नई दिल्ली। अगरबत्ती ब्रांड आईटीसी मंगलदीप ने अपने ‘सिक्स्थ सेंस पैनल’ का दिल्ली में विस्तार करते हुए 30 नए सदस्यों को शामिल किया है। यह कदम विकास के प्रति कंपनी की प्रतिबद्धता को और मजबूत करता है। विस्तारित पैनल में विविध पृष्ठभूमि से आए प्रतिभाशाली और अनुभवी सदस्य शामिल हैं, जो इस विश्वास को मजबूत करते हैं कि उत्पाद विकास को गहरी संवेदनात्मक समझ से दिशा मिलनी चाहिए।
नए शामिल किए गए सदस्यों में से लगभग 90% विभिन्न पेशेवर क्षेत्रों में कार्यरत हैं, जबकि अन्य सदस्य एनजीओ और एक्सेस समूहों से जुड़े हैं या उच्च शिक्षा और डॉक्टरेट की पढ़ाई कर रहे हैं। उनकी भागीदारी से मंगलदीप की उस दीर्घकालिक पहल को मजबूती मिलती है, जिसमें उत्पाद विकास प्रक्रिया में बेहतर घ्राण क्षमता (सूंघने की संवेदनशीलता) को शामिल किया जाता है। यह पहल पारंपरिक परीक्षण तरीकों से आगे बढ़कर अधिक मानवीय और सूक्ष्म मूल्यांकन को अपनाती है।
इस पहल पर बात करते हुए, रोहित डोगरा, डिविजनल सीईओ, अगरबत्ती एवं माचिस डिवीजन, आईटीसी, ने कहा, “जब हमने चार साल पहले सिक्स्थ सेंस पैनल की शुरुआत की थी, तब हमारा विश्वास था कि किसी उत्पाद को सबसे बेहतर वही समझ सकता है, जो उसे गहराई से अनुभव करता है। आज यह पैनल मंगलदीप में हमारे उत्पादों को विकसित और बेहतर बनाने की प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। हमारे दृष्टिबाधित पैनल सदस्यों द्वारा साझा की गई जानकारियां और अनुभव उत्पादों को एक नई गहराई और सच्चाई देते हैं, जो पारंपरिक परीक्षण में अक्सर नहीं मिल पाती। हम इस यात्रा को आगे भी जारी रखने और समुदाय के साथ अपने संबंधों को और मजबूत बनाने के लिए उत्साहित हैं।”
संरचित ऑनबोर्डिंग और प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत, नए पैनल सदस्यों को प्रमुख उत्पाद श्रेणियों—फ्रूटी, फ्लोरल, वुडी, एरोमैटिक/हर्बल/मिंट, और ऊद/अंबर—में गहन घ्राण प्रशिक्षण दिया गया। यह प्रशिक्षण कच्चे सुगंधित तत्वों और मिश्रित संरचनाओं दोनों के माध्यम से कराया गया।
उन्हें मंगलदीप के लोकप्रिय और प्रीमियम उत्पाद प्रारूपों से भी परिचित कराया गया, जिसमें स्पर्श और सुगंध के माध्यम से अनुभव शामिल था। इन उत्पादों में पॉपुलर धूप स्टिक्स, प्रीमियम धूप कोन्स, फ्लोरा अगरबत्ती, प्रीमियम कप्स और समब्रानी स्टिक्स शामिल हैं। इसके साथ ही, एक विस्तृत उत्पाद मूल्यांकन प्रक्रिया भी लागू की गई, ताकि वे मासिक उत्पाद परीक्षण में व्यवस्थित रूप से भाग ले सकें।
दीप स्तंभ मनोबल फाउंडेशन में गणित की फैकल्टी सोनाली रावत ने कहा, “मैं आईटीसी मंगलदीप की आभारी हूं कि उन्होंने हमें अपने उत्पाद परीक्षण की इस यात्रा में शामिल किया। पूरा अनुभव बहुत सोच-समझकर और समावेशी तरीके से तैयार किया गया था। हमारे लिए किए गए प्रयासों से हमें सच में सम्मान और महत्व महसूस हुआ।”
20 वर्षों से अधिक अनुभव रखने वाली कॉर्पोरेट ट्रेनर प्रेरणा सोबती ने कहा, “मैं आईटीसी मंगलदीप को इस सार्थक और जानकारीपूर्ण प्रशिक्षण के आयोजन के लिए धन्यवाद देना चाहती हूं। इस तरह की पहल का हिस्सा बनना प्रेरणादायक था। पूरे सत्र के दौरान मुझे सहयोग और सम्मान का अनुभव हुआ।”
इस विस्तार के साथ, सिक्स्थ सेंस पैनल मंगलदीप के उत्पाद नवाचार ढांचे का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बनकर आगे बढ़ रहा है। यह सुनिश्चित करता है कि उत्पाद विकास केवल विज्ञान और बड़े पैमाने पर उत्पादन तक सीमित न रहे, बल्कि गहरे संवेदनात्मक अनुभव से भी निर्देशित हो। ऐसी पहलों के माध्यम से आईटीसी मंगलदीप परंपरा और आधुनिक नवाचार का संतुलन बनाते हुए ऐसे भक्तिपूर्ण अनुभव तैयार कर रहा है, जो सुगंध से भरपूर और सार्थक रूप से समावेशी हैं।

