भारत ट्राइब्स फेस्ट जनजातीय उत्पादकों और बाजार के बीच समन्वय स्थापित करने में सहायक: जनजातीय कार्य मंत्रालय

नई दिल्ली। देश के जनजातीय समुदायों की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक शिल्प कौशल और उद्यमशीलता को वैश्विक मंच प्रदान करने के उद्देश्य से आयोजित भारत ट्राइब्स फेस्ट 2026 के बिजनेस कॉन्क्लेव का भव्य शुभारंभ आज नई दिल्ली स्थित सुंदर नर्सरी में किया गया। इस अवसर पर जनजातीय कार्य मंत्रालय की सचिव श्रीमती रंजना चोपड़ा ने कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए कहा कि यह पहल जनजातीय उत्पादकों और बाजार के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

अपने संबोधन में श्रीमती चोपड़ा ने कहा कि केंद्र सरकार लगातार ऐसे प्रयास कर रही है, जिनसे जनजातीय उत्पादकों और बाजार के बीच की दूरी कम हो सके। उन्होंने विश्वास जताया कि दस दिनों तक चलने वाला यह कॉन्क्लेव विभिन्न बाधाओं को दूर करते हुए एक मजबूत बाजार तंत्र तैयार करेगा, जिससे मांग और आपूर्ति में वृद्धि होगी और अंततः जनजातीय परिवारों की आय में सुधार संभव होगा।

उन्होंने जोर देते हुए कहा कि “जनजातीय समुदायों को उनका उचित हिस्सा मिलना चाहिए और उन्हें अपनी पूरी क्षमता के साथ देश के विकास में योगदान देने का अवसर भी मिलना चाहिए।”

सचिव ने मंत्रालय की विभिन्न पहलों का उल्लेख करते हुए बताया कि ‘आदि महोत्सव’ का पुनर्गठन कर इसे ‘भारत ट्राइब्स फेस्ट’ का स्वरूप दिया गया है, ताकि सांस्कृतिक उत्सव के साथ-साथ शिल्प और बाजार को एकीकृत मंच प्रदान किया जा सके। उन्होंने कहा कि यह कदम जनजातीय उत्पादकों को मूल्य श्रृंखला का अभिन्न हिस्सा बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।

इस अवसर पर जनजातीय कार्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव श्री आनंद प्रकाश पांडे ने कहा कि सरकार जनजातीय आजीविका को सशक्त बनाने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि 30 मार्च 2026 तक चलने वाले इस बिजनेस कॉन्क्लेव में 50 से अधिक नीति निर्माता, विशेषज्ञ और लगभग 600 प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं।

श्री पांडे ने कॉन्क्लेव को एक ज्ञान मंच बताते हुए कहा कि यहां विचार-विमर्श, अनुभव साझा करने और जनजातीय विकास को गति देने के लिए ठोस रणनीतियां तथा एसओपी विकसित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि बाजार तक पहुंच, पूंजी उपलब्धता, नवाचार और तकनीकी निवेश जैसे मुद्दों पर विभिन्न सत्रों में समाधान तलाशे जाएंगे।

कार्यक्रम के दौरान धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत करते हुए मंत्रालय की निदेशक सुश्री दीपाली मसीरकर ने कहा कि यह पहल केवल एक कॉन्क्लेव नहीं, बल्कि जनजातीय सशक्तिकरण की दिशा में एक व्यापक आंदोलन है, जो ठोस और मापनीय परिणाम देने की क्षमता रखता है।

उद्घाटन सत्र में केवीआईसी की अतिरिक्त सचिव एवं सीईओ सुश्री रूप राशि, जनजातीय कार्य मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव श्री मनीष ठाकुर, ट्राइफेड के प्रबंध निदेशक श्री राजमुरुगन मुथुकलाथी सहित फिक्की और अन्य संगठनों के कई गणमान्य प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

उल्लेखनीय है कि भारत ट्राइब्स फेस्ट 2026 का आयोजन जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा ट्राइफेड के सहयोग से किया जा रहा है। इसके अंतर्गत आयोजित बिजनेस कॉन्क्लेव का मुख्य उद्देश्य जनजातीय उद्यमियों को बाजार से जोड़ना, उनके उत्पादों को बढ़ावा देना तथा स्थायी आजीविका के नए अवसर सृजित करना है।

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