राष्ट्रीय टीम में जगह बनाना कभी आसान नहीं होता: राही सरनोबत

रणवीर सिंह


नई दिल्ली।
भारत की स्टार पिस्टल निशानेबाज और पूर्व एशियाई खेल स्वर्ण पदक विजेता राही सरनोबत ने कहा है कि भारतीय राष्ट्रीय टीम में जगह बनाना कभी आसान नहीं होता, क्योंकि देश की घरेलू चयन प्रतियोगिताएं दुनिया की सबसे कठिन प्रतिस्पर्धाओं में गिनी जाती हैं। हाल ही में महिला 25 मीटर स्पोर्ट्स पिस्टल स्पर्धा के टी4 राष्ट्रीय चयन ट्रायल में शीर्ष स्थान हासिल करने वाली राही अब चीन में होने वाले आईएसएसएफ विश्व कप और एशियाई खेलों की तैयारियों में जुटी हैं।

राही ने कहा कि चयन ट्रायल में अच्छे स्कोर से अधिक उन्हें इस बात की खुशी है कि उन्होंने दबाव के बीच अपनी प्रक्रिया को सफलतापूर्वक निभाया। उन्होंने कहा, “राष्ट्रीय टीम में जगह बनाना कभी आसान नहीं होता, क्योंकि हमारे घरेलू ट्रायल बेहद प्रतिस्पर्धी होते हैं। पिछले कुछ महीनों की मेहनत सही दिशा में जा रही है, इसका भरोसा इस प्रदर्शन से मिला है। अब लक्ष्य निरंतर सुधार करते हुए इसी लय को बनाए रखना है।”

उन्होंने कहा कि मौजूदा भारतीय टीम में अनुभवी और युवा खिलाड़ियों का शानदार संतुलन देखने को मिलता है। उनके अनुसार युवा निशानेबाज नई ऊर्जा, आत्मविश्वास और नए विचार लेकर आते हैं, जबकि अनुभवी खिलाड़ी बड़े मुकाबलों के दबाव को संभालने, धैर्य बनाए रखने और अपेक्षाओं का बेहतर प्रबंधन करने में सक्षम होते हैं। उन्होंने इसे भारतीय टीम की सबसे बड़ी ताकत बताया।

राही ने भारतीय महिला 25 मीटर पिस्टल वर्ग की प्रतिस्पर्धा को दुनिया की सबसे मजबूत प्रतिस्पर्धाओं में से एक बताते हुए कहा कि मनु भाकर और ईशा सिंह जैसी विश्वस्तरीय खिलाड़ियों के साथ रोजाना अभ्यास करने से हर खिलाड़ी अपना सर्वश्रेष्ठ देने के लिए प्रेरित होता है। उन्होंने कहा कि इसी स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और आपसी सम्मान के कारण भारतीय निशानेबाजी लगातार नए मानक स्थापित कर रही है।

अपने लंबे करियर के अनुभव साझा करते हुए राही ने कहा कि अब उनका ध्यान केवल तकनीकी प्रदर्शन पर नहीं, बल्कि मानसिक संतुलन और भावनात्मक स्थिरता बनाए रखने पर भी रहता है। उन्होंने कहा, “अनुभव ने मुझे सिखाया है कि परिणाम मेहनत का स्वाभाविक परिणाम होते हैं। अब मैं अपनी तैयारी पर भरोसा रखती हूं और हर शॉट के दौरान पूरी तरह वर्तमान में रहती हूं। अच्छे और कठिन दोनों क्षणों को बिना भावनात्मक प्रतिक्रिया दिए स्वीकार करना ही बेहतर निर्णय लेने और जल्दी वापसी करने में मदद करता है।”

राष्ट्रीय उच्च प्रदर्शन प्रशिक्षण शिविर के बारे में राही ने बताया कि इसमें मैच सिमुलेशन, तकनीकी सुधार और शारीरिक फिटनेस पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि टीम का पहला लक्ष्य विश्व कप में निरंतर और प्रभावी प्रदर्शन करना है तथा उसी आत्मविश्वास को एशियाई खेलों तक बनाए रखना है।

राही ने विश्वास जताया कि भारतीय टीम अपनी पूरी क्षमता के साथ प्रदर्शन करने के लिए तैयार है और आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश को गौरवान्वित करने का पूरा प्रयास करेगी।

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