टाटा पावर-डीडीएल ने 10,000 से ज्‍यादा रूफटॉप सोलर इन्‍स्‍टॉलेशंस चालू किए, उत्तरी और उत्तर-पश्चिमी दिल्ली में 160 MWp की स्‍वच्‍छ ऊर्जा क्षमता स्थापित की

नई दिल्ली। अग्रणी पावर यूटिलिटी टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड (टाटा पावर-डीडीएल) जो करीब 90 लाख लोगों को बिजली की सप्लाई करती है, ने अप्रैल 2026 तक रिकॉर्ड 10,466 रूफटॉप सोलर इन्‍स्‍टॉलेशंस चालू किए हैं। यह उपलब्धि कंपनी की प्रमुख पहल ‘सूर्यांश’ प्रोजेक्ट के तहत रूफटॉप सोलर अपनाने में हुई अभूतपूर्व वृद्धि को दर्शाती है। कंपनी की कुल रूफटॉप सोलर कैपेसिटी अब 160.3 MWp तक पहुंच गई है, जो दिल्ली के स्वच्छ ऊर्जा ट्रांजिशन में उसकी अग्रणी भूमिका को और पुख्‍ता करती है तथा क्‍लीन एंड ग्रीन एनर्जी (स्वच्छ व हरित ऊर्जा) के प्रति सरकार के दृष्टिकोण को भी सपोर्ट करती है।

‘पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना’ के तहत् काम करते हुए टाटा पावर-डीडीएल ने अब तक रिकॉर्ड 4,375 इन्‍स्‍टॉलेशंस को सफलतापूर्वक चालू किया है, जो दिल्ली के सभी डिस्‍कॉम्‍स में सबसे ज्‍यादा है। कुल 10,466 कनेक्शन में से 8,451 कनेक्शन घरों के हैं, जिससे हजारों घर खुद बिजली बनाने वाले पावर प्लांट बन गए हैं। उत्‍पादन आधारित प्रोत्‍साहन के जरिये और ग्रिड को अतिरिक्त बिजली वापस देकर, घरेलू उपभोक्ता न केवल अपने बिजली के बिल कम कर रहे हैं बल्कि अपने परिवारों के लिए अतिरिक्त आय भी अर्जित कर रहे हैं।

क्रम संख्‍या विवरण कुल (अप्रैल 2026 तक) कुल इन्‍स्‍टॉल्‍ड कैपेसिटी (MWp)
1. कुल इन्‍स्‍टॉलेशंस 10,466 160.3
A आवासीय (घरेलू) 8,451 106.3
A(i) • पीएमएसजीवाई इन्‍स्‍टॉलेशंस 4,375 17.84
A(ii) • गैर-पीएमएसजीवाई इन्‍स्‍टॉलेशंस 4,076 88.46
B कमर्शियल एवं इंडस्ट्रियल (सीएंडआई) 2,015 54
* वित्‍त वर्ष 2026-27 के आंकड़े अप्रैल 2026 तक के हैं

वित्त वर्ष 2022 में 1,803 इन्‍स्‍टॉलेशंस और 35 MWp की स्थापित क्षमता से बढ़कर अप्रैल 2026 तक 10,466 इन्‍स्‍टॉलेशंस और 160 MWp की स्थापित क्षमता हासिल करने का यह परफॉर्मेंस डेटा रूफटॉप सोलर को अपनाने की गति में उल्लेखनीय तेजी को दर्शाता है।

वित्‍त वर्ष 2025-26 रूफटॉप सोलर अपनाने के मामले में महत्‍वपूर्ण साल साबित हुआ। इस दौरान 5,378 नए इन्‍स्‍टॉलेशंस हुए, जिनसे डिस्ट्रीब्यूटेड ग्रिड में 55.75 MWp बिजली जुड़ी और यह दिल्ली के इतिहास में एक साल में हुई सबसे ज्‍यादा बढ़ोतरी है। ‘पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना’ के तहत् होने वाले इन्‍स्‍टॉलेशंस में भी जबरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिली और वित्‍त वर्ष 2025-26 में इनकी संख्या बढ़कर 3,100 हो गई। यह रफ़्तार वित्‍त वर्ष 2026-27 में भी बनी रही और शुरुआती महीने यानी अप्रैल 2026 में ही 394 नए इन्‍स्‍टॉलेशंस चालू कर दिए गए।

रूफटॉप सोलर के लिए फाइनैंशियल पक्ष अब और भी ज्‍यादा आकर्षक हो गया है। केंद्र और राज्य सरकारों की ओर से मिलने वाली कुल 1.08 लाख रुपये तक की सब्सिडी ने इसे अपनाने की बाधाओं को काफ़ी हद तक कम कर दिया है, जिससे उपभोक्ता को महज 2 से 3 साल के भीतर ही निवेश की गई राशि की भरपाई हो जाती है। 50 से अधिक कोऑपरेटिव ग्रुप हाउसिंग सोसाइटीज (सीजीएचएस) ने पहले ही रूफटॉप सोलर अपना लिया है जबकि कमर्शियल और इंडस्ट्रियल उपभोक्ताओं ने 2,015 इन्‍स्‍टॉलेशंस किए हैं और वे बढ़ती ऑपरेशनल कॉस्‍ट से रणनीतिक बचाव के तौर पर सोलर एनर्जी का इस्तेमाल कर रहे हैं।

टाटा पावर-डीडीएल के एक प्रवक्‍ता ने कहा, ‘‘टाटा पावर-डीडीएल में हम सिर्फ बिजली वितरण ही नहीं करते हैं, बल्कि नागरिकों को ‘प्रोज्‍यूमर’ यानी अपनी खुद की स्‍वच्‍छ ऊर्जा के उत्पादक और उपभोक्ता बनने के लिए भी सशक्त बना रहे हैं। टाटा पावर-डीडीएल देश की उन पहली यूटिलिटीज में से एक है, जिसने दिल्ली इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (डीईआरसी) द्वारा मंजूर एक पायलट प्रोजेक्ट के तहत् पीयर-टू-पीयर (पी2पी) ऊर्जा ट्रेडिंग को संभव बनाया है। इस पहल के जरिये रूफटॉप सोलर उपभोक्ता स्मार्ट मीटर और डिजिटल बिलिंग सिस्टम से जुड़े सुरक्षित डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से अपनी अतिरिक्त सोलर बिजली सीधे अन्य उपभोक्ताओं को बेच सकेंगे। इससे रूफटॉप सोलर को अपनाने की गति तेज होगी और साथ ही उन्हें ज्‍यादा एन्‍वॉयरनमेंट फ्रैंडली और प्रतिस्पर्धी कीमतों पर बिजली उपलब्ध हो सकेगी। 10,000 कनेक्शन और 160 MWp का आंकड़ा पार करना इस सफर में एक अहम पड़ाव है और यह दिल्ली के ‘नेट-जीरो’ भविष्य की मजबूत बुनियाद तैयार करता है।’’

नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (एमएनआरई) की मई 2026 को “सौर माह” के रूप में मनाने की घोषणा के अनुरूप टाटा पावर-डीडीएल ने पूरे नॉर्थ दिल्ली में अपनी रूफटॉप सोलर आउटरीच और उपभोक्ता एन्‍गेजमेंट पहल को तेज कर दिया है, साथ ही यह पात्र उपभोक्ताओं को पीएमएसजीएमबीवाई के तहत् रूफटॉप सोलर अपनाने के लिए सक्रिय रूप से प्रोत्साहित भी कर रही है। टाटा पावर-डीडीएल की सफलता का मुख्य कारण उसके हाइपरलोकल उपभोक्ता जुड़ाव के प्रयास भी रहे हैं। कंपनी ने गांवों में ‘सोलर सखी’ और शहरी इलाकों में ‘सोलर एम्बेसडर’ तैनात किए हैं। विभिन्न मोहल्लों में नुक्कड़ नाटक (स्ट्रीट प्ले) आयोजित किए जाते हैं, विशेष सोलर कैंप लगाए जाते हैं और दिल्ली मेट्रो, यूनिपोल विज्ञापनों, एफएम रेडियो जिंगल्स तथा सोशल मीडिया के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाए हैं, ताकि ज्‍यादा से ज्‍यादा परिवारों को स्वच्छ और किफायती सोलर एनर्जी अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके। रियल-टाइम सोलर कैलकुलेटर, समर्पित कॉल सेंटर और व्‍हाट्सऐप हेल्पलाइन तथा एंड-टू-एंड डिजिटल ऑनबोर्डिंग ने पीएमएसजीएमबीवाई लाभार्थियों के लिए सहज उपभोक्ता एक्‍सपीरियंस सुनिश्चित किया है।

खुद मिसाल पेश करते हुए टाटा पावर-डीडीएल ने अपने 18 परिसरों को भी सोलर से लैस किया है, जिससे 2.1 MWp की कैप्टिव क्‍लीन एनर्जी पैदा हो रही है। भारत का रूफटॉप सोलर मिशन एक परिवर्तनकारी दौर में प्रवेश कर रहा है और ‘प्रोजेक्ट सूर्यांश’ एक ऐसे अनुकरणीय मॉडल के रूप में सामने आया है, जो नीतिगत दृष्टिकोण को प्रभावी लास्ट-माइल क्रियान्वयन के साथ जोड़ता है और यह दिल्ली के हर घर के लिए क्‍लीन, अफोर्डेबल तथा सस्‍टैनेबल एनर्जी की दिशा में चल रही जर्नी को गति प्रदान करता है।

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