भारत की राष्ट्रपति ने परोसी अक्षय पात्र की 5 अरबवीं थाली

नई दिल्ली। भारत की राष्ट्रपति Droupadi Murmu ने मंगलवार को राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र में आयोजित एक विशेष समारोह में Akshaya Patra Foundation द्वारा परोसी गई 5 अरबवीं थाली का उत्सव मनाया। इस अवसर पर उन्होंने बच्चों को भोजन परोसकर इस ऐतिहासिक उपलब्धि का प्रतीकात्मक रूप से उत्सव मनाया।

25 वर्षों की सेवा यात्रा के उपलक्ष्य में आयोजित इस कार्यक्रम में केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में अक्षय पात्र के संस्थापक-चेयरमैन और इस्कॉन बेंगलुरु के अध्यक्ष मधु पंडित दास तथा वाइस चेयरमैन चंचलापति दास सहित कई गणमान्य अतिथि भी मौजूद थे।

‘सुपोषित और सुशिक्षित भारत’ का संकल्प

कार्यक्रम का विषय ‘सुपोषित और सुशिक्षित भारत से विकसित भारत’ रखा गया था, जिसमें बाल पोषण और शिक्षा के क्षेत्र में सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया गया। समारोह में ट्रस्टी बोर्ड के सदस्य, वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, नीति विशेषज्ञ, सामाजिक कार्यकर्ता, परोपकारी संस्थाओं के प्रतिनिधि तथा अनेक हितधारक शामिल हुए।

इस अवसर पर अक्षय पात्र के पूर्व लाभार्थी, छात्र, अभिभावक, शिक्षक और सरकारी स्कूलों के कर्मचारी भी मौजूद रहे। राष्ट्रपति ने बच्चों को उपहार भी दिए और उनके साथ संवाद किया।

पीएम-पोषण योजना के तहत लाखों बच्चों को भोजन

अक्षय पात्र फाउंडेशन, केंद्र सरकार की प्रमुख योजना PM POSHAN Scheme के कार्यान्वयन सहयोगी के रूप में देशभर के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले लाखों बच्चों को ताजा और पौष्टिक भोजन उपलब्ध करा रहा है।

वर्तमान में संस्था 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में 78 अत्याधुनिक रसोईघरों के माध्यम से प्रतिदिन लगभग 23.5 लाख बच्चों को भोजन उपलब्ध करा रही है। संस्था का लक्ष्य वर्ष 2030 तक प्रतिदिन 30 लाख बच्चों तक भोजन पहुँचाना है।

राष्ट्रपति ने बच्चों के पोषण और शिक्षा पर दिया जोर

इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े इस कार्यक्रम में भाग लेकर उन्हें अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। उन्होंने कहा कि अक्षय पात्र द्वारा 5 अरब भोजन परोसना शिक्षा और पोषण के क्षेत्र में एक उल्लेखनीय उपलब्धि है।

राष्ट्रपति ने कहा कि “सुपोषित और सुशिक्षित भारत से विकसित भारत” का संकल्प वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के राष्ट्रीय लक्ष्य को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने इस्कॉन के संस्थापक-आचार्य श्रील प्रभुपाद को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनकी प्रेरणा से ऐसी व्यवस्था की कल्पना की गई थी, जिसमें कोई भी व्यक्ति भूखा न रहे।

उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा व्यक्ति के जीवन में अवसरों के द्वार खोलती है और उसे सशक्त बनाती है। विद्यालय बच्चों को आवश्यक कौशल और अनुभव प्रदान करते हैं, जिससे वे जीवन की चुनौतियों का सामना करने में सक्षम बनते हैं और जिम्मेदार नागरिक बनते हैं।

शिक्षा और पोषण का गहरा संबंध

राष्ट्रपति ने कहा कि स्कूलों में मध्याह्न भोजन कार्यक्रम बच्चों को विद्यालय आने के लिए प्रेरित करता है और इससे नामांकन, उपस्थिति तथा पढ़ाई में सुधार देखा गया है। उन्होंने कहा कि बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना देश की मानव पूंजी में निवेश है, जो भविष्य में राष्ट्र की आर्थिक और सामाजिक प्रगति का आधार बनेगा।

उन्होंने सभी हितधारकों से यह सुनिश्चित करने का आह्वान किया कि प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, पौष्टिक भोजन, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और सुरक्षित वातावरण मिले।

शिक्षा मंत्री ने की पहल की सराहना

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि अक्षय पात्र की पहल आज एक जनआंदोलन का रूप ले चुकी है। उन्होंने कहा कि 16 राज्यों के 25,000 से अधिक स्कूलों में प्रतिदिन 23.5 लाख बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना एक बड़ी उपलब्धि है।

उन्होंने कहा कि जब तक देश के बच्चे और युवा सुपोषित नहीं होंगे, तब तक भारत अपनी पूर्ण क्षमता को हासिल नहीं कर सकता। विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने के लिए यह आवश्यक है कि देश का हर बच्चा स्वस्थ और शिक्षित हो।

सेवा के 25 वर्ष और 5 अरब भोजन

अक्षय पात्र के संस्थापक-चेयरमैन मधु पंडित दास ने कहा कि संस्था की 25 वर्षों की यात्रा और 5 अरब भोजन परोसने की उपलब्धि मानवता की सेवा के प्रति समर्पण का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि संस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी बच्चा भूखा न रहे और हर बच्चे को शिक्षा के अवसर मिलें।

वाइस चेयरमैन चंचलापति दास ने इस उपलब्धि के लिए केंद्र और राज्य सरकारों, दाताओं, साझेदारों और स्वयंसेवकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके सहयोग से ही बच्चों तक पौष्टिक भोजन पहुँचाने का यह मिशन निरंतर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि संस्था भविष्य में और अधिक बच्चों तक पहुँचकर पोषण और शिक्षा के क्षेत्र में अपना योगदान बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।

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