Venezuela Earthquake : वेनेजुएला में शक्तिशाली भूकंप से भारी तबाही, बड़े पैमाने पर जनहानि की आशंका; भारत ने मदद का भरोसा दिया

दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला में आए दो शक्तिशाली भूकंपों ने व्यापक तबाही मचाई है। एक मिनट के अंतराल में आए 7.1 और 7.5 तीव्रता के भूकंपों से कई इमारतें और मकान ढह गए हैं। स्थानीय प्रशासन राहत एवं बचाव कार्य में जुटा हुआ है। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, बड़ी संख्या में लोगों के हताहत होने की आशंका जताई जा रही है, हालांकि आधिकारिक आंकड़ों की प्रतीक्षा है।

अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार, पहला भूकंप 7.1 तीव्रता का था, जिसका केंद्र कैरेबियाई तट पर स्थित मोरोन शहर के पश्चिम में तथा राजधानी कराकास से लगभग 168 किलोमीटर दूर था। इसकी गहराई 13 किलोमीटर दर्ज की गई। इसके कुछ ही मिनट बाद 7.5 तीव्रता का दूसरा और अधिक शक्तिशाली भूकंप आया, जिसका केंद्र मोरोन से लगभग 16 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में और गहराई 10 किलोमीटर पर स्थित था।

भूकंप के बाद कई क्षेत्रों में भारी नुकसान की खबरें सामने आई हैं। कई इमारतें जमींदोज हो गई हैं और तटीय इलाकों के लिए सुनामी अलर्ट भी जारी किया गया है। इस आपदा के बाद अमेरिका सहित कई देशों ने वेनेजुएला को सहायता देने की पेशकश की है।

पीएम मोदी ने जताया दुख, हरसंभव सहायता का भरोसा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वेनेजुएला में आए विनाशकारी भूकंप पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि वे इस त्रासदी से अत्यंत दुखी हैं। प्रधानमंत्री ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की और कहा कि भारत इस कठिन समय में वेनेजुएला के साथ खड़ा है तथा हरसंभव सहायता देने के लिए तैयार है।

गृह मंत्री ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की

वेनेजुएला के गृह मंत्री डियोसदादो काबेलो ने बताया कि भूकंप के झटके देश के कई राज्यों में महसूस किए गए। राजधानी कराकास के अल्तामीरा क्षेत्र समेत कई इलाकों में भवनों को नुकसान पहुंचने और कुछ संरचनाओं के ढहने की घटनाएं सामने आई हैं।

उन्होंने नागरिकों से फिलहाल खुले स्थानों पर रहने की अपील करते हुए कहा कि आफ्टरशॉक आने की संभावना बनी हुई है, जिससे पहले से क्षतिग्रस्त इमारतों को और नुकसान पहुंच सकता है। काबेलो ने यह भी संकेत दिया कि कई लोग घायल हुए हैं।

गृह मंत्री ने वाहन चालकों से एंबुलेंस और आपातकालीन सेवाओं के वाहनों को प्राथमिकता देने तथा सड़कों को यथासंभव खाली रखने का आग्रह किया। सरकारी टेलीविजन पर प्रसारित संदेश में उन्होंने कहा कि राहत और बचाव अभियान निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत तेजी से संचालित किया जा रहा है, ताकि प्रभावित लोगों तक जल्द से जल्द सहायता पहुंचाई जा सके।

उन्होंने नागरिकों से बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने, पड़ोसियों से संपर्क बनाए रखने और जरूरतमंद लोगों की मदद करने की भी अपील की।

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