स्वास्थ्य आंकड़ों की बढ़ेगी गुणवत्ता, आईसीएमआर ने बनाया नया मंच


नई दिल्ली / टीम डिजिटल। 
देश में सेहत की गुणवत्ता और जनसंख्या अनुपात में सुधार के लिए भारतीय चिकित्सा शोध परिषद (आईसीएमआर) ने हाल ही में एक एकीकृत राष्ट्रीय स्तर के मंच (फोरम) का शुभारंभ किया, जिसकी मदद से ज्ञान संबंधी अंतर को कम करने और नीति निर्माण के काम में तेजी लाने में मदद मिलेगी।

यह नेशनल डाटा लर्निंग क्वॉलिटी फोरम (एनडीक्यूएफ) वैज्ञानिक और तथ्य आधारित पहल एवं नियमित होने वाले सम्मेलनों व कार्यशालाओं से मिलने वाले निर्देश कार्यकलापों को एकीकृत करने का काम करेगा। एनडीक्यूएफ को सरकार के शोध संस्थान राष्ट्रीय चिकित्सा सांख्यिकी संस्थान और वैश्विक गैर लाभकारी संस्थान पापुलेशन काउंसिल की मदद से शुरू किया गया है ।

लॉन्चिंग के समय आईसीएमआर के महानिदेशक डॉ बलराम भार्गवा और जनसांख्यिकी विज्ञान के महानिदेशक डॉ जी एस निदेशक आईसी भी मौजूद रहे। बता दें कि सम्मेलन के माध्यम से वैज्ञानिक और साक्ष्य आधारित पहलू पर चर्चा की गई और सम्मेलन के दौरान लोगों को जानकारी भी दी गई। सम्मेलन में प्रोटोकॉल्स, डाटा संग्रहण स्टॉक और प्रसार के कार्य के बारे में बताया गया। प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद डॉक्टर पॉल ने बताया कि किसी भी सेक्टर में डिटेल का होना बेहद जरूरी है। देश की तरक्की में डाटा का अहम योगदान होता है। उन्होंने कहा कि अगर हम स्वास्थ संबंधित मुद्दे की बात करें तो हेल्थ रिलेटेड डाटा होने से रिवाइवल होने में आसानी रहेगी और डाटा ही देश को ठीक डायरेक्शन में ले जा सकता है।
डॉ पॉल ने कहा कि हमने फॉर्म भी लॉन्च किया है और इसमें हमें हर तरीके से हेल्थ रिलेटेड डाटा प्राप्त होंगे। साथ ही इस डाटा को आप पढ़ाई में और सर्वे में शामिल कर सकते हैं जिससे देश काफी आगे जाएगा।

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