मुंबई : भारतपे के एंटरप्राइज पेमेंट प्लेटफॉर्म भारतपेएक्स ने शुक्रवार को ग्लोबल फिनटेक फेस्ट (जीएफएफ) 2026 में अपने पेमेंट गेटवे को पेश करने की घोषणा की। कंपनी के अनुसार, यह प्लेटफॉर्म पेमेंट स्वीकार करने, लेनदेन को विभिन्न एक्वायरिंग पार्टनर्स के बीच बुद्धिमानी से रूट करने और पेमेंट से जुड़े परिचालन को एकीकृत करने की सुविधा देता है।
भारतपे ने कहा कि भारतपेएक्स के जरिये कारोबार एक ही इंटीग्रेशन के माध्यम से कार्ड, यूपीआई, नेट बैंकिंग तथा आईएमपीएस, एनईएफटी और आरटीजीएस आधारित बैंक ट्रांसफर समेत 100 से अधिक पेमेंट विकल्प स्वीकार कर सकेंगे।
कंपनी के मुताबिक, प्लेटफॉर्म में डायनेमिक रूटिंग की सुविधा है, जो ऐतिहासिक लेनदेन सफलता दर, कार्ड बीआईएन स्तर के प्रदर्शन, सेवा की उपलब्धता और कारोबार द्वारा तय नियमों जैसे कारकों के आधार पर लेनदेन के लिए उपयुक्त एक्वायरिंग पार्टनर का चयन करती है।
भारतपे के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (पेमेंट्स) संदीप इंदुरकर ने कहा कि एंटरप्राइज पेमेंट्स की चुनौती अब केवल पेमेंट स्वीकार करने तक सीमित नहीं है, बल्कि अलग-अलग पेमेंट विकल्पों, एक्वायरिंग पार्टनर्स, सेटलमेंट, रिफंड और रिकॉन्सिलिएशन को संभालना भी महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि भारतपेएक्स को इसी जटिलता को कम करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है, ताकि कारोबार को पेमेंट लाइफसाइकिल में अधिक नियंत्रण, विश्वसनीयता और दृश्यता मिल सके।
कंपनी के अनुसार, भारतपेएक्स ई-कॉमर्स कंपनियों, फिनटेक और अन्य बड़े कारोबारों के लिए तैयार किया गया है। इसमें स्टैंडर्ड और नो-कॉस्ट ईएमआई, कार्डलेस ईएमआई, पे-लेटर, डिस्काउंट और कैशबैक जैसे विकल्पों का समर्थन है।
प्लेटफॉर्म नेटिव ओटीपी, टोकनाइजेशन और, जहां लागू हो, सीवीवी-लेस कार्ड पेमेंट की सुविधा भी देता है। इसके अलावा यूपीआई, कार्ड, नेट बैंकिंग और एनएसीएच के जरिये आवर्ती भुगतान के मामलों को भी सपोर्ट किया जाता है।
भारतपे ने बताया कि एक साझा डैशबोर्ड के माध्यम से कारोबार लेनदेन, सेटलमेंट, रिफंड, चार्जबैक और नकदी प्रवाह की निगरानी कर सकते हैं। एपीआई, कॉलबैक और वेबहुक के जरिये पेमेंट की पुष्टि, रिफंड, पेआउट, लेजर अपडेट और अन्य प्रक्रियाओं को स्वचालित किया जा सकता है।
प्लेटफॉर्म में स्प्लिट पेमेंट की सुविधा भी है, जिसके जरिये एक ही एपीआई इंटीग्रेशन से ग्राहकों के भुगतान को कई विक्रेताओं, साझेदारों या बैंक खातों में वितरित किया जा सकता है।
कंपनी के अनुसार, बैंक ट्रांसफर मैनेजमेंट सुविधा आईएमपीएस, एनईएफटी और आरटीजीएस आधारित संग्रह की पहचान, ट्रैकिंग और रिकॉन्सिलिएशन में मदद करेगी। भारतपेएक्स का पेमेंट प्रोसेसिंग सिस्टम पीसीआई डीएसएस लेवल-1 अनुपालन के साथ कार्ड पेमेंट डेटा की सुरक्षा के लिए एंटरप्राइज स्तर के नियंत्रण भी प्रदान करता है।

