Budget 2026–27: विकास, स्थिरता और नवाचार को लेकर उद्योग जगत की सकारात्मक प्रतिक्रिया

 

नई दिल्ली। केंद्रीय बजट 2026–27 को उद्योग जगत से व्यापक सराहना मिली है। विभिन्न क्षेत्रों के उद्योग नेताओं का मानना है कि यह बजट आर्थिक विकास और राजकोषीय अनुशासन के बीच संतुलन स्थापित करता है। सार्वजनिक पूंजीगत व्यय को मजबूत बनाए रखने, स्वास्थ्य एवं मेडटेक क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने, MSMEs को सशक्त करने, बुनियादी ढांचे के विस्तार और कृषि में तकनीक-आधारित समाधानों पर जोर के साथ यह बजट भारत की अर्थव्यवस्था को दीर्घकालिक रूप से मजबूत और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में एक स्पष्ट रोडमैप प्रस्तुत करता है।

मेडटेक और स्वास्थ्य क्षेत्र को नई गति

श्री संजय भूटानी, मैनेजिंग डायरेक्टर, बॉश एंड लॉम्ब एवं डायरेक्टर, मेडिकल टेक्नोलॉजी एसोसिएशन ऑफ इंडिया (MTaI) ने कहा, “GDP वृद्धि में तेजी और घरेलू खपत में सुधार की पृष्ठभूमि में यह बजट विकास और पूर्वानुमेयता के बीच एक विवेकपूर्ण संतुलन स्थापित करता है। ऋण-GDP अनुपात और राजकोषीय घाटे में कमी के साथ यह स्पष्ट फिस्कल कंसॉलिडेशन मार्ग के जरिए मैक्रो आर्थिक स्थिरता को मजबूत करता है, वहीं मजबूत सार्वजनिक पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) को बनाए रखते हुए मध्यम अवधि में निजी निवेश को प्रोत्साहित करने की क्षमता रखता है।”

मंदीप सिंह कुमार, मैनेजिंग डायरेक्टर एवं वाइस प्रेसिडेंट, मेडट्रॉनिक इंडिया तथा MTaI सदस्य ने कहा, “केंद्रीय बजट 2026–27 भारत के स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण छलांग है, जिसमें तकनीक, नवाचार और प्रतिभा को केंद्र में रखा गया है। ₹10,000 करोड़ के निवेश के साथ ‘बायोफार्मा शक्ति’ कार्यक्रम अनुसंधान एवं विकास (R&D) को गति देगा। एक लाख एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल्स और 1.5 लाख मल्टी-स्किल्ड केयरगिवर्स को प्रशिक्षित करने की पहल से क्लिनिकल क्षमता मजबूत होगी और उन्नत चिकित्सा तकनीकों के सुरक्षित उपयोग को समर्थन मिलेगा।”

MSMEs और मैन्युफैक्चरिंग को मजबूती

श्री विवेक जालान, पार्टनर, टैक्स कनेक्ट एडवाइजरी सर्विसेज ने कहा,
“यह बजट MSMEs, मैन्युफैक्चरिंग और विदेशी फंडिंग के पक्ष को मजबूती से आगे बढ़ाता है। SME ग्रोथ के लिए ₹10,000 करोड़ के इक्विटी सपोर्ट का प्रावधान अत्यंत महत्वपूर्ण है। साथ ही, खरीद, इनवॉइस डिस्काउंटिंग और रिसीवेबल्स को बढ़ावा देने के लिए TReDS प्लेटफॉर्म को सशक्त करना नकदी प्रवाह की चुनौतियों को कम करेगा।”

इंफ्रास्ट्रक्चर और शहरी विकास पर जोर

श्री प्रदीप अग्रवाल, फाउंडर एवं चेयरमैन, सिग्नेचर ग्लोबल (इंडिया) लिमिटेड, ने कहा, “सार्वजनिक पूंजीगत व्यय को FY26 के मुकाबले 9% बढ़ाकर वित्त वर्ष 2027 में ₹12.2 लाख करोड़ करने का फैसला परियोजनाओं को गति देगा और निजी निवेश को आकर्षित करेगा।”

श्री अशोक कपूर, चेयरमैन, कृष्णा ग्रुप और क्रिसुमी कॉर्पोरेशन, ने कहा, “इंफ्रास्ट्रक्चर पर आधारित ग्रोथ के प्रति सरकार की दीर्घावधि प्रतिबद्धता रियल एस्टेट सेक्टर के लिए अत्यंत आवश्यक है। शहरों के संरचनात्मक विकास पर जोर उच्च गुणवत्ता वाले शहरी जीवन के लक्ष्य से मेल खाता है।”

श्री विकास भसीन, मैनेजिंग डायरेक्टर, साया ग्रुप, ने कहा, “फिजिकल और शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करके बजट का उद्देश्य शहरों को सभी आय वर्गों के लिए अधिक रहने योग्य, कुशल और सुगम बनाना है।”

कृषि में तकनीक आधारित बदलाव

डा. पी. एस. गहलौत, मैनेजिंग डायरेक्टर, इंडियन पोटाश लिमिटेड, ने कहा, “भारत-विस्तार (Bharat-VISTAAR — Virtually Integrated System to Access Agricultural Resources) नामक बहुभाषी AI टूल की घोषणा सही समय पर उठाया गया कदम है। यह एग्रीस्टैक पोर्टल और ICAR की सिफारिशों को एआई सिस्टम से जोड़कर प्रिसिजन फार्मिंग को बढ़ावा देगा। किसान बेहतर जानकारी के आधार पर निर्णय ले सकेंगे, जिससे संसाधनों का कुशल उपयोग और फसल की पैदावार व गुणवत्ता में सुधार होगा।”

दीर्घकालिक प्रतिस्पर्धा की दिशा में कदम

उद्योग जगत का समग्र मत है कि केंद्रीय बजट 2026–27 अल्पकालिक राहत के बजाय दीर्घकालिक क्षमता निर्माण पर केंद्रित है। राजकोषीय अनुशासन, कैपेक्स पर जोर, स्वास्थ्य और कृषि में तकनीकी हस्तक्षेप, तथा MSMEs और इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के उपाय भारत को एक स्थिर, नवोन्मेषी और प्रतिस्पर्धी अर्थव्यवस्था के रूप में आगे बढ़ाने में सहायक सिद्ध होंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published.