और उपभोक्ता अधिकारों की जानबूझकर उपेक्षा के परिणामस्वरूप सेवा प्रदाताओं पर जुर्माना लगाया जाए और उपभोक्ताओं को मुआवजे का भुगतान किया जाए।
नियमों में मौजूदा संशोधन सरकार द्वारा बिजली उपभोक्ताओं को सशक्त बनाने, सस्ती कीमत पर 24X7 विश्वसनीय बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने और बिजली क्षेत्र में निवेश के लिए अनुकूल पारिस्थितिकी तंत्र बनाए रखने के लिए उठाए गए कदमों की निरंतरता में है।

