प्रभात झा के विचार आज भी नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत: राज भूषण चौधरी

 

पूर्व भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रभात झा की दूसरी पुण्यतिथि पर संगोष्ठी, व्यक्तित्व और कृतित्व पर हुआ मंथन

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं पूर्व राज्यसभा सांसद प्रभात झा की दूसरी पुण्यतिथि के अवसर पर रविवार को हिंदी भवन, नई दिल्ली में उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में केंद्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री राज भूषण चौधरी ने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लेते हुए कहा कि प्रभात झा के विचारों ने पीढ़ियों का मार्ग आलोकित किया है। उन्होंने अपने विचार, लेखनी, संगठन क्षमता और राष्ट्र समर्पित जीवन से भारतीय जनता पार्टी को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

राज भूषण चौधरी ने कहा कि प्रभात झा केवल एक राजनेता ही नहीं, बल्कि सजग पत्रकार, संवेदनशील लेखक, कुशल संगठनकर्ता और राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानने वाले कर्मयोगी थे। उन्होंने कहा कि उनके व्यक्तित्व में आत्मीयता और विचारों में दृढ़ता का अद्भुत समन्वय था, जिसने उन्हें सार्वजनिक जीवन में विशिष्ट पहचान दिलाई।

सत्य और संगठन के प्रति प्रतिबद्ध थे प्रभात झा: रामबहादुर राय

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ पत्रकार एवं इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के अध्यक्ष रामबहादुर राय ने कहा कि प्रभात झा बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी थे। उन्होंने कहा कि प्रभात झा ने सत्य के प्रति अपनी प्रतिबद्धता बनाए रखते हुए संगठनात्मक मर्यादाओं का भी पूरी निष्ठा से पालन किया। वे उत्कृष्ट संपादक थे और भाषा पर उनका असाधारण अधिकार था।

रामबहादुर राय ने सुझाव दिया कि प्रभात झा की स्मृति में इस प्रकार के आयोजनों की निरंतरता बनाए रखी जाए तथा अगले वर्ष से उनके प्रिय विषयों पर स्मारक व्याख्यान की शुरुआत की जाए, ताकि नई पीढ़ी उनके विचारों और लेखन से प्रेरणा प्राप्त कर सके।

विचारों की स्पष्टता और मृदुल व्यक्तित्व की मिसाल थे प्रभात झा

संगोष्ठी में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित पाञ्चजन्य के संपादक हितेश शंकर ने कहा कि प्रभात झा विचारों की स्पष्टता के प्रतीक थे। उन्होंने कहा कि राजनीति में विचारों के प्रति इतनी प्रतिबद्धता रखने वाले व्यक्तित्व विरले ही देखने को मिलते हैं। शक्ति मिलने के बाद भी उनका विनम्र और सहज स्वभाव उन्हें विशिष्ट बनाता था।

कमल संदेश पत्रिका के संपादक शिव शक्ति नाथ बक्सी ने कहा कि प्रभात झा उन नेताओं में थे, जो प्रचार से दूर रहकर संगठन को मजबूत करने में विश्वास रखते थे। उन्होंने मध्य प्रदेश और दिल्ली में संगठन के विस्तार में उल्लेखनीय भूमिका निभाई।

वहीं, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार पंकज कुमार झा ने कहा कि प्रभात झा कार्यकर्ताओं को जोड़ने और उन्हें साथ लेकर चलने की अद्भुत क्षमता रखते थे। मध्य प्रदेश भाजपा में संवाद प्रमुख के रूप में उनका योगदान संगठन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण रहा।

दो पुस्तकों का हुआ लोकार्पण

कार्यक्रम के दौरान अतिथियों ने कमल संदेश के सह-संपादक संजीव सिन्हा द्वारा संपादित पुस्तक ‘प्रभात झा : व्यक्ति एवं कृतित्व’ तथा सुमित मिश्र द्वारा लिखित पुस्तक ‘नवभारत का न्याय दर्शन’ का लोकार्पण भी किया।

संगोष्ठी का संचालन संजीव सिन्हा ने किया, जबकि शरत झा ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।

कई प्रमुख हस्तियां रहीं उपस्थित

इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार अवधेश कुमार, मनोज मिश्र, विधायक अभय वर्मा, भाजपा पूर्वांचल मोर्चा दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष संतोष ओझा, विद्यानंद ठाकुर, तुष्मुल झा, अंजनी झा सहित अनेक गणमान्य नागरिक और सामाजिक-राजनीतिक क्षेत्र की प्रमुख हस्तियां उपस्थित रहीं।

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