नई दिल्ली में पांच दिवसीय ISSF शॉटगन रेफरी कोर्स शुरू, अंतरराष्ट्रीय स्तर के तकनीकी अधिकारियों को तैयार करने पर NRAI का जोर

रणवीर सिंह

नई दिल्ली। भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ (NRAI) ने निशानेबाजी खेल के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर के तकनीकी अधिकारियों को तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए ISSF शॉटगन रेफरी कोर्स का शुभारंभ किया है। 3 से 7 अगस्त 2026 तक चलने वाला यह पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम मैच अधिकारियों के लिए प्रमुख प्रशिक्षण और प्रमाणन मंच के रूप में आयोजित किया जा रहा है।

इस कोर्स का संचालन इंटरनेशनल शूटिंग स्पोर्ट फेडरेशन (ISSF) द्वारा नामित प्रशिक्षक नूरुद्दीन अलयासी (बहरीन) कर रहे हैं, जबकि भारत के अमर जंग सिंह सह-प्रशिक्षक के रूप में सहयोग दे रहे हैं। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में भारत, सऊदी अरब और श्रीलंका के प्रतिभागी शामिल हो रहे हैं, जिससे यह क्षेत्रीय स्तर पर तकनीकी ज्ञान और सर्वोत्तम प्रक्रियाओं के आदान-प्रदान का महत्वपूर्ण मंच बन गया है।

कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में NRAI के महासचिव पवन कुमार सिंह और सचिव राजीव कुमार भाटिया ने प्रतिभागियों का स्वागत किया और इस पहल की रूपरेखा प्रस्तुत की।

तकनीकी ढांचे को मजबूत बनाने की दिशा में अहम कदम

NRAI के अध्यक्ष कालिकेश नारायण सिंह देव ने कहा कि नई दिल्ली में ISSF शॉटगन रेफरी कोर्स का आयोजन भारत में आत्मनिर्भर और मजबूत तकनीकी ढांचा विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि खेल के विकास के लिए जितने महत्वपूर्ण खिलाड़ी हैं, उतने ही महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय प्रमाणित मैच अधिकारी भी हैं। इस प्रशिक्षण से देश और क्षेत्र में शॉटगन शूटिंग प्रतियोगिताओं का संचालन वैश्विक मानकों के अनुरूप किया जा सकेगा।

देश में प्रशिक्षित रेफरियों की कमी दूर होगी

NRAI के महासचिव पवन कुमार सिंह ने कहा कि संगठन भारत में शॉटगन शूटिंग के विकास पर विशेष ध्यान दे रहा है और इसके लिए प्रशिक्षित शॉटगन रेफरियों की संख्या बढ़ाना बेहद आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि कई वर्षों से देश में प्रशिक्षित रेफरियों की कमी रही है, जिसके कारण कई घरेलू प्रतियोगिताओं के लिए भी विदेशी अधिकारियों पर निर्भर रहना पड़ता था। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम देश के विभिन्न क्षेत्रों के लिए अधिक तकनीकी रूप से दक्ष रेफरी तैयार करेगा, जो जमीनी स्तर से लेकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

उन्होंने इस पहल के लिए ISSF का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इससे भारत की तकनीकी क्षमता मजबूत होगी और शॉटगन शूटिंग के दीर्घकालिक विकास को नई गति मिलेगी।

सैद्धांतिक और व्यावहारिक दोनों तरह का प्रशिक्षण

ISSF शॉटगन रेफरी कोर्स में प्रतिभागियों को ISSF के नवीनतम शॉटगन नियमों, प्रतियोगिता संचालन, रेंज प्रबंधन, रेफरी की जिम्मेदारियों, सुरक्षा प्रोटोकॉल और उच्च स्तरीय प्रतियोगिताओं में निर्णय लेने की प्रक्रिया का विस्तृत प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

कार्यक्रम में कक्षा आधारित शिक्षण के साथ-साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण भी शामिल है, ताकि प्रतिभागी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रेफरी की भूमिका निभाने के लिए आवश्यक तकनीकी दक्षता प्राप्त कर सकें।

सफल प्रतिभागियों को मिलेगा ISSF रेफरी लाइसेंस

यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 7 अगस्त 2026 को लिखित और व्यावहारिक परीक्षा के साथ संपन्न होगा। परीक्षा में सफल प्रतिभागी, ISSF की निर्धारित लाइसेंसिंग शर्तों को पूरा करने के बाद, ISSF शॉटगन रेफरी लाइसेंस प्राप्त करने के पात्र होंगे। इसके बाद वे दुनिया भर में ISSF द्वारा मान्यता प्राप्त प्रतियोगिताओं में रेफरी के रूप में अपनी सेवाएं दे सकेंगे।

NRAI का मानना है कि यह पहल भारत में तकनीकी अधिकारियों की क्षमता को मजबूत करने और निशानेबाजी खेल को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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