नई दिल्ली। पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने विश्व पर्यावरण दिवस 2025 के उपलक्ष्य में एक राष्ट्रव्यापी जन आंदोलन ‘एक राष्ट्र, एक मिशन: प्लास्टिक प्रदूषण समाप्त करें’ अभियान की शुरुआत की है। यह अभियान भारत की प्रमुख पहल मिशन LiFE (पर्यावरण के लिए जीवन शैली) के अनुरूप है और पर्यावरण संरक्षण व स्थिरता के प्रति देश की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
पर्यावरण मंत्री श्री भूपेंद्र यादव ने सोशल मीडिया पर अभियान-पूर्व एक वीडियो साझा करते हुए सभी नागरिकों से अपील की कि वे प्लास्टिक प्रदूषण को समाप्त करने के लिए जागरूकता से आगे बढ़कर सामूहिक कदम उठाएं और सतत जीवनशैली अपनाएं।
विश्व पर्यावरण दिवस हर साल 5 जून को मनाया जाता है और यह संयुक्त राष्ट्र का प्रमुख वैश्विक मंच है जो पर्यावरण के लिए जागरूकता और कार्रवाई को बढ़ावा देता है। इस वर्ष का अभियान संदेश मिशन LiFE के विषय “सिंगल यूज़ प्लास्टिक को ना कहें” को समर्थन देता है।
अभियान के प्रमुख उद्देश्य:
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प्लास्टिक प्रदूषण के प्रति जागरूकता और समर्थन बढ़ाना
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एकल-उपयोग प्लास्टिक सहित प्लास्टिक उत्पादन और खपत को कम करना
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प्लास्टिक कचरे का पृथक्करण, संग्रह, निपटान और पुनर्चक्रण
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एकल-उपयोग प्लास्टिक के विकल्पों को बढ़ावा देना
अभियान की गतिविधियाँ और भागीदारी:
यह अभियान विश्व पर्यावरण दिवस 2025 तक चलेगा और प्लास्टिक प्रदूषण के खतरों पर जागरूकता बढ़ाने और पर्यावरण-अनुकूल विकल्प अपनाने को प्रोत्साहित करेगा। इसका उद्देश्य सामुदायिक शिक्षा और व्यवहार परिवर्तन के माध्यम से पर्यावरणीय नवाचार को प्रोत्साहन देना है।
इस अभियान में केंद्रीय मंत्रालयों, राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों, स्थानीय निकायों, शिक्षण संस्थानों, उद्योगों, नागरिक संगठनों और समुदाय समूहों की भागीदारी होगी। प्रमुख गतिविधियाँ होंगी:
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सोशल मीडिया अभियान, नुक्कड़ नाटक, सार्वजनिक प्रतिज्ञा, प्रतियोगिताएं और मैराथन
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समुद्र तटों, पार्कों, नदियों, पर्यटन स्थलों, रेलवे स्टेशनों और ग्रामीण इलाकों में स्वच्छता अभियान
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प्लास्टिक विकल्पों पर कार्यशालाएं और वेबिनार
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स्कूलों में रीसायकल क्राफ्ट, प्रदर्शनी, क्विज़ और हैकाथॉन
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आरडब्ल्यूए, नगर निकायों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहकारी समितियों के माध्यम से सामुदायिक भागीदारी
सभी हितधारकों को ‘मेरी LiFE’ पोर्टल पर अपनी गतिविधियाँ अपलोड करने और इस जन आंदोलन को और मजबूत करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। मंत्रालय ने सभी नागरिकों से इस अभियान में भाग लेने और प्लास्टिक मुक्त भारत की दिशा में योगदान देने की अपील की है।

