देश में एक और जहां रोजगार की काफी चर्चा है। वही बिहार के एक छोटे से गांव से निकलकर एक युवा 90 के दशक में अपना करियर बनाने के उद्देश्य से दिल्ली आता है। दिल्ली में उच्च शिक्षा ग्रहण करता है। और कई परेशानियों का सामना करते हुए अपना लक्ष्य निर्धारित करता है कि हमें ऐसा काम करना है जिससे युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार मिल सके। एक ऐसे ही शख्स से आप को रुबरु करता हूं जो पिछले 20-25 सालों से दिल्ली एनसीआर में अपना रोजगार शुरू कर सैकड़ो युवाओं को रोजगार देने का काम किया है। शख्स हैं सीएमपेक्स लॉजिस्टिक कंपनी के प्रबंध निदेशक डॉ दिनेश कर्ण। प्रस्तुत है इनसे पत्रकार सुधीर कुमार की बातचीत के प्रमुख अंश…
प्र. – आप दिल्ली कब और किस उद्देश्य से आए?
उ. – सबसे पहले तो मैं आपके मीडिया के माध्यम से सभी देशवासियों को नव वर्ष की शुभकामना देता हूं। मैं दिल्ली 1994 में अपने करियर बनाने के उद्देश्य से आया। यहां एमबीए किया। फिर अन्य युवाओं के तरह मैं भी रोजगार के तलाश में निकल पड़ा।
प्र. – शुरू में तो काफी संघर्ष करना पड़ा होगा। तो उस संघर्ष के बारे में बताइए।
उ. – संघर्ष तो करना पड़ा। वास्तविकता यह है कि जब आपका कोई गॉडफादर नहीं होता है तो मंजिल पाना आसान नहीं होता। लेकिन अपने बुद्धि विवेक से मैंने कई कंपनियों में काम किया। कुछ जगह फ्रीलांस के तौर पर काम किया। फिर बाद में अपनी एक कंपनी की शुरुआत की।
प्र. – किस नाम से कंपनी है और क्या कुछ काम उसमें होता है।
उ. – मैंने 2003 में SEAIMPEX LOGISTICS PVT LTD नाम से अपनी कंपनी की शुरुआत की। इसमें एक्सपोर्ट – इंपोर्ट से संबंधित कस्टम क्लियरेंस का कार्य होता है। बहुत सारी मैन्युफैक्चरिंग कंपनी है जो भारत में बने माल विदेश में बेचना चाहती है और कई विदेशी कंपनियां अपना माल भारत में बेचना चाहती है तो मैं उन कंपनियों के साथ मिलकर एक्सपोर्ट इंपोर्ट का कार्य करता हूं। कुछ कंपनियां कस्टम क्लियरेंस के लिए हमारे पास आती है।
प्र. – किन-किन देशों से आप इंपोर्ट और एक्सपोर्ट का कार्य करते हैं?
उ. – इंपोर्ट की अगर बात करें तो सबसे ज्यादा चीन से होता है। एक्सपोर्ट मध्य एशिया के साथ -साथ यूरोपीय देशों एवं अमेरिका से करते हैं।
प्र. – अभी जैसे कुछ दिन पहले चीन से कई तरह के प्रतिबंध लगे थे। उसे वक्त आपके व्यवसाय पर क्या असर पड़ा?
उ. – कुछ खास नहीं। क्योंकि जब एक दरवाजा बंद होता है तो कई सारे दरवाजे खुल जाते हैं। बस थोड़ी ध्यान देने की बात होती है। इतना बड़ा बाजार है कि आप अगर ईमानदारी से कार्य कर रहे हैं तो आपके व्यवसाय में कुछ भी परेशानी नहीं आएगी।
प्र. – व्यवसाय को बढ़ाने को लेकर आगे क्या उद्देश्य है?
उ. – आगे एक और नया व्यवसाय मैं शुरू करने जा रहा हूं। जिसमें उद्देश्य है कि अधिक से अधिक अपने बिहार के युवाओं को रोजगार मुहैया करा सकूं।
प्र. – कौन सा नया व्यवसाय आप शुरू करने जा रहे हैं?
उ – मैं शूज इंडस्ट्रीज शुरु करने जा रहा हूं। यह कंपनी में खास तौर पर बिहार में शुरू करने जा रहा हूं। ताकि बिहार के युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार मिल सके।
प्र. – बिहार में अभी रोजगार के लिए कैसा अवसर है? नई सरकार से आपकी क्या अपेक्षा है?
उ. – अभी रोजगार के लिए बिहार में बहुत अच्छा अवसर है। सरकार हर तरह से मदद करने को तैयार है। अच्छा कॉपरेशन मिल रहा है।

