नई दिल्ली। उत्तरी दिल्ली में लगभग 90 लाख लोगों को बिजली आपूर्ति करने वाली अग्रणी पावर यूटिलिटी Tata Power-DDL ने आगामी गर्मी (2026) के मद्देनज़र अपनी तैयारियों को और मजबूत करने के लिए विद्युत उत्पादकों एवं व्यावसायिक सहयोगियों के साथ व्यापक समीक्षा बैठक आयोजित की।
कंपनी ने अनुमान जताया है कि इस वर्ष पीक बिजली मांग करीब 2622 मेगावाट तक पहुंच सकती है, जो वर्ष 2025 के 2410 मेगावाट के मुकाबले काफी अधिक है। बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए यूटिलिटी ने 2900 मेगावाट तक बिजली उपलब्धता सुनिश्चित करने की तैयारी की है।
सप्लाई चेन को मजबूत करने पर जोर
टाटा पावर-डीडीएल ने बिजली उत्पादकों, प्रमुख उपकरण आपूर्तिकर्ताओं, सेवा प्रदाताओं और अन्य हितधारकों के साथ समन्वय बढ़ाने की दिशा में कदम उठाए हैं। इसका उद्देश्य पूरी सप्लाई चेन में आवश्यक उपकरणों और संसाधनों की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करना है।
इसी क्रम में नई दिल्ली में आयोजित एक वर्कशॉप में पावर जेनरेटरों और बिजनेस पार्टनर्स ने समर सीजन की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की और विश्वसनीय बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए रणनीतियों पर चर्चा की।
प्लांट मेंटीनेंस और समन्वय पर विशेष फोकस
बैठक के दौरान प्लांट मेंटीनेंस, विशेषकर बॉयलर जैसे महत्वपूर्ण उपकरणों के रखरखाव पर विस्तार से चर्चा की गई। इसका उद्देश्य पीक गर्मी के दौरान किसी भी तकनीकी बाधा को रोकना और लगातार बिजली आपूर्ति बनाए रखना है।
साथ ही, पावर उपलब्धता, मांग में संभावित वृद्धि के प्रबंधन और उत्पादक कंपनियों के साथ बेहतर तालमेल के लिए रणनीतियों पर भी विचार-विमर्श किया गया।
नेटवर्क प्रबंधन और त्वरित बहाली की तैयारी
यूटिलिटी ने अपने लाइसेंस क्षेत्र में इलेक्ट्रिकल नेटवर्क के कुशल प्रबंधन और किसी भी संभावित गड़बड़ी की स्थिति में त्वरित बहाली के उपायों पर भी चर्चा की। उच्च मांग के समय सिस्टम की मजबूती और रियल-टाइम समन्वय को प्राथमिकता दी जा रही है।
इस बैठक में कंपनी के सीईओ द्विजदास बसाक, वरिष्ठ अधिकारी, विभिन्न बिजली उत्पादक कंपनियों के प्रतिनिधि, मूल उपकरण निर्माता (OEM) और सहयोगी संगठनों के सदस्य शामिल हुए।
उपभोक्ताओं को भरोसेमंद बिजली आपूर्ति का आश्वासन
कंपनी के प्रवक्ता ने कहा, “हम अपने जेनरेशन और बिजनेस पार्टनर्स के साथ मिलकर तैयारियों को सुदृढ़ बना रहे हैं, ताकि गर्मियों के दौरान उपभोक्ताओं को निर्बाध और भरोसेमंद बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।”
डिमांड मैनेजमेंट और इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर
टाटा पावर-डीडीएल ने डिमांड मैनेजमेंट रणनीतियों, बेहतर प्लानिंग, रियल-टाइम समन्वय और नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने जैसे उपायों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया है।
कंपनी लगातार अपने परिचालन क्षमता और वितरण नेटवर्क को सुदृढ़ कर रही है, ताकि गर्मियों में बढ़ती बिजली मांग को कुशलतापूर्वक पूरा किया जा सके और उपभोक्ताओं को बिना किसी बाधा के बिजली मिलती रहे।

