लखनऊ। रक्षाबंधन के पावन पर्व के अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए एक भावपूर्ण पाती लिखी है। उन्होंने रक्षाबंधन को केवल भाई की कलाई पर रक्षा-सूत्र बांधने का पर्व नहीं, बल्कि स्नेह, विश्वास, आत्मीयता और संकल्प का पावन अवसर बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्षाबंधन परिवार को जोड़ने के साथ समाज में आपसी आत्मीयता और भाईचारे की भावना को मजबूत करता है। यह पर्व भारतीय सनातन संस्कारों की सुदृढ़ और गौरवशाली परंपरा का प्रतीक है।
स्नेह, विश्वास और रक्षा का पावन पर्व
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी पाती में कहा कि रक्षाबंधन भाई की कलाई पर बंधने वाला रक्षा-सूत्र मात्र नहीं है। यह भाई-बहन के बीच स्नेह, विश्वास और एक-दूसरे की रक्षा के संकल्प का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में पर्व केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं होते, बल्कि वे समाज को संस्कार, मूल्यों और परंपराओं से जोड़ने का काम भी करते हैं। रक्षाबंधन भी इसी परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
श्रीकृष्ण और द्रौपदी के प्रसंग का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने रक्षाबंधन की भावना को समझाने के लिए श्रीकृष्ण और द्रौपदी के प्रसंग का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जब श्रीकृष्ण की उंगली से रक्त बह रहा था, तब द्रौपदी ने अपनी साड़ी का किनारा फाड़कर उनकी उंगली पर बांध दिया था।
मुख्यमंत्री के अनुसार, द्रौपदी के इस स्नेह और आत्मीयता का प्रत्युत्तर श्रीकृष्ण ने संकट के समय उनकी रक्षा करके दिया। यह प्रसंग भारतीय संस्कृति में निहित स्नेह, विश्वास और रक्षा के पारस्परिक भाव को दर्शाता है।
नई पीढ़ी के लिए संस्कारों को जीवन का हिस्सा बनाना जरूरी
सीएम योगी ने कहा कि आज के समय में नई पीढ़ी के लिए भारतीय संस्कारों और जीवन-मूल्यों को केवल जानना ही नहीं, बल्कि उन्हें अपने आचरण का हिस्सा बनाना पहले से कहीं अधिक जरूरी है।
उन्होंने कहा कि संस्कार परिवारों को मजबूत करते हैं और समाज को एकजुट रखते हैं। यही संस्कार व्यक्ति में संवेदनशीलता, जिम्मेदारी और दूसरों के प्रति सम्मान की भावना विकसित करते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कार समानता, बंधुता और सामाजिक समरसता के भाव को भी मजबूत करते हैं। ये मूल्य समाज में आपसी विश्वास और सहयोग की भावना को बढ़ावा देते हैं।
बहन-बेटियों की सुरक्षा और सम्मान सर्वोच्च प्राथमिकता
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि रक्षा का भाव केवल पारिवारिक रिश्तों तक सीमित नहीं है, बल्कि एक संवेदनशील सरकार के संकल्प में भी दिखाई देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की बहन-बेटियों की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। सरकार का प्रयास है कि महिलाएं सुरक्षित वातावरण में आगे बढ़ें और उन्हें शिक्षा, रोजगार तथा आत्मनिर्भरता के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध हों।
सीएम योगी ने रक्षाबंधन को सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ते हुए कहा कि यह पर्व हमें महिलाओं के प्रति सम्मान, सुरक्षा और समानता की भावना को मजबूत करने का संदेश देता है।
उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि रक्षाबंधन के अवसर पर सभी लोग भारतीय संस्कारों और पारिवारिक मूल्यों को मजबूत करने का संकल्प लें तथा ऐसा समाज बनाने में योगदान दें, जहां बहन-बेटियों का सम्मान, सुरक्षा और स्वाभिमान सुनिश्चित हो।

