आईएसएसएफ विश्व कप में भारत का शानदार प्रदर्शन, ईशा सिंह ने जीता स्वर्ण और मनु भाकर ने कांस्य पदक

रणवीर सिंह

हांगझोउ (चीन): आईएसएसएफ राइफल/पिस्टल/शॉटगन विश्व कप में भारतीय निशानेबाजों ने एक बार फिर शानदार प्रदर्शन करते हुए महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में दोहरे पदक के साथ देश का गौरव बढ़ाया। युवा निशानेबाज ईशा सिंह ने स्वर्ण पदक अपने नाम किया, जबकि मनु भाकर ने कांस्य पदक जीतकर भारत के पदकों की झोली में एक और उपलब्धि जोड़ दी।

फाइनल मुकाबले में ईशा सिंह ने बेहतरीन निशानेबाजी का प्रदर्शन करते हुए 40 हिट के साथ स्वर्ण पदक जीता। वहीं, पेरिस 2024 की दोहरी ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर ने कड़े मुकाबले में शानदार वापसी करते हुए शूट-ऑफ जीता और 28 हिट के साथ कांस्य पदक पर कब्जा जमाया।

इससे पहले क्वालिफिकेशन राउंड में भी भारतीय खिलाड़ियों का दबदबा देखने को मिला। मनु भाकर ने 586-20x के शानदार स्कोर के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया, जबकि ईशा सिंह 585-18x के साथ दूसरे स्थान पर रहीं। दोनों ने आसानी से आठ खिलाड़ियों के फाइनल में जगह बनाई। पूर्व एशियाई खेल स्वर्ण पदक विजेता राही सरनोबत ने 582-16x का स्कोर बनाया, जबकि रैंकिंग प्वाइंट्स ओनली (RPO) श्रेणी में खेल रही सिमरनप्रीत कौर बराड़ ने 576-20x और अभिद्न्या अशोक पाटिल ने 573-16x का प्रदर्शन किया।

स्वर्ण पदक जीतने के बाद ईशा सिंह ने कहा कि म्यूनिख विश्व कप में रिकॉर्ड प्रदर्शन के बाद इस प्रतियोगिता में मानसिक दबाव अधिक था। उन्होंने कहा, “जैसे-जैसे आप अपने खेल में बेहतर होते जाते हैं, अपेक्षाएं भी बढ़ती हैं। मुझे खुशी है कि मैं इस दबाव से उबर सकी और अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर पाई।”

ईशा ने हांगझोउ से अपने विशेष जुड़ाव का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि एशियाई खेलों में यहां चार पदक जीतने के बाद इस रेंज पर दोबारा खेलना उनके लिए बेहद उत्साहजनक रहा। रेंज, रोशनी और फाइनल हॉल का अनुभव उनके लिए फायदेमंद साबित हुआ।

कांस्य पदक विजेता मनु भाकर ने कहा कि यह पदक आगामी बड़ी प्रतियोगिताओं के लिए उनका आत्मविश्वास बढ़ाएगा। उन्होंने कहा, “यह पदक मेरे लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। इससे मुझे यह समझने में मदद मिली कि मेरी तैयारी सही दिशा में आगे बढ़ रही है। विश्व चैंपियनशिप और एशियाई खेलों जैसी बड़ी प्रतियोगिताओं से पहले यह अनुभव बेहद उपयोगी रहेगा।”

21 वर्षीय हैदराबाद की ईशा सिंह के लिए यह स्वर्ण पदक उनके करियर की एक और बड़ी उपलब्धि है। इससे पहले इस सत्र में म्यूनिख विश्व कप में उन्होंने फाइनल में 43 हिट के साथ सीनियर और जूनियर दोनों वर्गों के विश्व रिकॉर्ड स्थापित कर इतिहास रचा था। पेरिस 2024 ओलंपियन और अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित ईशा लगातार विश्व स्तर पर अपनी पहचान मजबूत कर रही हैं।

वहीं, मनु भाकर ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी निरंतरता साबित की है। पेरिस 2024 ओलंपिक में वह स्वतंत्र भारत की पहली खिलाड़ी बनी थीं, जिन्होंने एक ही ओलंपिक संस्करण में दो पदक जीतकर इतिहास रचा था। हांगझोउ विश्व कप का यह कांस्य पदक उनके शानदार करियर में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में जुड़ गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published.