नई दिल्ली। गुजरात गार्जियन लिमिटेड (GGL), जो गार्जियन इंडस्ट्रीज़ और मोदी रबर लिमिटेड का एक संयुक्त उपक्रम है, ने आज अपने अंकलेश्वर संयंत्र में दूसरी फ्लोट ग्लास लाइन और वेट कोटर सुविधा के भूमिपूजन की घोषणा की। यह भारत की ग्लास विनिर्माण क्षमताओं के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
यह परियोजना निर्धारित समय-सीमा के अनुसार वर्ष 2028 के मध्य तक पूर्ण होने की अपेक्षा है। संचालन शुरू होने के बाद, नई ऊर्जा-कुशल एयर-फ्यूल आधारित फ्लोट ग्लास लाइन प्रतिदिन 1,000 मीट्रिक टन की अतिरिक्त क्षमता जोड़ेगी। इससे विभिन्न मोटाई और बड़े आकार के ग्लास का उत्पादन संभव होगा, जिन्हें ग्राहकों की उत्पादन क्षमता और प्रोसेसिंग दक्षता में सुधार के लिए डिज़ाइन किया गया है।
गार्जियन ग्लास के कार्यकारी उपाध्यक्ष गूस बुकहाउट ने कहा, “यह आधारशिला समारोह भारत में हमारी विकास यात्रा का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। यह निवेश केवल उत्पादन क्षमता बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्नत तकनीक अपनाने, आपूर्ति व्यवस्था को अधिक विश्वसनीय बनाने और ग्राहकों को उच्च गुणवत्ता वाले मूल्यवर्धित ग्लास समाधान उपलब्ध कराने की हमारी प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।”
इसके अतिरिक्त, जीजीएल प्रतिवर्ष 72,000 मीट्रिक टन क्षमता वाला नया वेट कोटर भी स्थापित करेगा। इस सुविधा में सिंगल और डबल पेंट कोटिंग क्षमता के साथ उन्नत मिरर निर्माण तकनीक का उपयोग किया जाएगा। साथ ही, उत्पादन क्षमता बढ़ाने और गुणवत्ता में एकरूपता सुनिश्चित करने के लिए पूर्णतः स्वचालित हैंडलिंग, पैकेजिंग और लॉजिस्टिक्स प्रणालियां भी स्थापित की जाएंगी।
परियोजना पूरी होने के बाद अंकलेश्वर संयंत्र फ्लोट ग्लास, दर्पण तथा विशेष कोटिंग वाले ग्लास उत्पादों के लिए एक प्रमुख एकीकृत केंद्र के रूप में कार्य करेगा। इससे देशभर के ग्राहकों को बेहतर और अधिक विश्वसनीय आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी।
एक ही स्थान पर अत्याधुनिक विनिर्माण सुविधाओं के विकास के माध्यम से जीजीएल का उद्देश्य भारत के तेजी से बढ़ते निर्माण और अवसंरचना क्षेत्र के लिए एक भरोसेमंद भागीदार के रूप में अपनी भूमिका को और सुदृढ़ करना है, साथ ही ग्राहकों और हितधारकों के लिए दीर्घकालिक मूल्य सृजित करना भी है।

