नई दिल्ली। हिंदुओं के पवित्र तीर्थ गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ में गैर हिंदुओं के प्रवेश पर नियंत्रण करने का जो निर्णय लिया गया है, विश्व हिंदू परिषद उसका स्वागत करती है। परिषद के अंतर्राष्ट्रीय संयुक्त महामंत्री डॉ सुरेन्द्र जैन ने आज कहा कि केवल इन तीन स्थानों पर ही नहीं, भारत के सभी पवित्र हिंदू तीर्थों में गैर हिंदुओं का प्रवेश प्रतिबंधित होना चाहिए।
उन्होंने कि अयोध्या के अंदर पिछले दिनों एक जिहादी के द्वारा जिस प्रकार वहां की पवित्रता को भंग करने का प्रयास किया गया, वह अक्षम्य अपराध है। जमीयत उलेमा ए हिंद के अध्यक्ष अरशद मदनी ने इस निर्णय का विरोध करते समय जिस प्रकार का विष वमन किया है, वह घोर निंदनीय व आपत्तिजनक है। वो हिंदू मुस्लिम सद्भाव की बात तो करते हैं किंतु, हिंदू मुस्लिम सद्भाव मदनी जी तब स्थापित होगा- जब आप आगे बढ़ें और कहें कि हम मक्का में जाकर हनुमान चालीसा पढ़ेंगे, मैं आपके साथ जाऊंगा। जरा हिम्मत कीजिए, पहल करने की!
आखिर अयोध्या उतना ही पवित्र है हमारे लिए, जितना आपके लिए मक्का है! जब वहां पर ग़ैर मुसलमानों का प्रवेश नहीं हो सकता, तो अयोध्या, बद्रीनाथ, केदारनाथ व गंगोत्री में गैर हिंदुओं का प्रवेश कैसे हो सकता है? अनुमति नहीं दी जा सकती!
आप भूल जाते हैं कि रोज किस प्रकार से हमारे मंदिरों को जेहादियों द्वारा अपमानित किया जाता है? किस प्रकार हमारी शोभा यात्राओं पर पथराव किया जाता है?
किस प्रकार जब चाहे हमारी बहन बेटी को निशाना बनाया जाता है?
ये स्वीकार नहीं किया जा सकता! अब सीमाएं पार हो रही हैं। आपका यह इस प्रकार का बयान पूरे हिंदू समाज के लिए स्वीकार्य नहीं है, हम इसकी घोर शब्दों में निंदा करते हैं।
खिलाफत आंदोलन से जन्म लेने वाली जमीयत उलेमा ए हिंद, ये हमेशा से मुस्लिम समाज में कट्टरता फैलाने का काम करती रही है। वहाबी विचारधारा जो आतंकवाद की जनक है, उसके पोषक आप ही तो हैं! देवबंद जो आतंकवादियों को जन्म देती है, उस देवबंद के साथ आपके नातें क्या है कैसे है? यह हमेशा से मुस्लिम समाज में कट्टरता फैलाने का काम करती है। वहाबी विचारधारा जो आतंकवाद की जनक है उसके पोषक आप ही तो है! देवबंद जो आतंकवादियों को जन्म देती है, उस देवबंद के साथ आपके नाते क्या है, कौन नहीं जानता है?
पूरे देश में कहीं भी आतंकवादी घटना हो, कहीं भी हिंदुओं पर हमले किए जाते हो, कहीं भी हमारी शोभायात्राओं पर पथराव करने वाले लोग हो, उन सबके समर्थन पर आपका ही तो संगठन खड़ा होता है! उनके केस लड़ते हैं और फिर सांप्रदायिक सद्भाव की बात करते हैं??
आपने मोब लिंन्चिग की बात की। बात सद्भाव की करते हो लेकिन नफरत के बीज बोते हो? कौन करता है मोब लिचिंग? हमने पिछले वर्ष 187 हिंदुओं की सूची जारी की थी, जिनको घेर घर कर, जिहादियों की भीड़ ने, उस उन्मादी भीड़ ने टुकड़े कर कर मारा था!
इस साल के अंदर भी हम कैसे भूल सकते हैं बाड़मेर के खेताराम भील, को भीलवाड़ा के सीताराम को, बरेली के तेजाराम को, या गुजरात के जयंती भाटी, को जिसको घेर कर , बुरी तरीके से, बर्बर तरीके से मारा गया था। अभी हम बहुत जल्द एक बड़ी सूची जारी करना चाहते हैं जिसके अंदर, सैकड़ो हिंदुओं को किस प्रकार से मोब लिंचिंग के द्वारा, भारत के जिहादियों के द्वारा मारा गया था।
मोब लिंचिंग हिंदू का स्वभाव नहीं है, ये जिहादी स्वभाव है। पूरी दुनिया पीड़ित है आपके इस स्वभाव से। चाहे अमेरिका में, चाहे ब्रिटेन में, कहीं भी आपके उन्मादियों की भीड़ मोब लिंचिंग कर देती है, कहीं भी सर तन से जुड़ा के नारे लगा देते हो, और बात करते हो सांप्रदायिक सद्भाव की! आप सब प्रकार की नफरत फैलाने का प्रयास करते हैं इसको किसी हालत में स्वीकार नहीं किया जा सकता। आप बात देश भक्ति की करते हो लेकिन मुस्लिम समाज को बगावत के रास्ते पर ले जाते हो! यह ध्यान कर लेना पूरी दुनिया में आपके कोई भी फिर्के हैं, 36 के 36 फिर्के भारत में है! और सिर्फ इसलिए है क्योंकि भारत हिंदू बहुल है। मुस्लिम देशों में भी आप लोगों का इतना सौहार्द एक दूसरे के प्रति नहीं है, जितना हिंदू तुम लोगों के साथ भी रखते हैं।
भारत हिंदू राष्ट्र है इसलिए आप लोग यहां रह पा रहे हैं, सभी फ़िरक़े यहां रहते हैं। आप लोग हमारी भावनाओं की कद्र करना सीखें उसको अपमानित न करें।

