एयरटेल बिजनेस ने लॉन्च किया ‘आईक्यू गेटवे’, सुरक्षित एंटरप्राइज मैसेजिंग के लिए नेटवर्क इंटेलिजेंस से लैस प्लेटफॉर्म

नई दिल्ली: एयरटेल बिजनेस ने सुरक्षित और भरोसेमंद एंटरप्राइज कम्युनिकेशन को मजबूत करने के उद्देश्य से ‘एयरटेल आईक्यू गेटवे’ (Airtel IQ Gateway) लॉन्च किया है। कंपनी के अनुसार, यह भारत का पहला टेलीकॉम-ग्रेड नेटवर्क इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म है, जो विभिन्न ग्राहक संचार माध्यमों को एक सुरक्षित नियंत्रण प्लेटफॉर्म पर एकीकृत करता है।

डीपीडीपी-अनुपालक यह प्लेटफॉर्म एंटरप्राइज को SMS, WhatsApp, RCS, बिजनेस वॉइस और नंबर वेरिफिकेशन के लिए साइलेंट ऑथेंटिकेशन जैसी सेवाओं को एक ही प्लेटफॉर्म से प्रबंधित करने की सुविधा देता है। इसका उद्देश्य कारोबारों को अलग-अलग सेवा प्रदाताओं और संचार चैनलों के प्रबंधन की जटिलता से राहत देना तथा ग्राहकों के साथ होने वाले डिजिटल संवाद को अधिक सुरक्षित और भरोसेमंद बनाना है।

एक प्लेटफॉर्म पर कई संचार चैनल

एयरटेल बिजनेस के मुताबिक, वर्तमान में कई कंपनियों को ग्राहक संचार के लिए अलग-अलग सेवा प्रदाताओं और टूल्स पर निर्भर रहना पड़ता है। इससे संदेशों की वास्तविक डिलीवरी की स्थिति पर सीमित जानकारी मिलती है और कई बार विफल संदेशों के बावजूद डिलीवरी रिपोर्ट सफल दिखाई दे सकती है।

इसके अलावा, बॉट्स के जरिए होने वाली अंतरराष्ट्रीय ओटीपी पंपिंग से कंपनियों के संचार खर्च में अनावश्यक वृद्धि हो सकती है। वहीं, स्वीकृत मैसेज टेम्पलेट्स के मैनुअल प्रबंधन में भी गलतियों की संभावना बनी रहती है।

विशेष रूप से बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं और बीमा, सरकारी सेवाओं, ई-कॉमर्स और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में सुरक्षित और विश्वसनीय ग्राहक संचार महत्वपूर्ण है। धोखाधड़ी वाले संदेशों और डिजिटल घोटालों की बढ़ती चुनौती के बीच ऐसे मामलों का असर ग्राहक विश्वास के साथ-साथ कंपनियों की ब्रांड प्रतिष्ठा पर भी पड़ सकता है।

नेटवर्क इंटेलिजेंस से सुरक्षा

एयरटेल आईक्यू गेटवे इन चुनौतियों से निपटने के लिए एयरटेल की नेटवर्क-स्तरीय फ्रॉड प्रोटेक्शन क्षमताओं को मूल संदेश प्रारूप प्रणाली (DLT) के साथ जोड़ता है। इसमें सेवा प्रदाता के विफल होने की स्थिति में दूसरे प्रदाता पर स्वचालित स्विचिंग और SMS, WhatsApp, RCS तथा वॉइस जैसे विभिन्न माध्यमों के बीच बुद्धिमत्तापूर्ण रूटिंग की सुविधा भी शामिल है।

प्लेटफॉर्म में Airtel IQ Verify और Silent Authentication जैसी नेटवर्क-आधारित सुरक्षा सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। कंपनी के अनुसार, IQ Verify नेटवर्क, डिवाइस और उपयोग से जुड़े संकेतों का आकलन कर धोखाधड़ी वाले खातों के निर्माण को रोकने और वास्तविक ग्राहकों को संभावित धोखाधड़ी से सुरक्षित रखने में मदद करता है।

वहीं, Silent Authentication लॉगिन और SIM-बाइंडिंग के दौरान OTP SMS की आवश्यकता को कम करता है। यह जांचता है कि उपयोगकर्ता द्वारा दर्ज किया गया मोबाइल नंबर उसी डिवाइस में सक्रिय SIM से मेल खाता है या नहीं। इससे SIM बदलकर की जाने वाली धोखाधड़ी और सोशल इंजीनियरिंग से जुड़े जोखिमों को कम करने में मदद मिल सकती है।

रियल टाइम में संदेशों की स्थिति की जानकारी

आईक्यू गेटवे एंटरप्राइज को एक ही डैशबोर्ड पर ग्राहक संचार का प्रबंधन करने की सुविधा देता है। इसमें रियल टाइम एनालिटिक्स और संदेशों की डिलीवरी स्थिति की जानकारी उपलब्ध होती है।

नेटवर्क स्तर पर उपलब्ध संदेश-प्रेषण रिपोर्ट के माध्यम से कंपनियां यह पता लगा सकती हैं कि संदेश वास्तव में ग्राहक तक पहुंचा या नहीं। इससे संचार प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने और ग्राहक अनुभव को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।

ऑन-प्रिमाइसेज या क्लाउड पर तैनाती का विकल्प

एयरटेल के अनुसार, आईक्यू गेटवे को मौजूदा कम्युनिकेशन वर्कफ्लो और सेवा प्रदाताओं के सिस्टम के साथ एकीकृत किया जा सकता है। एंटरप्राइज अपनी जरूरत और सुरक्षा संबंधी आवश्यकताओं के अनुसार इसे अपने परिसर में तैनात कर सकते हैं या एयरटेल के क्लाउड पर Software-as-a-Service (SaaS) के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं।

कंपनी ने बताया कि यह प्लेटफॉर्म देशभर में लॉन्च किया गया है और चुनिंदा बैंकों, वित्तीय संस्थानों तथा अन्य संबंधित उद्योगों के साथ सफल परीक्षण के बाद उपलब्ध कराया गया है।

‘हर डिजिटल संवाद की नींव भरोसे पर आधारित हो’

एयरटेल बिजनेस के सीईओ शरत सिन्हा ने कहा कि भारत तेजी से सुरक्षित और समावेशी डिजिटल अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रहा है, ऐसे में प्रत्येक डिजिटल संवाद की नींव भरोसे पर आधारित होना जरूरी है।

उन्होंने कहा कि एयरटेल ने अपने मोबाइल और डिजिटल सेवाओं के माध्यम से उपभोक्ताओं को सुरक्षित रखने में नेटवर्क-स्तरीय फ्रॉड डिटेक्शन की क्षमता को साबित किया है। आईक्यू गेटवे के माध्यम से इसी विशेषज्ञता को एंटरप्राइज तक पहुंचाया जा रहा है, ताकि कंपनियां अपने ब्रांड पर भरोसा कायम रखते हुए ग्राहकों के साथ होने वाले संवाद को सुरक्षित, प्रमाणित और निर्बाध बना सकें।

सिन्हा के मुताबिक, नेटवर्क स्तर पर सुरक्षा और भरोसे को शामिल करके बैंक, सरकारी विभाग और लॉजिस्टिक्स कंपनियां साइबर अपराध से होने वाले नुकसान को कम करने तथा ग्राहक संचार की विश्वसनीयता बढ़ाने में सक्षम हो सकती हैं।

इंडिया मोबाइल कांग्रेस में किया जा सकेगा अनुभव

एयरटेल बिजनेस ने बताया कि 7 से 10 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होने वाले इंडिया मोबाइल कांग्रेस में उसके बूथ पर एयरटेल आईक्यू गेटवे का अनुभव लिया जा सकेगा।

कंपनी के अनुसार, यह प्लेटफॉर्म एंटरप्राइज को अपने विभिन्न ग्राहक संचार चैनलों को एकीकृत करने के साथ-साथ नेटवर्क इंटेलिजेंस और फ्रॉड प्रोटेक्शन का लाभ उठाने में मदद करेगा।

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