नई दिल्ली। ओडिशा की बडंबा सहकारी चीनी मिल, जो पिछले 15 वर्षों से अधिक समय से बंद पड़ी थी, अब पुनः शुरू होने जा रही है, जिससे क्षेत्र के हजारों किसानों में नई उम्मीद जगी है। इंडियन पोटाश लिमिटेड (आईपीएल) ने बडंबा चीनी मिल के आधुनिकीकरण और विस्तार के लिए लगभग ₹360 करोड़ के अनुमानित निवेश के साथ ओडिशा सरकार के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं।
इस समझौता ज्ञापन पर डॉ. पी. एस. गहलौत, प्रबंध निदेशक, इंडियन पोटाश लिमिटेड तथा श्री राजेश प्रभाकर पाटिल, आईएएस, आयुक्त-सह-सचिव, सहकारिता विभाग, ओडिशा सरकार ने 6 मार्च 2026 को हस्ताक्षर किए। यह समझौता केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह जी की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ। सहकारिता क्षेत्र को मजबूत करने में उनके निरंतर सहयोग ने आईपीएल जैसी सहकारी संस्थाओं को देशभर में बंद पड़ी चीनी मिलों के पुनरुद्धार का कार्य करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
इस अवसर पर भारत सरकार के केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान जी, ओडिशा की उपमुख्यमंत्री श्रीमती प्रवती परिदा, ओडिशा के उपमुख्यमंत्री श्री कनक वर्धन सिंह देव तथा भुवनेश्वर से सांसद श्रीमती अपराजिता सारंगी भी उपस्थित रहे।
समझौते के अनुसार, बडंबा सहकारी चीनी मिल एक वर्ष के भीतर संचालन शुरू करने की उम्मीद है और इसकी क्षमता 3,500 टीसीडी (टन गन्ना प्रति दिन) होगी। इसके साथ ही इसमें 16 मेगावाट का को-जनरेशन पावर प्लांट, 10 टन प्रतिदिन क्षमता का बायो-सीएनजी प्लांट तथा अत्याधुनिक कोल्ड स्टोरेज सुविधा भी स्थापित की जाएगी।
इस परियोजना से कटक जिले के बडंबा ब्लॉक के लगभग 10,000 किसानों को प्रत्यक्ष लाभ मिलने की उम्मीद है। इससे राज्य में गन्ना खेती को पुनर्जीवित करने, किसानों की आय बढ़ाने और क्षेत्र में रोजगार के अवसर पैदा करने में मदद मिलेगी।
गुजरात में तीन बंद पड़ी चीनी मिलों के सफल पुनरुद्धार के अनुभव के आधार पर, केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय के मार्गदर्शन में आईपीएल ने बडंबा सहकारी चीनी मिल के पुनरुद्धार की इस परियोजना को आगे बढ़ाया है। इसके लिए नेशनल फेडरेशन ऑफ कोऑपरेटिव शुगर फैक्ट्रीज़ लिमिटेड तथा एसबीआई कैपिटल मार्केट्स लिमिटेड (SBICAPS) को विस्तृत तकनीकी और वित्तीय व्यवहार्यता अध्ययन के लिए शामिल किया गया।
समझौते के तहत ओडिशा सरकार आईपीएल को मिल और उससे संबंधित अवसंरचना की स्थापना के लिए 112 एकड़ भूमि दीर्घकालिक पट्टे पर उपलब्ध कराएगी।
चीनी मिल के पुनरुद्धार का उद्देश्य गन्ना खेती को बढ़ावा देकर किसानों की आय में वृद्धि करना है। गन्ने को आजकल ऊर्जा फसल (Energy Crop) के रूप में भी देखा जा रहा है, क्योंकि इससे एथेनॉल, बिजली और जैव-ईंधन का उत्पादन संभव है। यह परियोजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने, रोजगार के अवसर बढ़ाने और क्षेत्र के किसानों को फिर से गन्ना खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहित करेगी।
हाल के वर्षों में आईपीएल ने गुजरात राज्य में तीन बंद पड़ी चीनी मिलों के पुनरुद्धार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जिन्हें आधुनिक तकनीक और बेहतर प्रबंधन के माध्यम से सफलतापूर्वक पुनः चालू किया गया। बडंबा सहकारी चीनी मिल का पुनरुद्धार भी इसी मॉडल पर किया जाएगा, जिसमें तकनीकी आधुनिकीकरण और सहकारी भागीदारी का समन्वय होगा, ताकि परियोजना दीर्घकालिक रूप से टिकाऊ बन सके।
इस अवसर पर इंडियन पोटाश लिमिटेड के प्रबंध निदेशक डॉ. पी. एस. गहलौत ने कहाए “बडंबा चीनी मिल का पुनरुद्धार किसानों के समर्थन और कृषि मूल्य श्रृंखला को मजबूत करने के प्रति आईपीएल की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इस मिल के पुनः संचालन से हम किसानों के लिए स्थायी अवसर पैदा करना, गन्ना खेती को प्रोत्साहित करना, रोजगार सृजित करना और क्षेत्र के आर्थिक विकास में योगदान देना चाहते हैं। इस परियोजना को सफल बनाने के लिए हम ओडिशा सरकार और स्थानीय किसान समुदाय के साथ मिलकर कार्य करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
यह पहल स्थानीय किसानों और क्षेत्र के निवासियों की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो कई वर्षों से बडंबा चीनी मिल के पुनः संचालन की मांग कर रहे थे। मिल के चालू होने के बाद न केवल क्षेत्र में गन्ना खेती को नया जीवन मिलेगा, बल्कि रोजगार सृजन, ग्रामीण आजीविका को मजबूती और ओडिशा में सहकारिता आंदोलन को भी नई गति मिलेगी।

