ग्रेटर नोएडा वेस्ट। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, भगत सिंह नगर, ग्रेटर नोएडा वेस्ट द्वारा रविवार, 13 सितम्बर को टेक ज़ोन IV स्थित द श्रीराम यूनिवर्सल स्कूल के प्रांगण में प्रातः 8:30 बजे से 10:30 बजे तक भव्य ‘युवा एकत्रीकरण’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में नगर के सैकड़ों तरुण एवं युवा स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ युवाओं द्वारा प्रस्तुत विभिन्न योग अभ्यासों से हुआ। स्वयंसेवकों ने अनुशासित एवं सामूहिक रूप से श्रीराम योग, हनुमान योग, सुभाष योग, विवेकानंद योग तथा ताड़ासन का सुव्यवस्थित प्रदर्शन किया। योग प्रदर्शन ने युवाओं की शारीरिक क्षमता, अनुशासन, एकाग्रता और संगठनात्मक भावना का प्रभावी परिचय दिया।
इसके पश्चात आयोजित बौद्धिक सत्र में मुख्य वक्ता के रूप में मेरठ प्रांत के सह प्रांत प्रचारक श्रीमान आनंद जी का ओजस्वी एवं प्रेरणादायी मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।
युवा शक्ति को सही दिशा देने की आवश्यकता
अपने उद्बोधन में श्रीमान आनंद जी ने युवाओं की ऊर्जा को राष्ट्र निर्माण की सबसे बड़ी शक्तियों में से एक बताते हुए कहा कि युवा शक्ति यदि सही दिशा में प्रवाहित हो तो वह राष्ट्र का निर्माण कर सकती है, लेकिन यदि वही ऊर्जा दिशाहीन हो जाए तो उसके दुष्परिणाम भी सामने आ सकते हैं।
उन्होंने वर्तमान Gen Z अर्थात आज की युवा पीढ़ी का उल्लेख करते हुए कहा कि युवा अपने भीतर अपार ऊर्जा, प्रतिभा, रचनात्मकता और परिवर्तन की क्षमता रखते हैं। आवश्यकता इस बात की है कि इस ऊर्जा को केवल व्यक्तिगत मनोरंजन या भौतिक उपलब्धियों तक सीमित न रखकर समाज और राष्ट्र के व्यापक हित से जोड़ा जाए।
युवा शक्ति को समझाने के लिए उन्होंने ‘युवा यानी वायु’ का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस प्रकार वायु जीवन के लिए आवश्यक है, लेकिन अनियंत्रित होकर वही वायु तूफान का रूप ले सकती है, उसी प्रकार युवा ऊर्जा भी सही दिशा, अनुशासन और संस्कार के साथ राष्ट्र निर्माण की अद्भुत शक्ति बन सकती है।
भगत सिंह से विवेकानंद और सुभाष तक—युवाओं के लिए प्रेरणा
कार्यक्रम में युवाओं के सामने भारत के उन महान व्यक्तित्वों के उदाहरण भी रखे गए, जिन्होंने अपने जीवन के सबसे ऊर्जावान और युवा समय को राष्ट्र के उत्थान के लिए समर्पित कर दिया।
शहीद भगत सिंह ने अपने युवावस्था के दिनों में ही देश की स्वतंत्रता के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया।
स्वामी विवेकानंद ने युवाओं में आत्मविश्वास, चरित्र निर्माण और राष्ट्र चेतना का संचार करते हुए भारत के गौरव को विश्व पटल पर स्थापित किया।
वहीं नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने अपने युवा जीवन की ऊर्जा और सामर्थ्य को भारत की स्वतंत्रता के संघर्ष में लगा दिया।
इन महान विभूतियों के जीवन से प्रेरणा लेते हुए युवाओं से आह्वान किया गया कि जवानी केवल स्वयं के निर्माण के लिए नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के निर्माण के लिए भी सबसे महत्वपूर्ण समय है।
पंच परिवर्तन पर विशेष बल
श्रीमान आनंद जी ने समाज एवं राष्ट्र निर्माण के लिए संघ द्वारा प्रतिपादित ‘पंच परिवर्तन’ के विषय पर विस्तार से प्रकाश डाला और युवाओं से इन्हें अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता, परिवार प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी जीवनशैली तथा नागरिक कर्तव्यों के प्रति जागरूकता जैसे विषयों पर युवा पीढ़ी सक्रिय भूमिका निभा सकती है।
राष्ट्र निर्माण में युवाओं की निर्णायक भूमिका
उन्होंने कहा कि भारत आज विश्व के सामने एक नई शक्ति के रूप में उभर रहा है और इस परिवर्तन में भारत की युवा आबादी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। तकनीक, शिक्षा, विज्ञान, उद्यमिता, खेल, कला और सामाजिक सेवा—हर क्षेत्र में युवा भारत को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की क्षमता रखते हैं।
उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपने समय, प्रतिभा और ऊर्जा का सकारात्मक उपयोग करें तथा व्यक्तिगत सफलता के साथ-साथ समाज के प्रति अपने दायित्व को भी समझें।
भारत का वैश्विक दृष्टिकोण
अपने संबोधन में उन्होंने भारत के मूल चिंतन “वसुधैव कुटुम्बकम्” का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत की सभ्यता का मूल स्वभाव संपूर्ण मानवता के कल्याण का रहा है। भारत ने सदैव विश्व को शांति, सह-अस्तित्व और मानव कल्याण का संदेश दिया है।
उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे भारत की गौरवशाली परंपरा और आधुनिक ज्ञान-विज्ञान दोनों को साथ लेकर आगे बढ़ें और ऐसा भारत बनाने में योगदान दें जो सशक्त, आत्मनिर्भर, संस्कारित और विश्व के कल्याण का मार्गदर्शन करने वाला राष्ट्र हो।
‘परम वैभव’ की ओर बढ़ने का संकल्प
कार्यक्रम के अंत में युवाओं को राष्ट्र के प्रति अपने दायित्व का स्मरण कराते हुए भारत को परम वैभव तक ले जाने के संकल्प का आह्वान किया गया।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, भगत सिंह नगर, ग्रेटर नोएडा वेस्ट द्वारा आयोजित इस युवा एकत्रीकरण का समापन राष्ट्रभक्ति के संकल्प एवं “सर्वे भवन्तु सुखिनः” की मंगलकामना के साथ हुआ।
कार्यक्रम में नगर के अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी, स्वयंसेवक एवं प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे।

