सावन के पहले सोमवार पर शिवालयों में उमड़ा आस्था का सैलाब, सुबह से ही पूजा-अर्चना के लिए लगी श्रद्धालुओं की लंबी कतारें

नई दिल्ली। सावन माह के पहले सोमवार के अवसर पर देशभर के शिव मंदिरों में सोमवार सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह ब्रह्ममुहूर्त से ही शिवालयों के बाहर भक्तों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। श्रद्धालु “हर-हर महादेव” और “बोल बम” के जयघोष के साथ भगवान शिव का जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक और विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर रहे हैं।

मंदिरों में बेलपत्र, धतूरा, भांग, आक, पुष्प और फल अर्पित कर भक्त भगवान भोलेनाथ से सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और परिवार की मंगलकामना कर रहे हैं। कई स्थानों पर कांवड़िए भी पवित्र नदियों से लाया गया गंगाजल शिवलिंग पर अर्पित कर अपनी श्रद्धा व्यक्त कर रहे हैं।

देश के प्रमुख शिवधामों—काशी विश्वनाथ, महाकालेश्वर, केदारनाथ, बैद्यनाथ धाम, सोमनाथ, ओंकारेश्वर और त्र्यंबकेश्वर सहित विभिन्न राज्यों के प्रसिद्ध शिव मंदिरों में दर्शन के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया है तथा यातायात और भीड़ प्रबंधन के विशेष इंतजाम किए हैं।

हिंदू धर्म में सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए अत्यंत पवित्र माना जाता है। मान्यता है कि सावन के प्रत्येक सोमवार को श्रद्धा और भक्ति से भगवान शिव की पूजा करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं तथा जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का आगमन होता है।

मंदिरों में भजन-कीर्तन, रुद्राभिषेक और विशेष पूजन का क्रम देर रात तक जारी रहने की संभावना है। श्रद्धालुओं में पहले सावन सोमवार को लेकर विशेष उत्साह और भक्ति का वातावरण देखने को मिल रहा है।

देवघर के SDO और मंदिर के इंचार्ज रवि कुमार ने कहा, “आज श्रावण महीने का पहला सोमवार है। बहुत बड़ी संख्या में लोग आए हैं। अगर हम कल यानी रविवार के आंकड़ों को देखें, तो लगभग 1,50,000 लोगों ने दर्शन किए थे। आज हमें उम्मीद है कि लगभग 2,50,000 लोग, या शायद उससे भी ज़्यादा, पवित्र जल चढ़ाएंगे। हमने पिछले साल के अनुभवों से सीख ली है; इस बार हमने बाहरी ‘अर्घा’ (जल चढ़ाने का पात्र) को बड़ा कर दिया है, जिससे उसका आकार सात फ़ीट से ज़्यादा हो गया है। जो लोग मुख्य पूजा के लिए लंबी लाइनों में नहीं लग सकते, वे इस बाहरी ‘अर्घा’ का इस्तेमाल कर सकते हैं। लाइन लगाने की व्यवस्था को अच्छे से किया गया है, और मंदिर के अंदर और बाहर भीड़ को व्यवस्थित रखने के लिए बड़ी संख्या में बढ़ाई जा सकने वाली बैरिकेडिंग लगाई गई है। दुकानों को हटा दिया गया है ताकि पार्वती मंदिर जाने वाले रास्ते से ज़्यादा से ज़्यादा लोग उमा भवन तक पहुंच सकें और पार्वती मंदिर में जल चढ़ा सकें। पार्वती मंदिर के बाहर भी एक बड़ा बाहरी ‘अर्घा’ लगाया गया है ताकि लोगों को कोई परेशानी न हो और जो लोग लाइन में नहीं लग सकते, वे आसानी से जल चढ़ा सकें। शहर में दूसरी जगहों पर भी भीड़ को संभालने के लिए बैरिकेड्स और पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है।”

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