दीपिका ने रचा इतिहास, पोलिग्रास मैजिक स्किल अवॉर्ड जीतने वाली पहली भारतीय बनीं

रणवीर सिंह

नई दिल्ली। भारतीय महिला हॉकी टीम की फॉरवर्ड खिलाड़ी दीपिका ने इतिहास रचते हुए प्रतिष्ठित पोलिग्रास मैजिक स्किल अवॉर्ड जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनने का गौरव हासिल किया है। दुनियाभर के हॉकी प्रशंसकों ने दीपिका को उनके शानदार गोल के लिए वोट देकर यह सम्मान दिलाया। यह गोल उन्होंने 2024-25 एफआईएच हॉकी प्रो लीग के भुवनेश्वर चरण में दुनिया की नंबर-1 टीम नीदरलैंड्स के खिलाफ किया था।

महज 21 वर्षीया दीपिका ने यह गोल 35वें मिनट में किया, जब भारत 0-2 से पिछड़ रहा था। उन्होंने बाएं फ्लैंक से डच डिफेंस को चीरते हुए बेसलाइन के साथ ड्रिब्लिंग की, एक डिफेंडर की स्टिक के ऊपर से गेंद को चिप किया और गोलकीपर को चकमा देकर गेंद को गोलपोस्ट में पहुंचाया। इस शानदार फील्ड गोल ने न सिर्फ भारत के लिए स्कोरिंग की शुरुआत की, बल्कि टीम को 2-2 की बराबरी तक पहुंचाया, जिसके बाद भारत ने शूटआउट में जीत दर्ज की।

पोलिग्रास मैजिक स्किल अवॉर्ड एफआईएच हॉकी प्रो लीग के सबसे रचनात्मक और स्किलफुल पलों को सम्मानित करता है। इस वर्ष महिला वर्ग में दीपिका के अलावा स्पेन की पैट्रिसिया अल्वारेज़ और ऑस्ट्रेलियाई महिला टीम के एक गोल को नामांकित किया गया था। विजेता का चयन पूरी तरह से वैश्विक प्रशंसकों के वोट के आधार पर किया गया, जिसमें दीपिका सबसे आगे रहीं।

पुरुष वर्ग में यह अवॉर्ड बेल्जियम के विक्टर वेगनेज़ को मिला, जिन्होंने स्पेन के खिलाफ एक शानदार मिडफील्ड मूव के जरिए टीम गोल में भूमिका निभाई थी।

अवॉर्ड जीतने के बाद दीपिका ने खुशी जताते हुए कहा, “यह मेरे लिए बहुत गर्व का क्षण है। नीदरलैंड्स जैसी मजबूत टीम के खिलाफ वो गोल मेरे करियर का खास पल था और अब यह सम्मान मिलना मेरे लिए बेहद भावनात्मक है। मैं अपने साथियों, कोचों, परिवार और सभी प्रशंसकों की आभारी हूं, जो मुझे हर दिन प्रेरणा देते हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “यह पुरस्कार केवल मेरा नहीं है, यह पूरे भारतीय हॉकी का है। आइए हम सब मिलकर आगे और मेहनत करें और भारत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएं।”

दीपिका की इस ऐतिहासिक उपलब्धि से भारत का हॉकी जगत गर्वित है और देशभर में उनके इस शानदार प्रदर्शन की सराहना हो रही है।

 

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