इंडियन बैंक को लगातार तीसरे वर्ष राजभाषा कीर्ति पुरस्कार, 2025-26 में मिला द्वितीय पुरस्कार

चेन्नई। इंडियन बैंक को बैंकिंग कार्यों में हिंदी के प्रयोग और राजभाषा को बढ़ावा देने के लिए लगातार तीसरे वर्ष राजभाषा कीर्ति पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। वर्ष 2025-26 के लिए बैंक को इस पुरस्कार के तहत द्वितीय पुरस्कार प्रदान किया गया।

यह सम्मान हिंदी दिवस समारोह के अवसर पर नवी मुंबई स्थित CIDCO प्रदर्शनी केंद्र में आयोजित छठे अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन के दौरान प्रदान किया गया।

इंडियन बैंक के कार्यकारी निदेशक शिव बजरंग सिंह ने केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंदी संजय कुमार और नित्यानंद राय से यह पुरस्कार प्राप्त किया। इस अवसर पर राजभाषा विभाग की सचिव अंसुली आर्या भी उपस्थित थीं।

‘मैं दिल्ली हूं’ कॉफी टेबल बुक का विमोचन

सम्मेलन के दौरान इंडियन बैंक द्वारा प्रकाशित कॉफी टेबल बुक ‘मैं दिल्ली हूं’ का भी विमोचन किया गया। यह पुस्तक बैंक की राजभाषा और हिंदी के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाने वाली प्रमुख पहलों में शामिल है।

TOLIC को भी मिला सर्वश्रेष्ठ श्रेणी का पुरस्कार

इंडियन बैंक को नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (बैंक/वित्तीय संस्थान), चेन्नई के संयोजक के रूप में भी सर्वश्रेष्ठ श्रेणी का पुरस्कार मिला।

यह सम्मान इंडियन बैंक की मुख्य महाप्रबंधक वी.एन. माया और सहायक महाप्रबंधक (राजभाषा) एवं TOLIC सदस्य सचिव राजेश कुमार सिंह ने प्राप्त किया।

सम्मेलन में मुंबई के फील्ड महाप्रबंधक प्रनेश कुमार सहित बैंक के अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी शामिल हुए।

ग्राहक की भाषा में सेवा पर जोर

इंडियन बैंक को मिले लगातार तीसरे वर्ष के इस सम्मान को बैंकिंग सेवाओं में भाषाई समावेशन और ग्राहक-केंद्रित सेवा को बढ़ावा देने के प्रयासों की मान्यता के रूप में देखा जा रहा है।

बैंक ने कहा कि वह “Customer Service in the Customer’s Language” यानी ग्राहक की अपनी भाषा में ग्राहक सेवा उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता के साथ काम कर रहा है। राजभाषा के क्षेत्र में मिले ये सम्मान इसी प्रयास को और मजबूत करते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published.