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सामाजिक सरोकार की फिल्म को दर्शकों ने सराहा

नई दिल्ली। वैश्विक प्रकृति फिल्म महोत्सव के तीसरे दिन सेमिनार से शुरुआत हुई जिसमें स्टेट ऑफ सांइस जनर्लिज्म इन इंडिया विषय पर खास चर्चा हुई। इस सेमिनार की शुरुआत विश्व मित्र परिवार के संस्थापक गुरुजी भू के उद्बोधन से हुआ। गुरुजी भू ने कई ऐसी जानकारी दी जिसे जानकर श्रोता गदगद हो गए। गुरु जी ने सेमिनार को संबोधित करते हुए कहा कि महर्षि भारद्वाज ने चलचित्र का अविष्कार किया था। आज इस चलचित्र के माध्यम से पर्यावरण प्रदूषण को नियंत्रण किया जा सकता है। गुरु जी ने कहा कि हमने ऐसी शुरुआत की जिससे पीढ़ियां याद रखेगी। सेमिनार को संबोधित करते हुए राजीव पुंडिर ने कहा कि गुरुजी ने जो कदम बढ़ाया है वह अद्भूत है। प्रकृति संरक्षण आज की आवश्यकता है। जिस सोच के साथ गुरु जी ने शुरुआत की यह अविश्वसनीय है इसके लिए आगे और प्रयास करने की आवश्यकता है।
ग्लोबल प्रकृति फिल्म महोत्सव के खास सेमिनार को संबोधित करते हुए कर्नल मेहर सिंह दहिया ने कहा कि आज कहा जा रहा है कि किसान मरने को है लेकिन हो इसके उलट रहा है अब उपभोक्ता मरने के करीब है। फिल्म अब मैसेज ओरिएंटेड होना चाहिए। आने वाली पीढ़ी को ध्यान में रखकर मूवी बनाए जाने की जरूरत है। जिस पर कार्य किया जाने चाहिए। कर्नल मेहर सिंह दहिया ने कहा कि आज रिसर्च अधूरा है, नए सिरे से नए मुद्दे लाने होंगे। इसके लिए गुरु भू को प्रयास करने होंगे।
इस खास सेमिनार को संबोधित करते हुए किसान नेता जोगिंदर सिंह तोमर ने कहा कि समस्या का समाधान खोजने की जरूरत है। आज सभी पार्टियों में किसान मोर्चा है लेकिन हालत सबको पता है। इस ओर ध्यान देने की जरूरत है। इस सेमिनार के अंत में धन्यवाद ज्ञापन करते हुए गुरु जी भू ने कहा कि जिस प्रकार से दंगल मूवी ने हमें संदेश दे गया है इस ओर और कार्य करने की जरूरत है। अभी ऐसी मूवी बनाने की जरूरत है जिसपर कार्य किया जाना चाहिए।
सेमिनार के बाद फिल्म दिखाने का सिलसिला शुरु हुआ जिसमें सबसे पहले चेंजिंग द विंड मूवी दिखाया गया जिसमें यह संदेश दिया गया कि तर्जुबा और युवा की ताकत आपको आगे ले जाएगी। तर्जुबा को कभी अनदेखी नहीं किया जाना चाहिए। इस मूवी को डॉलीवुड के संस्थापक व अध्यक्ष राम कृष्ण देव ने बनाया है। आज जो मूवी दिखाई गई जो दर्शकों को झकझोर दिया वह थी द ब्लाइंड गेम। इस फिल्म के निर्देशक राजीव पुंडिर थे। इनकी यह मूवी क्रिमिनल बैकग्राउंड पर बनी हुई थी। इस फिल्म की थीम था क्रिमिनल बैकग्राउंड के लोगों को भी बदला जा सकता है। इस फिल्म में समस्या का आधा समाधान दिया गया है। निर्देशक का कहना है कि इसका दूसरा पार्ट आप जल्द ही देखेंगे। द ब्लाइंड गेम को इंदौर फिल्म फेस्टिबल में अवार्ड भी मिल चुका है।
इस मूवी के बाद पर्यावरण संरक्षण पर एक गाना दुनिया बचाओ दिखाया गया जिसमें एक ही गाने में पर्यावरण संकट पर चर्चा की गई। इस गाने के बोल थे दुनिया बचाओ। पर्यावरण संकट पर इस गाने को डॉ राजेंद्र सिंह ने खास तौर पर बनाया। दीपक कुमार के ऊपर यह गाना फिल्माया गया। राजेंद्र सिंह ने कहा कि हमारा उद्देश्य यह है कि आम लोगों को इस गाने से जगाया जाए। जिस प्रकार से हमलोग पेड़ लागने की बात कह रहे हैं लेकिन इससे केवल दो फीसदी ही समस्या का हल निकलेगा। इस मूवी के बाद इंडोनेशिया की मूवी सोकोला रिम्बा दिखाया गया। जिसे देखकर लोगों का मन भर आया। डॉ राजेंद्र सिंह के द्वारा निर्देशित मूवी महापाप बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ पर आधारित थी। इस फिल्म में दीपक कुमार और सुनीता चौधरी मुख्य भूमिका में हैं। जिसे लोगों ने काफी सराहा। दीपक कुमार उभरते हुए कलाकार हैं वहीं निर्देशक, प्रोड्यूसर डॉ राजेंद्र सिंह सामाजिक सुधार आधारित मूवी बनाने में विश्वास रखते हैं जिससे समाज को लाभ मिले। डॉ राजेंद्र सिंह के द्वारा निर्देशित जल प्रदूषण पर फिल्में दिखाई गई।
गौरतलब है कि ग्लोबल प्रकृति फिल्म महोत्सव का आयोजन कांस्टिट्यूशन क्लब में 25 से 30 दिसंबर तक आयोजित किया गया है। जिसमें सेमिनार के साथ 100 से अधिक फिल्में दिखाई जा रही है।

 

टीम डिजिटल

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