जयपुर। राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच पर बड़ी पहचान मिलने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। प्रदेश के शेखावाटी क्षेत्र की ऐतिहासिक और भित्तिचित्रों से सजी हवेलियों को यूनेस्को की संभावित सूची में शामिल किया गया है।
उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने बताया कि शेखावाटी के अलसीसर, बिसाऊ, चिड़ावा, चूरू, डूंडलोद, फतेहपुर, झुंझुनू, खेतड़ी, लक्ष्मणगढ़, मंडावा, महांसर, नवलगढ़, रामगढ़ और सीकर की ऐतिहासिक हवेलियों को इस सूची में जगह मिली है। यह राजस्थान की विरासत को विश्व धरोहर सूची में शामिल कराने की दिशा में अहम उपलब्धि है।
दिया कुमारी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विरासत भी, विकास भी’ के संकल्प तथा मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के नेतृत्व में राज्य सरकार राजस्थान की ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण, संवर्धन और उन्हें वैश्विक पहचान दिलाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
शेखावाटी की हवेलियां अपनी अनूठी भित्तिचित्र कला, स्थापत्य शैली और सांस्कृतिक विरासत के लिए देश-दुनिया में प्रसिद्ध हैं। हवेलियों की दीवारों पर उकेरे गए जीवंत चित्र राजस्थान की कला और तत्कालीन सामाजिक-सांस्कृतिक जीवन की समृद्ध झलक प्रस्तुत करते हैं।
अब इन हवेलियों को यूनेस्को की विश्व सांस्कृतिक धरोहर में शामिल करवाने की दिशा में आगे की प्रक्रिया और प्रयासों को गति मिलने की उम्मीद है। यह उपलब्धि राजस्थान के पर्यटन, कला और विरासत संरक्षण के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

