मुंबई। भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को सप्ताह के अंतिम कारोबारी सत्र की शुरुआत भारी गिरावट के साथ हुई। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली और वैश्विक आईटी सेक्टर को लेकर बढ़ती चिंताओं के कारण बाजार पर दबाव देखने को मिला। खासकर आईटी क्षेत्र की दिग्गज कंपनियों के शेयरों में बड़ी गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी।
30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 557.12 अंक (0.71%) टूटकर 76,852.86 पर खुला, जबकि एनएसई निफ्टी 176.80 अंक गिरकर 23,991.20 पर पहुंच गया। इसके साथ ही निफ्टी 24,000 के महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे फिसल गया। पिछले कारोबारी सत्र में सेंसेक्स 77,409.98 और निफ्टी 24,168.00 पर बंद हुआ था।
आईटी शेयरों में बिकवाली का दबाव
बाजार में गिरावट का सबसे बड़ा कारण आईटी शेयरों में आई कमजोरी रही। वैश्विक आईटी सेवा कंपनी Accenture द्वारा अपने विकास अनुमान (Growth Guidance) में कटौती किए जाने के बाद भारतीय आईटी कंपनियों पर असर दिखाई दिया। अमेरिकी बाजार में ADR गिरने के बाद Infosys के शेयर में 8 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा Tech Mahindra, Tata Consultancy Services और HCLTech भी दबाव में कारोबार करते दिखे।
इन शेयरों ने दिखाई मजबूती
गिरते बाजार के बीच बैंकिंग और कुछ रक्षात्मक क्षेत्रों के शेयरों में मजबूती देखने को मिली। ICICI Bank, Sun Pharmaceutical Industries, Power Grid Corporation of India और Maruti Suzuki India शुरुआती कारोबार में बढ़त दर्ज करने वाले प्रमुख शेयर रहे। इनमें ICICI बैंक लगभग 0.29 प्रतिशत की बढ़त के साथ सबसे आगे रहा।
व्यापक बाजार भी लाल निशान में
सिर्फ प्रमुख सूचकांक ही नहीं, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली। बीएसई मिडकैप इंडेक्स में गिरावट दर्ज की गई, जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स 23 अंक से अधिक टूटकर 8,609.57 के स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया।
एनएसई पर बाजार की चौड़ाई भी नकारात्मक रही। शुरुआती कारोबार में 1,498 शेयर गिरावट में थे, जबकि 1,124 शेयरों में बढ़त दर्ज की गई। 105 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।
एफआईआई की बिकवाली जारी
विदेशी संस्थागत निवेशकों ने 18 जून को भारतीय बाजार से 1,025.20 करोड़ रुपये की निकासी की। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने बाजार को सहारा देते हुए 3,516.81 करोड़ रुपये की खरीदारी की।
चॉइस इक्विटी ब्रोकिंग के रिसर्च एनालिस्ट हितेश टेलर के अनुसार, वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच विदेशी निवेशकों का सतर्क रुख बना हुआ है, जिसके कारण वे लगातार बिकवाली कर रहे हैं।
एशियाई बाजारों का मिला-जुला रुख
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में एशियाई शेयर बाजारों का प्रदर्शन मिश्रित रहा। अमेरिका-ईरान शांति समझौते के बाद महंगाई को लेकर चिंताएं कम होने से वैश्विक निवेशकों का भरोसा बढ़ा है।
- Nikkei 225 0.22 प्रतिशत की बढ़त के साथ कारोबार करता दिखा।
- Hang Seng Index 1.62 प्रतिशत गिरावट के साथ लाल निशान में रहा।
- KOSPI बढ़त के साथ कारोबार करता दिखाई दिया।
- Shanghai Stock Exchange शुक्रवार को अवकाश के कारण बंद रहा।
निवेशकों के लिए संकेत
विशेषज्ञों का मानना है कि विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली और वैश्विक आईटी सेक्टर की चुनौतियां निकट भविष्य में बाजार की दिशा तय करेंगी। आईटी शेयरों में दबाव बना रह सकता है, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी बाजार को सहारा देने का काम कर सकती है।

