ईशा सिंह ने म्यूनिख में स्वर्ण और विश्व रिकॉर्ड के साथ रचा इतिहास

 

रणवीर सिंह

नई दिल्ली। ओलंपियन और तीन बार की विश्व चैंपियनशिप पदक विजेता तथा दो बार की एशियाई खेल पदक विजेता ईशा सिंह ने म्यूनिख स्थित प्रतिष्ठित ओलंपिक शूटिंग रेंज में महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा के फाइनल में विश्व रिकॉर्ड और जूनियर विश्व रिकॉर्ड स्कोर 43 के साथ स्वर्ण पदक जीत लिया। इंटरनेशनल शूटिंग स्पोर्ट फेडरेशन (आईएसएसएफ) वर्ल्ड कप राइफल/पिस्टल के इस सीजन के दूसरे चरण में ईशा ने दमदार प्रदर्शन करते हुए मेजबान जर्मनी की पूर्व विश्व चैंपियन डोरीन वेनेकैंप को पांच हिट पीछे छोड़ दिया, जिन्होंने रजत पदक जीता। बुल्गारिया की मिरोस्लावा मिनचेवा ने कांस्य पदक हासिल किया, जबकि मौजूदा ओलंपिक चैंपियन यांग जिन पांचवें स्थान पर रहीं।

 

यह म्यूनिख वर्ल्ड कप में दो दिन की प्रतियोगिता के बाद भारत का पहला पदक भी रहा।

 

फाइनल के बाद ईशा ने कहा, “म्यूनिख मेरे लिए बहुत खास था। सभी जानते हैं कि यहां, खासकर पिस्टल स्पर्धा में, प्रतियोगिता का स्तर कितना ऊंचा होता है। यहां शीर्ष आठ में पहुंचना भी बेहद कठिन है। यह मेरा यहां तीसरा मौका था और मैं वास्तव में यह खिताब जीतना चाहती थी। मैं बेहद आभारी हूं और इस अनुभव का आनंद लिया। मैंने सिर्फ अपने खेल, अपनी प्रक्रिया और ट्रेनिंग पर ध्यान दिया और उसका परिणाम मिला।”

 

बड़े फाइनल में दबाव के बारे में ईशा ने कहा, “मैं बिल्कुल शांत नहीं थी। एक समय ऐसा था जब कमांड सुनने की कोशिश करते हुए मुझे अपना बायां हाथ कांपता महसूस हो रहा था। काफी दबाव था, लेकिन हमारे खेल में इससे बचा नहीं जा सकता। आपको इसका सामना करना होता है और इसे स्वीकार करना होता है। यही अनुभव की असली सीख है।”

 

शानदार प्रदर्शन

21 वर्षीय ईशा ने अपने करियर का चौथा व्यक्तिगत वर्ल्ड कप पदक जीता। बुधवार सुबह उन्होंने क्वालिफिकेशन के रैपिड-फायर राउंड में 294 का स्कोर बनाया, जिसे मंगलवार के प्रिसीजन राउंड के 293 के साथ मिलाकर कुल 587 अंक हुए और उन्होंने चौथे स्थान पर रहते हुए फाइनल में प्रवेश किया।

 

भारतीय साथी मनु भाकर और राही सरनोबत ने क्रमशः 582 और 581 अंक बनाए और 98 खिलाड़ियों के बीच 12वें और 14वें स्थान पर रहीं।

 

फाइनल में ईशा ने शुरुआत से ही दबदबा बना लिया। उन्होंने पहली तीन सीरीज में लगातार तीन परफेक्ट फाइव लगाए और बाकी खिलाड़ियों से बढ़त बना ली। डोरीन 12 हिट्स के साथ दूसरे स्थान पर थीं, जबकि वियतनाम की त्रिन्ह थू विंह 10 हिट्स के साथ तीसरे स्थान पर थीं।

 

चौथी सीरीज की पहली शॉट में ईशा से चूक हुई, जो पहला एलिमिनेशन चरण भी था, लेकिन फिर भी वह डोरीन से चार हिट आगे रहीं। ओलंपिक चैंपियन यांग जिन ने परफेक्ट फाइव के साथ तीसरा स्थान हासिल किया।

 

छठी और आठवीं सीरीज में ईशा ने फिर परफेक्ट फाइव लगाए और विश्व रिकॉर्ड की ओर बढ़ीं। पदक सुनिश्चित होने के बाद उन्होंने अंत में चार और तीन हिट लगाए और कोरिया की किम येजी द्वारा दो साल पहले बाकू में बनाए गए 42 के विश्व रिकॉर्ड को एक अंक से तोड़ दिया। उन्होंने यांग जिन के 41 के जूनियर विश्व रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया। यह प्रदर्शन किसी चैंपियन से कम नहीं था।

 

डुएस्टैंड ने जीता महिला 3पी स्वर्ण

महिलाओं की 50 मीटर राइफल 3 पोजिशन (3पी) स्पर्धा में आशी चौकसे फाइनल में पहुंचने से सिर्फ एक अंक से चूक गईं। उन्होंने 589 अंक के साथ प्रभावी रूप से 10वां (कुल 12वां) स्थान हासिल किया। स्विट्जरलैंड की एमेली जैगी ने 590 अंक के साथ आठवां और अंतिम फाइनल स्थान हासिल किया, जबकि उनकी हमवतन और मौजूदा ओलंपिक चैंपियन चियारा लियोन 587 अंक के साथ 28वें स्थान पर रहीं।

 

नॉर्वे की जेनेट हेग डुएस्टैंड ने स्वर्ण पदक जीता, जबकि ब्रिटेन की सियोनाइड मैकिन्टोश ने रजत और जर्मनी की अन्ना जानसेन ने कांस्य पदक हासिल किया।

 

अन्य भारतीय निशानेबाजों में विदार्सा विनोद ने 588 अंक के साथ कुल 14वां स्थान हासिल किया, जबकि तिलोत्तमा सेन 583 अंकों के साथ 48वें स्थान पर रहीं।

 

म्यूनिख वर्ल्ड कप के तीसरे दिन गुरुवार को सिर्फ महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा का फाइनल होगा। भारत की ओर से ओलंपियन एलावेनिल वलारिवन, आर्या बोरसे और पदार्पण कर रहीं साक्षी पडेकर चुनौती पेश करेंगी।

 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published.